मारा गया सरपंच का हत्यारा: अमृतसर में सरपंच हत्याकांड का मुख्य शूटर मुठभेड़ में ढेर, भागने की कोशिश में गई जान
पंजाब के अमृतसर में आम आदमी पार्टी के सरपंच हत्या मामले में पुलिस ने मुख्य शूटर को ढेर कर दिया है। आरोपी पुलिस हिरासत से भागने की कोशिश कर रहा था और उसने पुलिस पर फायरिंग भी की। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली लगने से उसकी मौत हो गई।
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आम आदमी पार्टी के सरपंच जरमल सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए मुख्य शूटर सुखराज सिंह उर्फ गंगा को मुठभेड़ में मार गिराया। यह एनकाउंटर अमृतसर के वल्ला बाइपास इलाके में हुआ। पुलिस के अनुसार, बीते दिन एक रिसॉर्ट में आयोजित विवाह समारोह के दौरान सरपंच जरमल सिंह की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में शामिल दो आरोपियों को रायपुर से गिरफ्तार किया था। पूछताछ के दौरान मिली अहम जानकारियों के आधार पर मुख्य शूटर की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम उसे रिकवरी के लिए वल्ला इलाके में लेकर गई थी। इसी दौरान आरोपी ने पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की, जिसके जवाब में हुई मुठभेड़ में वह मारा गया। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
बता दें कि तरनतारन के विधानसभा क्षेत्र खेमकरण से आम आदमी पार्टी के विधायक सरवण सिंह धुन्न के करीबी माने जाने वाले सरपंच जरमल सिंह वल्टोहा की चार जनवरी को दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह वारदात अमृतसर के एक मैरिज पैलेस में शादी समारोह के दौरान हुई थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार जरमल सिंह वल्टोहा अमृतसर स्थित एक पैलेस में एक विवाह समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। समारोह के दौरान दो अज्ञात युवक अचानक अंदर दाखिल हुए और सीधे सरपंच को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गोली लगते ही वे लहूलुहान होकर गिर पड़े। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। वारदात के बाद हमलावर भागने में कामयाब रहे।
घटना के बाद समारोह स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और फॉरेंसिक टीमें मौके पर पहुंचीं और मैरिज पैलेस को घेरकर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज खंगाली जा रही है और समारोह में मौजूद लोगों से पूछताछ की जा रही है। प्रारंभिक जांच में हत्या को पूरी तरह पूर्व नियोजित माना जा रहा है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार सरपंच जरमल सिंह वल्टोहा को बीते छह महीनों से विदेश में बैठे गैंगस्टर प्रभदीप सिंह उर्फ प्रभ दासूवाल की ओर से 30 लाख रुपये की रंगदारी की धमकियां मिल रही थीं। इसी दौरान उन पर दो बार पहले भी हमले हो चुके थे। एक हमले में उनकी आढ़त का मुनीम घायल हुआ था जबकि दूसरे हमले में सरपंच बाल-बाल बच गए थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने पुलिस से सुरक्षा की मांग भी की थी।