Diya Rituals: शाम का समय घर में शांति और सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखने के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, इस समय दीपक जलाने की परंपरा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि ऊर्जा संतुलन से भी जुड़ी हुई है। मान्यता है कि यदि दीपक को सही समय, उचित स्थान और विधि के अनुसार जलाया जाए, तो घर में सुख-समृद्धि और मानसिक शांति बनी रहती है। वहीं लापरवाही या गलत तरीके से दीपक जलाने पर इसका विपरीत प्रभाव भी देखने को मिल सकता है। वास्तु के अनुसार दीपक जलाने की सही आदत तनाव और आर्थिक परेशानियों को कम करने में सहायक होती है। आइए जानते हैं दीपक जलाने का उचित समय, स्थान और तरीका क्या होता है।
Diya Jalane Ke Niyam: क्या है दीपक जलाने का सही समय? छोटी सी गलती दे सकती है नकारात्मक प्रभाव
Diya Jalane Ke Niyam: वास्तु के अनुसार दीपक जलाने की सही आदत तनाव और आर्थिक परेशानियों को कम करने में सहायक होती है। आइए जानते हैं दीपक जलाने का उचित समय, स्थान और तरीका क्या होता है।
शाम को दीपक जलाने का महत्व
शाम के समय दीपक जलाने से दिनभर की नकारात्मक ऊर्जा कम होती है और घर में सुकून का माहौल बनता है। हालांकि इसके लिए सही समय और विधि का पालन जरूरी है, क्योंकि गलत तरीके से दीपक जलाने से मानसिक दबाव और धन संबंधी परेशानियां बढ़ सकती हैं। दीपक हमेशा साफ-सुथरे वातावरण और शांत मन से जलाना चाहिए।
दीपक जलाने का शुभ समय
घर में दीपक जलाने का सबसे उत्तम समय सूर्यास्त के तुरंत बाद माना गया है। इस समय दीपक जलाने से पूरे दिन की थकान और नकारात्मकता दूर होती है। बहुत देर रात या पूरी तरह अंधेरा होने के बाद दीपक जलाना विशेष लाभ नहीं देता। यदि रोज़ एक निश्चित समय पर दीपक जलाया जाए, तो घर में सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है।
दीपक जलाने की सही जगह
वास्तु शास्त्र के अनुसार, घर के मंदिर या ईशान कोण में दीपक जलाना सबसे शुभ माना जाता है। यदि घर में पूजा स्थान उपलब्ध न हो, तो मुख्य द्वार के पास दीपक जलाया जा सकता है। ऐसा करने से नकारात्मक ऊर्जा घर में प्रवेश नहीं कर पाती।
गलत तरीके से दीपक जलाने के नुकसान
यदि दीपक गलत समय, गलत दिशा या बिना स्वच्छता के जलाया जाए, तो घर में तनाव, मानसिक अशांति और आर्थिक समस्याएं बढ़ सकती हैं। साफ-सफाई और दिशा का ध्यान न रखने पर सकारात्मक ऊर्जा के बजाय नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव बढ़ सकता है।
- दीपक के लिए घी का प्रयोग श्रेष्ठ माना गया है।
- यदि घी उपलब्ध न हो, तो सरसों के तेल का दीपक भी शुभ फल देता है।
- दीपक जलाते समय मन और विचार सकारात्मक रखें।
- हाथ अच्छी तरह साफ करके ही दीपक जलाएं।
- दीपक को फूंक मारकर न बुझाएं, बल्कि हाथ से ही बुझाना उचित माना जाता है।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।