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DICGC Insurance: बैंक में जमा हैं लाखों रुपये, अगर बैंक दिवालिया हो जाए तो क्या मिलेंगे पैसे वापस?
यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: संकल्प सिंह
Updated Thu, 29 Jan 2026 05:44 PM IST
सार
क्या आपने कभी इस बारे में सोचा है कि अगर आपका बैंक दिवालिया हो जाए तो इस स्थिति में आपके पैसों के साथ क्या होगा? क्या आपको पूरे पैसे वापस मिलेंगे?
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Bank DICGC Insurance Limit
- फोटो : Adobe Stock
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भारत में करोड़ों लोग अपने बचत के पैसों को बैंक में जमा करके रखते हैं। बैंक में पैसा जमा करके रखना निवेश और सुरक्षा दोनों के लिहाज से अच्छा माना जाता है। वहीं कई बार बैकों के दिवालिया होने की खबर भी सामने निकलकर आती रहती है। ऐसी स्थिति में जमाकर्ताओं की चिंता काफी बढ़ जाती है। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर बैंक दिवालिया हो जाए तो जमाकर्ता के पैसों का क्या होगा? इसी चिंता को दूर करने के लिए भारत सरकार ने डिपॉजिट इंश्योरेंस एंड क्रेडिट गारंटी कॉरपोरेशन (DICGC) के तहत जमा राशि पर बीमा सुरक्षा प्रदान करती है।
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साल 2020 में केंद्र सरकार ने कानून में संशोधन करते हुए इस बीमा सीमा को बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दिया था। इसका अर्थ यह है कि यदि कोई बैंक डिफॉल्ट होता है, तो जमाकर्ताओं को एक तय सीमा तक उसकी जमा राशि सुरक्षित रूप से वापस मिल सकती है।
अगर किसी बैंक की वित्तीय स्थिति खराब हो जाती है और वह डिफॉल्ट की स्थिति में पहुंच जाता है, तो DICGC एक्ट के तहत बीमा क्लेम की प्रक्रिया शुरू होती है। कई मामलों में देखने को मिलता है कि सरकार बैंक को डिफॉल्ट होने से बचाने के लिए उसका किसी बड़े बैंक के साथ मर्ज कर देती है।
ऐसे हालात में जमाकर्ताओं का पैसा पूरी तरह सुरक्षित रहता है और खातों का संचालन सामान्य रूप से जारी रहता है। हाल के वर्षों में कई बैंकों के विलय इसका प्रमुख उदाहरण हैं। बैंकों का दूसरे बैंकों के साथ विलय होने पर ग्राहकों को किसी बड़े नुकसान का सामना नहीं करना पड़ता है।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि आपको एक ही बैंक में बड़ी राशि रखने से बचना चाहिए। 5 लाख रुपये की बीमा सीमा को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग बैंकों में पैसा बांटना ही समझदारी है। इससे जोखिम कम होता है और आपात स्थिति में आपके पैसे भी सुरक्षित रहते हैं।
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