सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Chandigarh-Punjab News ›   CIA inspector ASI and former MLA PA sentenced to four years imprisonment in bribery case worth Rs 11.37 lakh

11 लाख 37 हजार की रिश्वत: CIA इंस्पेक्टर, ASI और पूर्व विधायक के पीए को 4-4 साल की कैद, ये है पूरा मामला

संवाद न्यूज एजेंसी, खडूर साहिब (पंजाब) Published by: अंकेश ठाकुर Updated Thu, 08 Jan 2026 06:23 AM IST
विज्ञापन
सार

सीआईए इंस्पेक्टर अनिल कुमार, एएसआई परमदीप सिंह और शिअद के पूर्व विधायक के पीए हरभाल सिंह पाला को रिश्वत मामले में 4-4 साल की सजा सुनाई गई है। मामला 11 लाख 37 हजार रुपये रिश्वत का है। 

CIA inspector ASI and former MLA PA sentenced to four years imprisonment in bribery case worth Rs 11.37 lakh
Court Room - फोटो : ANI
विज्ञापन

विस्तार
Follow Us

पंजाब सीआईए स्टाफ तरनतारन की टीम ने अमृतसर जिले के गांव डल के रहने वाले किसान मिल्खा सिंह के बेटे, भतीजे और एक अन्य रिश्तेदार को हिरासत में लेकर उनसे 11 लाख 37 हजार रुपये की रिश्वत ली थी। इतना ही नहीं, तीनों युवकों पर ड्रग्स स्मगलिंग का झूठा केस दर्ज किया गया था। बाद में कोर्ट ने तीनों को बरी कर दिया। इसके बाद पीड़ित किसान ने विजिलेंस में शिकायत की और जांच के बाद सीआईए इंस्पेक्टर अनिल कुमार, एएसआई परमदीप सिंह और शिअद के पूर्व विधायक के पीए हरभाल सिंह पाला के खिलाफ केस दर्ज किया गया था। इस मामले में तरनतारन जिला अदालत के एडिशनल सेशन जज रविंदरदीप सिंह बाजवा की कोर्ट ने तीनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए 4-4 साल कैद और 40-40 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।

Trending Videos


अजनाला थाने के गांव डल के रहने वाले किसान मिल्खा सिंह ने बताया कि साल 2014 में सीआईए स्टाफ तरनतारन के उस समय के इंचार्ज इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने एएसआई परमदीप सिंह के साथ मिलकर रेड करके उसके बेटे, भतीजे और एक और युवक को गिरफ्तार किया था। तीनों के खिलाफ नशा तस्करी का झूठा केस दर्ज किया गया था। इससे पहले इंस्पेक्टर अनिल कुमार ने मिल्खा सिंह को भरोसे में लेकर 11 लाख 37 हजार रुपये की रिश्वत यह कहकर ली थी कि किसी के खिलाफ झूठा केस दर्ज नहीं होगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अकाली दल के पूर्व विधायक के पीए हरपाल सिंह निवासी वल्टोहा ने इस रिश्वत कांड में अहम भूमिका निभाई थी। रिश्वत की मोटी रकम वसूलने के बाद तीनों के खिलाफ केस दर्ज करके उन्हें जेल भेज दिया गया था। छह साल बाद वर्ष 2020 में तरनतारन कोर्ट ने सबूतों के अभाव में तीनों को बरी कर दिया था। इसके बाद मिल्खा सिंह ने साल 2014 में ही विजिलेंस को शिकायत दर्ज कराई थी। मामले की जांच 2015 में शुरू हुई थी। साल 2017 में विजिलेंस ने सीआईए इंस्पेक्टर अनिल कुमार, एएसआई परमदीप सिंह और शिअद के पूर्व विधायक के पीए हरभाल सिंह पाला निवासी वल्टोहा के खिलाफ केस दर्ज किया था। बुधवार को इंस्पेक्टर अनिल कुमार, एएसआई परमजीत सिंह और हरपाल सिंह पाला को चार-चार साल की कैद और 40-40 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

Election
एप में पढ़ें

Followed