दशहरा हिंदू धर्म के प्रमुख त्योहारों में से एक है। इसे विजयादशमी के नाम से भी जाना जाता है। यह पर्व बुराई पर अच्छाई और अधर्म पर धर्म की जीत का संदेश देता है। हर साल अश्विन मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को दशहरा मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इसी दिन भगवान श्रीराम ने लंकापति रावण का वध किया था। वहीं, देवी दुर्गा ने नौ दिनों तक चले युद्ध के बाद दसवें दिन महिषासुर का संहार किया था। इसी वजह से विजयादशमी को विजय, साहस और नई शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। दशहरे के अवसर पर देश के अलग-अलग हिस्सों में रावण, मेघनाद और कुंभकर्ण के पुतलों का दहन किया जाता है। कई जगहों पर रामलीला का आयोजन होता है और मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की जाती है। इस दिन शस्त्र पूजन की परंपरा भी है। मान्यता है कि विजयादशमी पर शुभ कार्यों की शुरुआत करना मंगलकारी होता है। हालांकि, धार्मिक परंपराओं में कुछ ऐसे कामों का भी उल्लेख मिलता है, जिन्हें इस दिन करने से बचने की सलाह दी जाती है। दशहरा 2026 में 20 अक्टूबर को मनाया जाएगा। ऐसे में अगर आप भी इस पर्व को पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ मनाना चाहते हैं, तो कुछ जरूरी बातों का ध्यान रखना चाहिए। आइए जानते हैं विजयादशमी के दिन किन कामों से बचने की सलाह दी जाती है और दशहरे से जुड़े प्रमुख धार्मिक नियम क्या हैं।
दशहरा 2026: विजयादशमी पर भूलकर भी न करें ये 5 काम, जानें दशहरे के जरूरी नियम
धर्म डेस्क, अमर उजाला
Published by: श्वेता सिंह
Updated Mon, 19 Oct 2026 10:14 AM IST
सार
दशहरा यानी विजयादशमी बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक है। इस दिन पूजा-पाठ और धार्मिक परंपराओं का विशेष महत्व माना जाता है। मान्यता है कि दशहरे पर कुछ गलतियों से बचना चाहिए। आइए जानें विजयादशमी 2026 पर कौन-से 5 काम भूलकर भी नहीं करने चाहिए और क्या हैं जरूरी नियम।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन