बेहतर अनुभव के लिए एप चुनें।
INSTALL APP
विज्ञापन
विज्ञापन
इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर बप्पा के घर में आगमन से होंगी ये राशियां धनवान
Myjyotish

इस वर्ष गणेश चतुर्थी पर बप्पा के घर में आगमन से होंगी ये राशियां धनवान

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Digital Edition

अनुसूचित जाति आयोग का एतराज: पंजाब के नए सीएम के लिए न हो दलित शब्द का प्रयोग, संविधान का दिया हवाला

पंजाब के नए मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी को लेकर प्रयोग किए जाने वाले दलित शब्द पर अनुसूचित जाति आयोग ने कड़ा एतराज जताया है। आयोग ने कहा है कि व्यक्ति की पहचान दिखाने के लिए सभी को दलित शब्द से परहेज करना चाहिए। आयोग ने कहा है कि संविधान या किसी विधान में दलित शब्द का जिक्र नहीं मिलता है।

आयोग की अध्यक्ष तजिंदर कौर ने कहा कि केंद्र सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय द्वारा पहले ही राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों के सभी मुख्य सचिवों को इस संबंधी निर्देश दिए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश हाईकोर्ट के ग्वालियर बेंच की तरफ से जनवरी 2018 को एक मामले में निर्देश दिया था कि केंद्र सरकार, राज्य सरकार और इसके अधिकारी, कर्मचारी अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों के सदस्यों के लिए दलित शब्द का प्रयोग करने से परहेज करें, क्योंकि यह भारत के संविधान या किसी कानून में मौजूद नहीं है।

यह भी पढ़ें- 
बदलाव की बयार: अब हर बुधवार को होगी पंजाब कैबिनेट की बैठक, उपमुख्यमंत्री रंधावा का एलान 

उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने सभी राज्य सरकारों, केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि अनुसूचित जातियों से संबंधित व्यक्तियों के लिए दलित के बजाय अनुसूचित जाति शब्द का प्रयोग किया जाए। इस संबंधी विभिन्न मीडिया समूहों द्वारा किए जा रहे उल्लंघनों की रिपोर्टों पर कार्रवाई करते हुए सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने प्राइवेट सैटेलाइट टीवी चैनलों को नोटिस जारी करके उनको मुंबई हाईकोर्ट द्वारा पहले दिए गए आदेशों का पालन करते हुए रिपोर्टों में दलित शब्द का प्रयोग न करने के लिए कहा है।

आयोग पहले लिख चुका है पत्र
पंजाब राज्य अनुसूचित जाति आयोग ने 13 सितंबर, 2021 को मुख्य सचिव विनी महाजन को पत्र लिखकर जाति आधारित नामों वाले गांवों, कस्बों और अन्य स्थानों जिनके नामों में चमार, शिकारी आदि शामिल हैं, को बदलने और ऐसे शब्दों का प्रयोग करने से परहेज करने के लिए कहा था।
... और पढ़ें
नवजोत सिद्धू और राहुल गांधी के साथ सीएम चरणजीत चन्नी। नवजोत सिद्धू और राहुल गांधी के साथ सीएम चरणजीत चन्नी।

पंजाब की बड़ी खबरें: हरीश रावत ने अब पाक सेना प्रमुख को बताया पंजाबी भाई और हर बुधवार को होगी कैबिनेट की बैठक

होशियारपुर में सोमवार सुबह अगवा किए गए आढ़ती के 21 वर्षीय बेटे राजन को पुलिस ने अपहरणकर्ताओं के साथ मुकाबले के बाद छुड़वा लिया। मंगलवार अल सुबह चार बजे के करीब पुलिस टीम अपहृत युवक राजन को माउंट एवेन्यू स्थित उसके घर छोड़ गई। पढ़ें अन्य खबरें...

फिर बोले रावत: अब सिद्धू के समर्थन में पाक सेना प्रमुख को बताया पंजाबी भाई, मोदी पर उठाए सवाल 

पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत के बयानों पर विवाद थमते नहीं दिख रहे। चरणजीत चन्नी को सीएम बनाने के बाद पंजाब का अगला चुनाव नवजोत सिद्धू के नेतृत्व में लड़ने के उनके बयान पर बवाल मचा हुआ है। अब हरीश रावत ने सिद्धू के समर्थन में एक और बयान देते हुए पाकिस्तान के सेना प्रमुख को पंजाबी भाई बताया है। 
पढ़ें विस्तृत खबर...

आदेशों पर अमल शुरू: पठानकोट में सरकारी कार्यालयों में औचक चेकिंग, 30 कर्मचारी और जिलाधिकारी मिले गैरहाजिर 

मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी के आदेश के बाद मंगलवार सुबह पठानकोट सरकारी कार्यालयों में चेकिंग की गई। एसडीएम पठानकोट गुरसिमरन सिंह ढिल्लों ने मिनी सचिवालय स्थित दफ्तरों में चेकिंग की। इस दौरान तीन जिला अधिकारियों समेत 30 के करीब कर्मचारी गैरहाजिर मिले। पढ़ें विस्तृत खबर...

बदलाव की बयार: अब हर बुधवार को होगी पंजाब कैबिनेट की बैठक, उपमुख्यमंत्री रंधावा का एलान 

पंजाब के उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने मंगलवार को बड़ा एलान किया है। उन्होंने अपने ट्विटर अकाउंट पर कहा है कि अब हर बुधवार को पंजाब कैबिनेट की बैठक होगी।  पढ़ें विस्तृत खबर...

होशियारपुर पुलिस को सफलता: युवक को अगवा कर मांगी थी दो करोड़ की फिरौती, पुलिस ने 24 घंटे में ढूंढ निकाला 

होशियारपुर में सोमवार सुबह अगवा किए गए आढ़ती के 21 वर्षीय बेटे राजन को पुलिस ने अपहरणकर्ताओं के साथ मुकाबले के बाद छुड़वा लिया। मंगलवार अल सुबह चार बजे के करीब पुलिस टीम अपहृत युवक राजन को माउंट एवेन्यू स्थित उसके घर छोड़ गई। पढ़ें विस्तृत खबर...
 
राजनीति: पंजाब कांग्रेस में बदलते समीकरणों पर विपक्ष की नजर, कैप्टन के अगले कदम का इंतजार 

कैप्टन अमरिंदर सिंह के इस्तीफे और चरणजीत चन्नी के मुख्यमंत्री बनने के बाद पंजाब कांग्रेस में लगातार समीकरणों के बदलने की संभावनाएं बनी हुई हैं। इसके साथ ही अलग-थलग पड़े कैप्टन पर भी विपक्षी नेताओं की पूरी नजर है। कैप्टन के अगले कदम से पंजाब कांग्रेस में बनने-बिगड़ने वाले समीकरणों का राज्य की सियासत पर बड़ा असर पड़ेगा। पढ़ें विस्तृत खबर... ... और पढ़ें

बदलाव की बयार: अब हर बुधवार को होगी पंजाब कैबिनेट की बैठक, उपमुख्यमंत्री रंधावा का एलान

पंजाब में कप्तान बदलते ही नियम भी बदलने शुरू हो गए हैं। तीन दिन की चन्नी सरकार ने तय किया है कि अब हर बुधवार को कैबिनेट की बैठक होगी। उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पदभार संभालते हुए यह बड़ा एलान किया है। इस मौके पर सूबे के नए मुखिया चरणजीत सिंह चन्नी मौजूद रहे, हालांकि कांग्रेस प्रधान नवजोत सिंह सिद्धू नदारद रहे।

यह भी पढ़ें- 
फिर बोले रावत: अब सिद्धू के समर्थन में पाक सेना प्रमुख को बताया पंजाबी भाई, मोदी पर उठाए सवाल

पदभार संभालने के साथ ही रंधावा ने कहा कि राज्य सरकार पंजाब के लोगों की सेवा के लिए हमेशा उपलब्ध रहेगी। राज्य सरकार की लोक हितैषी नीतियों और योजनाओं को समाज के सभी वर्गों तक पहुंचाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा।

उपमुख्यमंत्री ने उन पर विश्वास प्रकट करने के लिए पार्टी हाईकमान का धन्यवाद किया और इसके साथ ही राज्य के लोगों की सेवा करने और अपनी सभी जिम्मेदारियों को लगन और समर्पित भावना के साथ निभाने का भरोसा भी दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हमेशा किसानों के साथ खड़ी रहेगी जो राज्य की आर्थिकता की रीढ़ की हड्डी हैं। 

इस मौके पर तृप्त राजिंदर सिंह बाजवा, सुखबिंदर सिंह सरकारिया, मनप्रीत सिंह बादल, संगत सिंह गिलजियां, दर्शन सिंह बराड़, बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा, कुलबीर सिंह जीरा, प्रीतम सिंह कोटभाई, परमिंदर सिंह पिंकी, कुलदीप सिंह वैद, नवतेज सिंह चीमा, दविंदर सिंह घुबाया, मदन लाल जलालपुर, पिरमल सिंह और जगदेव सिंह कमालू (सभी विधायक) के अलावा उनके पारिवारिक सदस्यों में से उदयवीर सिंह रंधावा और बब्बी अबुल खुराना, भगवंत सिंह सच्चर और उनके समर्थक व शुभचिंतक शामिल हुए।  

वहीं सूत्रों के अनुसार अब कैबिनेट विस्तार के लिए मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी दिल्ली रवाना हो गए हैं। कयास ये लगाए जा रहे हैं कि चन्नी की कैबिनेट में कई नए चेहरे शामिल होंगे। पंजाब प्रभारी हरीश रावत दिल्ली लौट गए हैं। पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू भी दिल्ली गए हैं। 
... और पढ़ें

आदेशों पर अमल शुरू: पठानकोट में सरकारी कार्यालयों में औचक चेकिंग, 30 कर्मचारी और जिलाधिकारी मिले गैरहाजिर

मुख्यमंत्री चरणजीत चन्नी के आदेश के बाद मंगलवार सुबह पठानकोट सरकारी कार्यालयों में चेकिंग की गई। एसडीएम पठानकोट गुरसिमरन सिंह ढिल्लों ने मिनी सचिवालय स्थित दफ्तरों में चेकिंग की। इस दौरान तीन जिला अधिकारियों समेत 30 के करीब कर्मचारी गैरहाजिर मिले। सभी को एसडीएम पठानकोट की ओर से नोटिस जारी किए गए। वहीं, समय पर दफ्तरों में पहुंच चुके कर्मचारियों को एप्रिसिएशन लेटर दिए गए। 

पठानकोट एसडीएम गुरसिमरन सिंह ढिल्लों सुबह 8:50 पर अपने दफ्तर में पहुंचे। इस दौरान उनके साथ नायब तहसीलदार राजकुमार भी उपस्थित रहे। एसडीएम पठानकोट की ओर से सबसे पहले अपने ही कार्यालय में कर्मचारियों की हाजिरी चेक की गई। सभी कर्मचारी हाजिर पाए गए, उसके बाद खजाना कार्यालय के खजाना अफसर समेत सभी कर्मचारी मौजूद मिले। 

यह भी पढ़ें - 
फिर बोले रावत: अब सिद्धू के समर्थन में पाक सेना प्रमुख को बताया पंजाबी भाई, मोदी पर उठाए सवाल 

इसके बाद एसडीएम पठानकोट नायब तहसीलदार के साथ डीपीआरओ पठानकोट ऑफिस में पहुंचे जहां पूरा स्टाफ हाजिर पाया गया। इसके अलावा, एसडीएम पठानकोट में कृषि दफ्तर में चेकिंग की जहां अभी सफाई सेविका की ओर से झाड़ू लगाया जा रहा था और दो ब्लॉक कृषि अधिकारियों समेत कई कर्मचारी 9:20 तक अपने कार्यालय में नहीं पहुंचे थे। 

10 बजे तक चली चेकिंग में एसडीएम पठानकोट की ओर से गैरहाजिर मिले जिलाधिकारियों और कर्मचारियों को नोटिस जारी किए गए हैं। वहीं चेकिंग के दौरान सामने आया है कि कई अधिकारियों और कर्मचारियों ने विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप पर ही अपने देरी से आने के कारण का मैसेज छोड़ा था। जिसे एसडीएम पठानकोट ने नकारते हुए कहा कि जब तक कोई भी अधिकारी मूवमेंट रजिस्टर पर अपने देरी से आने का कारण नहीं बताएगा, उसे गैर हाजिर माना जाएगा। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी और कर्मचारी समय पर कार्यालय आते हैं, वह सबसे पहले आकर अपनी हाजिरी लगाएं, उसके बाद ही काम शुरू करें। 

एसडीएम पठानकोट ने कहा कि गैर हाजिर और हाजिर मिले कर्मचारियों की सारी जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय समेत उच्चाधिकारियों को भेजी जाएगी। उन्होंने कहा कि जनता को सभी सरकारी सुविधाओं का लाभ दिलवाने और अधिकारियों को समय के प्रति पाबंद करने के लिए इस तरह की चेकिंग भविष्य में दोबारा की जाएगी।
... और पढ़ें

फिर बोले रावत: अब सिद्धू के समर्थन में पाक सेना प्रमुख को बताया पंजाबी भाई, मोदी पर उठाए सवाल

पठानकोट में औचक निरीक्षण करते एसडीएम।
पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत के बयानों पर विवाद थमते नहीं दिख रहे। चरणजीत चन्नी को सीएम बनाने के बाद पंजाब का अगला चुनाव नवजोत सिद्धू के नेतृत्व में लड़ने के उनके बयान पर बवाल मचा हुआ है। अब हरीश रावत ने सिद्धू के समर्थन में एक और बयान देते हुए पाकिस्तान के सेना प्रमुख को पंजाबी भाई बताया है। 

रावत ने एक ट्वीट कर भाजपा के प्रांतीय और केंद्रीय नेतृत्व से सवाल किया है कि आज उनको नवजोत सिद्धू और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की दोस्ती खल रही है क्योंकि नवजोत सिंह सिद्धू अब कांग्रेस में हैं। लेकिन जब सिद्धू भाजपा के सांसद थे, जब भाजपा उनको पंजाब में अपना खेवनहार मानती थी। उस समय तो सिद्धू की इमरान खान से और प्रगाढ़ मित्रता थी।


रावत ने लिखा कि मोदी जी यदि नवाज शरीफ से गले लगते हैं और उनके घर जाकर बिरयानी खाते हैं तो उसमें देश का काम है। यदि कोई व्यक्ति अपने धार्मिक तीर्थ स्थल करतारपुर साहिब के रास्ता खोलने के लिए धन्यवाद देते हुए अपने दूसरे पंजाबी प्रा और पाकिस्तान के आर्मी के जनरल से गले मिलता है तो उसमें देशद्रोह? यह कैसा डबल स्टैंडर्ड है, भाजपा जरा इसको समझे। ट्वीट के साथ हरीश रावत ने पीएम मोदी और नवाज शरीफ के गले लगने की फोटो भी शेयर की है।




दरअसल पंजाब कांग्रेस में मची कलह के बाद जब कैप्टन अमरिंदर सिंह ने इस्तीफा दिया तो उसके बाद उन्होंने नवजोत सिद्धू के पाक पीएम और सेना प्रमुख से रिश्तों पर सवाल उठाए थे। इसके बाद यह मुद्दा काफी गरमा गया था। कैप्टन ने इस्तीफ के बाद कहा था कि सिद्धू पाकिस्तान सेना प्रमुख बाजवा और वहां के प्रधानमंत्री इमरान खान के मित्र हैं। अगर उनको सीएम बनाया गया तो इसका विरोध करूंगा। पंजाब सरहदी सूबा है, जहां सीमा पार से अस्थिरता पैदा करने के लिए हथियार भेजे जा रहे हैं। इसके अलावा पाकिस्तान से ड्रग्स की खेप लगातार आ रही हैं। ऐसे में मैं पंजाब की सुरक्षा के लिए लड़ता रहूंगा। 
... और पढ़ें

होशियारपुर पुलिस को सफलता: युवक को अगवा कर मांगी थी दो करोड़ की फिरौती, पुलिस ने 24 घंटे में ढूंढ निकाला

होशियारपुर में सोमवार सुबह अगवा किए गए आढ़ती के 21 वर्षीय बेटे राजन को पुलिस ने अपहरणकर्ताओं के साथ मुकाबले के बाद छुड़वा लिया। मंगलवार अल सुबह चार बजे के करीब पुलिस टीम अपहृत युवक राजन को माउंट एवेन्यू स्थित उसके घर छोड़ गई। 

सूत्रों के मुताबिक टांडा से बटाला रोड पर किसी स्थान पर गन्ने के खेतों में पुलिस और आरोपियों के बीच मुकाबला हुआ। इसमें एक आरोपी पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है। एसएसपी अनमीत कोंडल ने ऑपरेशन कामयाब होने की बात की है। अब मामले के बारे में पूरी जानकारी एसएसपी प्रेस कांफ्रेंस करके देंगी। 

यह भी पढ़ें - 
पंजाब की नई सरकार का फरमान: अब सुबह नौ बजे कर्मचारियों को पहुंचना होगा ऑफिस, हाजिरी की औचक होगी जांच 

अज्ञात नकाबपोशों ने सोमवार सुबह करीब 4.45 बजे फगवाड़ा रोड स्थित मुख्य सब्जी मंडी से फल आढ़ती जसपाल के 21 वर्षीय पुत्र राजन का अपहरण कर लिया था। राजन अपनी दुकान मैसर्स जसपाल एंड राजन, दुकान संख्या 94 पर अपनी कार से पहुंचा था। जैसे ही उसने अपनी कार अपनी दुकान के बाहर खड़ी की वैसे ही अपनी वरना कार में उसका पीछा कर रहे अपहरणकर्ता वहां पहुंचे और अपनी कार राजन की कार के बराबर खड़ी कर दी। उन्होंने उसे जबरन अपनी कार (वरना) में खींच लिया और भाग निकले। इन अपहरणकर्ताओं में से एक अपहरणकर्ता राजन की कार को लेकर चला गया।

करीब आधे घंटे के बाद राजन के पिता मंडी की शेड में पहुंचे और मजदूरों से उसके बारे में पूछा। उस वक्त तक उन्हें राजन के अपहरण की खबर नहीं थी। मजदूरों ने उन्हें बताया कि वह वहां नहीं आया है, तो सीसीटीवी कैमरों की जांच की गई और राजन के अपहरण की घटना की सीसीटीवी फुटेज मिल गई। सीसीटीवी कैमरे के फुटेज में सारा घटनाक्रम दिखाई दिया। अपहरण के करीब एक घंटे के बाद राजन के पिता जयपाल को एक विदेशी नंबर से व्हाट्सएप पर कॉल आया और अपहरणकर्ताओं ने फिरौती के रूप में दो करोड़ रुपये की बड़ी रकम मांगी। सूचना पाकर एसएसपी होशियारपुर अमनीत कोंडल और अन्य पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू कर दी।  
 
... और पढ़ें

पंजाब के नए सीएम पर गृह मंत्री अनिल विज का तंज समेत हरियाणा-पंजाब की बड़ी खबरें

  • Downloads

Follow Us

X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
डेली पॉडकास्ट सुनने के लिए सब्सक्राइब करें

क्लिप सुनें

00:00
00:00
X