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जीएमसीएच-32 में सालभर चलेगी लंगर सेवा: तीमारदारों को बड़ी राहत, प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने किया उद्घाटन
Fri, 23 Oct 2026 12:45 PM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Fri, 23 Oct 2026 12:45 PM IST
सार
कई बार परिजनों को खाना खाने के लिए अस्पताल से बाहर जाना पड़ता है। ऐसे में परिसर में ही सुबह 8 से रात 8 बजे तक भोजन मिलने से उनका समय और खर्च बचेगा। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह व्यवस्था विशेष मददगार साबित होगी।
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जीएमसीएच 32 में लंगर हाॅल का उद्घाटन
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जीएमसीएच-32 में मरीजों के साथ आने वाले तीमारदारों को अब भोजन के लिए अस्पताल के आसपास भटकना नहीं पड़ेगा। अस्पताल परिसर में शुक्रवार को धन गुरु रामदास लंगर सेवा की शुरुआत हो गई। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने सुबह 11 बजे सेवा का उद्घाटन किया। इसके साथ ही अस्पताल में मरीजों के परिजनों को सालभर नियमित भोजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था शुरू हो गई है।
लंगर में सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक भोजन मिलेगा। अस्पताल परिसर में इसके लिए अलग स्थान निर्धारित किया गया है। दो सराय में से एक में लंगर चलेगा, जबकि दूसरी में मरीजों के परिजनों के ठहरने की सुविधा रहेगी।
इस सेवा से उन परिवारों को खास राहत मिलेगी, जो इलाज के लिए दूरदराज के इलाकों से चंडीगढ़ आते हैं और मरीज के भर्ती रहने तक अस्पताल में रुकते हैं। मरीज की देखभाल के साथ भोजन की व्यवस्था करना भी उनके लिए चुनौती बन जाता है।
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दो साल तक संस्था संभालेगी सेवा की जिम्मेदारी
लंगर सेवा के संचालन की जिम्मेदारी संस्था को दो साल के लिए सौंपी गई है। भोजन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि मरीजों के परिजनों को खाने के लिए इधर-उधर न जाना पड़े। सेवा का नियमित संचालन करने के साथ परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
जीएमसीएच-32 के चिकित्सा अधीक्षक डॉ विशाल गुगलानी ने बताया कि अस्पताल में आने वाले जरूरतमंदों को नियमित भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लंगर सेवा शुरू की गई है। इसके लिए अस्पताल परिसर में स्थान निर्धारित किया गया है। इस पहल से मरीजों के साथ आने वाले लोगों को बड़ी सहूलियत मिलेगी।
एक सराय में भोजन, दूसरी में ठहर सकेंगे परिजन
अस्पताल परिसर में मौजूद दोनों सराय का इस्तेमाल अलग-अलग जरूरतों के लिए किया जाएगा। एक सराय में लंगर सेवा संचालित होगी, जबकि दूसरी में मरीजों के परिजन ठहर सकेंगे। इससे भोजन और रहने की व्यवस्था अलग-अलग रहेगी। खासकर उन परिवारों को लाभ होगा, जिन्हें मरीज के इलाज के दौरान कई दिन अस्पताल में बिताने पड़ते हैं।
जरूरतमंदों के लिए सहारा हैं लंगर सेवाएं
पीजीआई समेत चंडीगढ़ के बड़े सरकारी अस्पतालों में मरीजों और उनके तीमारदारों की मदद के लिए विभिन्न संस्थाएं भोजन उपलब्ध कराती हैं। इलाज के लिए बाहर से आने वाले परिवारों के लिए ये सेवाएं बड़ा सहारा हैं। जीएमसीएच-32 में निर्धारित स्थान पर लंगर सेवा शुरू होने से भोजन वितरण को व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी।
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लंगर में सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक भोजन मिलेगा। अस्पताल परिसर में इसके लिए अलग स्थान निर्धारित किया गया है। दो सराय में से एक में लंगर चलेगा, जबकि दूसरी में मरीजों के परिजनों के ठहरने की सुविधा रहेगी।
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इस सेवा से उन परिवारों को खास राहत मिलेगी, जो इलाज के लिए दूरदराज के इलाकों से चंडीगढ़ आते हैं और मरीज के भर्ती रहने तक अस्पताल में रुकते हैं। मरीज की देखभाल के साथ भोजन की व्यवस्था करना भी उनके लिए चुनौती बन जाता है।
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दो साल तक संस्था संभालेगी सेवा की जिम्मेदारी
लंगर सेवा के संचालन की जिम्मेदारी संस्था को दो साल के लिए सौंपी गई है। भोजन सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि मरीजों के परिजनों को खाने के लिए इधर-उधर न जाना पड़े। सेवा का नियमित संचालन करने के साथ परिसर में साफ-सफाई बनाए रखने पर भी ध्यान दिया जाएगा।
जीएमसीएच-32 के चिकित्सा अधीक्षक डॉ विशाल गुगलानी ने बताया कि अस्पताल में आने वाले जरूरतमंदों को नियमित भोजन उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लंगर सेवा शुरू की गई है। इसके लिए अस्पताल परिसर में स्थान निर्धारित किया गया है। इस पहल से मरीजों के साथ आने वाले लोगों को बड़ी सहूलियत मिलेगी।
एक सराय में भोजन, दूसरी में ठहर सकेंगे परिजन
अस्पताल परिसर में मौजूद दोनों सराय का इस्तेमाल अलग-अलग जरूरतों के लिए किया जाएगा। एक सराय में लंगर सेवा संचालित होगी, जबकि दूसरी में मरीजों के परिजन ठहर सकेंगे। इससे भोजन और रहने की व्यवस्था अलग-अलग रहेगी। खासकर उन परिवारों को लाभ होगा, जिन्हें मरीज के इलाज के दौरान कई दिन अस्पताल में बिताने पड़ते हैं।
जरूरतमंदों के लिए सहारा हैं लंगर सेवाएं
पीजीआई समेत चंडीगढ़ के बड़े सरकारी अस्पतालों में मरीजों और उनके तीमारदारों की मदद के लिए विभिन्न संस्थाएं भोजन उपलब्ध कराती हैं। इलाज के लिए बाहर से आने वाले परिवारों के लिए ये सेवाएं बड़ा सहारा हैं। जीएमसीएच-32 में निर्धारित स्थान पर लंगर सेवा शुरू होने से भोजन वितरण को व्यवस्थित रखने में मदद मिलेगी।