ज्योतिष और लाल किताब में काला धागा के उपाय बेहद प्रचलित है। दरअसल, काल धागा शनि ग्रह से संबंधित है। शनि दोष बचने के लिए काला धागा बांधने की सलाह दी जाती है। लेकिन काला धागा शरीर के किसी भी अंग पर बांधने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरुरी है।
शरीर में काला धागा बांधने से पहले जरूर रखें इन बातों का ध्यान
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ज्योतिष में काला धागा के उपाय
ज्योतिष के अनुसार, कुंडली में अनुकूल ग्रहों की दशा या प्रतिकूल ग्रहों के दोष के निवारण के लिए काले धागे का उपाय करना चाहिए। जैसे शनिवार के दिन काले धागे को हनुमान जी के पैरों का सिंदूर लगाकर गले में धारण किया जाए तो इससे इंसान को रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
बुरी नजर से बचाता है काला धागा
काला धागा बुरी नजर से बजाता है। ग्रामीण भारत में आज भी मायें अपने बच्चे को बुरी नजर से बचाने के लिए काला टीका लगाती हैं या अपने बच्चों के हाथों अथवा पैरों में काला धागा बांधती हैं। काला धागा इंसान को बुरी शक्तियों से बचाता है। काले धागे के प्रभाव से इंसान को बुरी नजर भी नहीं लगती है।
सबसे पहले काले धागे को मंत्रों से करें सक्रिय
सबसे पहले काला धागा किस उद्देश्य से बांध रहें हैं यह मालूम होना चाहिए। उसे संबंधित मंत्रों से सक्रिय करना चाहिए। उसके बाद ही काले धागे को धारण करना चाहिए। जैसे नीचे दिया गया रुद्र गायत्री मंत्र काले धागे के प्रभाव को और भी बढ़ा देता है। काले धागे को बांधने के पश्चात इस मंत्र का रोजाना पाठ करना चाहिए।
मंत्र - ॐ तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि
तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
शुभ मुहूर्त में बांधे काला धागा
इसे शुभ मुहूर्त जैसे अभिजीत या ब्रह्म मुहूर्त में पहनना चाहिए। इस संबंध में आप किसी ज्योतिषी की मदद भी ले सकते हैं। जिस हाथ या पैर में काला धागा बंधा हो उस हाथ में किसी अन्य रंग का धागा नहीं बांधना चाहिए। क्योंकि यह शुभ नहीं होता है। अगर आप शनि ग्रह की मजबूती के लिए काला धागा बांध रहे हैं तो इसे शनिवार के दिन बांधना अच्छा माना जाता है।