सब्सक्राइब करें

Credit Score: क्या बार-बार चेक करने से कम होता है सिबिल स्कोर? जान लें इससे जुड़े हर सवाल का जवाब

यूटिलिटी डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: Shikhar Baranawal Updated Tue, 24 Mar 2026 01:33 PM IST
सार

CIBIL Score Myths And Facts: सिबिल स्कोर को लेकर अक्सर लोगों के मन में कई तरह के मिथक रहते हैं। इसी कड़ी में बहुत से लोगों को लगता है कि खुद से बार-बार क्रेडिट स्कोर चेक करने से सिबिल कम होता है। आइए इस लेख में इसी की सच्चाई के बारे में जानते हैं।

विज्ञापन
Does Checking Credit Score Frequently Lower It? CIBIL Score Myths & Facts in hindi
सिबिल स्कोर - फोटो : अमर उजाला

Soft vs Hard Credit Inquiry Explained: क्रेडिट स्कोर (जैसे CIBIL स्कोर) 300 से 900 के बीच की एक 3-अंक संख्या होती है जो आपकी वित्तीय विश्वसनीयता को दर्शाती है। यह आपके लोन लेने और क्रेडिट कार्ड का समय पर भुगतान करने के इतिहास पर आधारित होता है। क्रेडिट स्कोर आज के समय में आपकी वित्तीय पहचान का एक बड़ा पिलर बन चुका है। होम लोन से लेकर पर्सनल लोन तक, हर जगह इसकी अहमियत होती है।



अक्सर लोगों के मन में यह डर रहता है कि अपना क्रेडिट स्कोर बार-बार चेक करने से वह कम हो जाता है, लेकिन क्या यह वाकई सच है? बैंकिंग मानकों के अनुसार यह समझना जरूरी है कि स्कोर चेक करने के दो तरीके होते हैं सॉफ्ट इंक्वायरी और हार्ड इंक्वायरी। 

ये भी पढ़ें- UPI Circle: क्या होता है यूपीआई सर्किल? ज्यादातर लोग नहीं जानते हैं इसका मतलब

अगर आप खुद अपना स्कोर किसी ऐप या वेबसाइट पर चेक करते हैं, तो इसे 'सॉफ्ट इंक्वायरी' माना जाता है और इससे आपके स्कोर पर एक भी अंक का फर्क नहीं पड़ता। वहीं दूसरी ओर, जब आप लोन के लिए आवेदन करते हैं और बैंक आपकी रिपोर्ट मांगता है, तो उसे 'हार्ड इंक्वायरी' कहते हैं, जिससे स्कोर में मामूली गिरावट हो सकती है। आइए सरल करके समझते हैं।

Trending Videos
Does Checking Credit Score Frequently Lower It? CIBIL Score Myths & Facts in hindi
Cibil Score - फोटो : AdobeStock

सॉफ्ट vs हार्ड इंक्वायरी: क्या है अंतर?

  • जब आप खुद अपनी वित्तीय स्थिति जानने के लिए सिबिल स्कोर देखते हैं, तो वह 'सॉफ्ट इंक्वायरी' होता है।
  • इसमें आप साल में कितनी भी बार अपना स्कोर चेक करें, आपके क्रेडिट स्कोर पर कोई नकारात्मक प्रभाव नहीं पड़ता है।
  • मगर जब आप एक साथ कई बैंकों में लोन या क्रेडिट कार्ड के लिए अप्लाई करते हैं, तो बैंक आपकी रिपोर्ट चेक करते हैं।
  • बार-बार बैंक द्वारा की गई यह 'हार्ड इंक्वायरी' क्रेडिट ब्यूरो को संकेत देती है कि आप 'क्रेडिट के भूखे' (Credit Hungry) हैं, जिससे आपका स्कोर कम हो सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
Does Checking Credit Score Frequently Lower It? CIBIL Score Myths & Facts in hindi
Cibil Score - फोटो : AdobeStock

स्कोर कम होने के असली कारण क्या हैं?

  • बार-बार खुद चेक करना समस्या नहीं है, बल्कि ईएमआई (EMI) या क्रेडिट कार्ड बिल समय पर न चुकाना सबसे बड़ा कारण है।
  • अपनी क्रेडिट लिमिट का 30% से अधिक उपयोग करना (Credit Utilization) भी स्कोर को नीचे गिराता है।
Does Checking Credit Score Frequently Lower It? CIBIL Score Myths & Facts in hindi
Cibil Score - फोटो : AdobeStock

सिबिल स्कोर को सुधारने के आसान तरीका

  • एक अच्छा स्कोर (750+) बनाए रखने के लिए सबसे पहले अपने सभी भुगतानों को ऑटो-पे मोड पर रखें।
  • अगर आपके स्कोर में कोई गलत जानकारी दर्ज है, तो तुरंत सिबिल की वेबसाइट पर जाकर 'डिस्प्यूट' दर्ज करें।
  • पुराने क्रेडिट कार्ड को बंद न करें, भले ही आप उनका उपयोग न कर रहे हों, क्योंकि वे आपकी क्रेडिट हिस्ट्री को लंबी और भरोसेमंद दिखाते हैं। 
  • समय-समय पर अपनी रिपोर्ट खुद चेक करते रहें ताकि किसी भी तरह की धोखाधड़ी या गलत एंट्री का पता समय रहते चल सके।
विज्ञापन
Does Checking Credit Score Frequently Lower It? CIBIL Score Myths & Facts in hindi
Cibil Score - फोटो : AdobeStock
क्या करें?
  • आज के डिजिटल दौर में अपना क्रेडिट स्कोर नियमित रूप से चेक करना एक अच्छी वित्तीय आदत है।
  • ध्यान रखें, जब तक आप खुद चेक कर रहे हैं, आपका स्कोर पूरी तरह सुरक्षित है। 
  • डरे नहीं, बल्कि सतर्क रहें और अपनी ईएमआई का भुगतान समय पर करें। 
  • एक मजबूत क्रेडिट स्कोर न सिर्फ आपको कम ब्याज पर लोन दिलाएगा, बल्कि मुश्किल समय में आपके लिए वित्तीय दरवाजे भी हमेशा खुले रखेगा।
अगली फोटो गैलरी देखें
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

एप में पढ़ें

Followed