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पंजाब की जवानी पर निशाना: नशा तस्करों ने फैलाया खतरनाक जाल, सुरक्षा एजेंसियों को ऐसे दे रहे हैं चकमा
Mon, 07 Sep 2026 09:55 AM IST
Nivedita
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Mon, 07 Sep 2026 09:55 AM IST
सार
नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार देशभर में हेरोइन की तस्करी के मामले में पंजाब सबसे आगे है। वर्ष 2024 में कार्रवाई के दौरान पंजाब से करीब 1150 किलो हेरोइन पकड़ी गई।
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पंजाब में नशे का जाल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब की सरहद पर नशे के सौदागरों ने तस्करी का ऐसा जाल बिछा रखा है जिसका सबसे बड़ा निशाना सूबे की जवानी बन रही है। भारत-पाकिस्तान सीमा के रास्ते हेरोइन की लगातार हो रही तस्करी ने पंजाब के सामने नशे की गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। सुरक्षा एजेंसियों की सख्ती के बावजूद तस्कर हर बार नए तरीके अपनाकर सीमा पार से नशे की खेप पंजाब पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं।
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नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की रिपोर्ट के अनुसार देशभर में हेरोइन की तस्करी के मामले में पंजाब सबसे आगे है। वर्ष 2024 में कार्रवाई के दौरान पंजाब से करीब 1150 किलो हेरोइन पकड़ी गई। यह आंकड़ा बताता है कि सीमा पर सिर्फ नशे की खेप नहीं आ रही बल्कि इसके साथ पंजाब की युवा पीढ़ी के भविष्य पर भी बड़ा खतरा मंडरा रहा है। तस्करी रोकने के लिए सुरक्षा एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही हैं लेकिन तस्कर नए-नए रास्ते और तरीके तलाश रहे हैं।
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अब सीमा पार से नशे की तस्करी में ड्रोन का इस्तेमाल भी बड़े स्तर पर किया जा रहा है। इससे तस्करों के लिए सीमा पार से खेप भेजना आसान हो गया है। वहीं सुरक्षा एजेंसियों के लिए इन छोटी उड़ने वाली मशीनों का पता लगाना और उन्हें रोकना चुनौती बन गया है।
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चार सीमावर्ती जिलों पर सबसे ज्यादा दबाव
पंजाब के सीमावर्ती जिलों में लगातार हेरोइन की खेप पकड़ी जा रही है। इनमें अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर और गुरदासपुर सबसे अधिक प्रभावित हैं। अमृतसर जिले में नशा तस्करी के सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं। हेरोइन के अलावा दूसरे मादक पदार्थों की तस्करी भी लगातार जारी है।
एनसीबी के अनुसार वर्ष 2024 के दौरान पंजाब से 863 किलो गांजा, 997 किलो अफीम, 41,418 किलो डोडा, 6,952 इंजेक्शन और 28.05 लाख नशीली गोलियां भी बरामद की गईं। इससे साफ है कि सीमा पार से सिर्फ हेरोइन ही नहीं बल्कि कई तरह के मादक पदार्थों की तस्करी का नेटवर्क सक्रिय है।
रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में ड्रोन के जरिये नशे की तस्करी के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2024 में ड्रोन से तस्करी के 163 मामले सामने आए। इनमें 187 किलो हेरोइन, 5.39 किलो मेथामफेटामाइन और 4.22 किलो अफीम बरामद की गई। इन मामलों से पता चलता है कि तस्करों ने सीमा पार से नशे की खेप पहुंचाने के लिए ड्रोन को एक अहम माध्यम बना लिया है।
विदेश बैठे तस्करों से जुड़ा नेटवर्क
पंजाब में सामने आए कई मामलों की जांच में सीमा पार के तस्करों और विदेश में बैठे हैंडलरों से संपर्क का खुलासा हुआ है। सीमावर्ती क्षेत्र में खेप पहुंचाने के बाद इसे पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में भेजने के लिए स्थानीय तस्करों का इस्तेमाल किया जाता है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई में लगातार ऐसे नेटवर्क सामने आ रहे हैं।
पिछले कुछ महीनों में हुई कार्रवाइयां भी इसकी गवाही देती हैं। 25 अगस्त को काउंटर इंटेलिजेंस फिरोजपुर ने सीमा सुरक्षा बल के साथ संयुक्त अभियान में फिरोजपुर के गांव गजनीवाला के सीमावर्ती क्षेत्र से 44.5 किलो हेरोइन और तीन किलो मेथामफेटामाइन बरामद की। जांच में सामने आया कि खेप सीमा पार से ड्रोन के जरिये भेजी गई थी।
इससे पहले 7 अगस्त को अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने सीमा पार से नशे और अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था। पुलिस ने पांच आरोपियों को 21.299 किलो हेरोइन, 970 ग्राम आईसीई (मेथामफेटामाइन), .30 बोर की अवैध पिस्तौल और चार कारतूस सहित गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी विदेश में बैठे तस्कर के सीधे संपर्क में था। उसी के जरिये अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से हेरोइन और अवैध हथियार मंगवाए गए थे।
पंजाब के सीमावर्ती जिलों में लगातार हेरोइन की खेप पकड़ी जा रही है। इनमें अमृतसर, तरनतारन, फिरोजपुर और गुरदासपुर सबसे अधिक प्रभावित हैं। अमृतसर जिले में नशा तस्करी के सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं। हेरोइन के अलावा दूसरे मादक पदार्थों की तस्करी भी लगातार जारी है।
एनसीबी के अनुसार वर्ष 2024 के दौरान पंजाब से 863 किलो गांजा, 997 किलो अफीम, 41,418 किलो डोडा, 6,952 इंजेक्शन और 28.05 लाख नशीली गोलियां भी बरामद की गईं। इससे साफ है कि सीमा पार से सिर्फ हेरोइन ही नहीं बल्कि कई तरह के मादक पदार्थों की तस्करी का नेटवर्क सक्रिय है।
रिपोर्ट के अनुसार पंजाब में ड्रोन के जरिये नशे की तस्करी के मामलों में भी बढ़ोतरी हुई है। वर्ष 2024 में ड्रोन से तस्करी के 163 मामले सामने आए। इनमें 187 किलो हेरोइन, 5.39 किलो मेथामफेटामाइन और 4.22 किलो अफीम बरामद की गई। इन मामलों से पता चलता है कि तस्करों ने सीमा पार से नशे की खेप पहुंचाने के लिए ड्रोन को एक अहम माध्यम बना लिया है।
विदेश बैठे तस्करों से जुड़ा नेटवर्क
पंजाब में सामने आए कई मामलों की जांच में सीमा पार के तस्करों और विदेश में बैठे हैंडलरों से संपर्क का खुलासा हुआ है। सीमावर्ती क्षेत्र में खेप पहुंचाने के बाद इसे पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में भेजने के लिए स्थानीय तस्करों का इस्तेमाल किया जाता है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई में लगातार ऐसे नेटवर्क सामने आ रहे हैं।
पिछले कुछ महीनों में हुई कार्रवाइयां भी इसकी गवाही देती हैं। 25 अगस्त को काउंटर इंटेलिजेंस फिरोजपुर ने सीमा सुरक्षा बल के साथ संयुक्त अभियान में फिरोजपुर के गांव गजनीवाला के सीमावर्ती क्षेत्र से 44.5 किलो हेरोइन और तीन किलो मेथामफेटामाइन बरामद की। जांच में सामने आया कि खेप सीमा पार से ड्रोन के जरिये भेजी गई थी।
इससे पहले 7 अगस्त को अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने सीमा पार से नशे और अवैध हथियारों की तस्करी करने वाले मॉड्यूल का पर्दाफाश किया था। पुलिस ने पांच आरोपियों को 21.299 किलो हेरोइन, 970 ग्राम आईसीई (मेथामफेटामाइन), .30 बोर की अवैध पिस्तौल और चार कारतूस सहित गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी विदेश में बैठे तस्कर के सीधे संपर्क में था। उसी के जरिये अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से हेरोइन और अवैध हथियार मंगवाए गए थे।
हेल्पलाइन पर रिकॉर्ड शिकायतें
एनसीबी ने मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध खेती की सूचना देने के साथ पुनर्वास सहायता के लिए मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 जारी किया है। पंजाब से इस हेल्पलाइन पर बड़ी संख्या में शिकायतें और मदद के लिए फोन आए।
एक साल में इस नंबर पर पंजाब से 517 कॉल आईं। इनमें 193 शिकायतें नशा तस्करी से संबंधित थीं। पुनर्वास सहायता के लिए 89 लोगों ने संपर्क किया। नशीले पदार्थों की अवैध खेती से संबंधित एक शिकायत भी मिली। इसके अलावा 234 लोगों ने हेल्पलाइन पर उपलब्ध अन्य सेवाओं की जानकारी ली।
सीमा पर नौ एंटी ड्रोन सिस्टम
राज्य सरकार ने हथियारों और नशे की तस्करी रोकने के लिए सीमा पर एंटी ड्रोन सिस्टम स्थापित किए हैं। सरकार ने 51.41 करोड़ रुपये की लागत से नौ अत्याधुनिक एंटी ड्रोन सिस्टम खरीदे हैं। ये सिस्टम ड्रोन के साथ उसके नियंत्रण केंद्र की सटीक स्थिति का पता लगाने में सक्षम हैं।
इनमें वास्तविक समय के नक्शे पर खतरे की सूचना देने और खतरे की स्वत: चेतावनी देने की क्षमता भी है। सीमा पर इन प्रणालियों की मदद से ड्रोन के जरिये होने वाली तस्करी पर नजर रखने और उसे रोकने की कोशिश की जा रही है।
एनसीबी ने मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध खेती की सूचना देने के साथ पुनर्वास सहायता के लिए मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 जारी किया है। पंजाब से इस हेल्पलाइन पर बड़ी संख्या में शिकायतें और मदद के लिए फोन आए।
एक साल में इस नंबर पर पंजाब से 517 कॉल आईं। इनमें 193 शिकायतें नशा तस्करी से संबंधित थीं। पुनर्वास सहायता के लिए 89 लोगों ने संपर्क किया। नशीले पदार्थों की अवैध खेती से संबंधित एक शिकायत भी मिली। इसके अलावा 234 लोगों ने हेल्पलाइन पर उपलब्ध अन्य सेवाओं की जानकारी ली।
सीमा पर नौ एंटी ड्रोन सिस्टम
राज्य सरकार ने हथियारों और नशे की तस्करी रोकने के लिए सीमा पर एंटी ड्रोन सिस्टम स्थापित किए हैं। सरकार ने 51.41 करोड़ रुपये की लागत से नौ अत्याधुनिक एंटी ड्रोन सिस्टम खरीदे हैं। ये सिस्टम ड्रोन के साथ उसके नियंत्रण केंद्र की सटीक स्थिति का पता लगाने में सक्षम हैं।
इनमें वास्तविक समय के नक्शे पर खतरे की सूचना देने और खतरे की स्वत: चेतावनी देने की क्षमता भी है। सीमा पर इन प्रणालियों की मदद से ड्रोन के जरिये होने वाली तस्करी पर नजर रखने और उसे रोकने की कोशिश की जा रही है।
एक अगस्त को 20 किलो हेरोइन पकड़ी
काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर ने 1 अगस्त को सीमा पार से नशा तस्करी और संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क के एक गुर्गे को 20 किलो हेरोइन सहित गिरफ्तार किया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी सीमा पार के तस्करों से जुड़े विदेशी हैंडलर के इशारे पर काम कर रहा था। उसे सीमावर्ती क्षेत्र में हेरोइन की खेप हासिल कर पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में आगे पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
30 किलो हेरोइन के साथ दो गिरफ्तार
काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर ने 14 जुलाई को सीमा पार से चल रहे नशा तस्करी के मॉड्यूल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से 30 किलो हेरोइन बरामद हुई थी। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी सीमा पार के तस्करों से जुड़े विदेशी हैंडलर के इशारे पर काम कर रहे थे। वे अलग-अलग जगहों से हेरोइन की खेप हासिल कर पंजाब में विभिन्न लोगों तक पहुंचाते थे।
महिला समेत तीन से 6.5 किलो हेरोइन बरामद
अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने 23 जुलाई को एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के कब्जे से 6.5 किलो हेरोइन और 9.90 लाख रुपये की नशे की रकम बरामद हुई। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान नशा तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश किया।
दो पिस्तौल के साथ चार आरोपी गिरफ्तार
अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने 18 जुलाई को चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 5.557 किलो हेरोइन और दो आधुनिक पिस्तौल बरामद की थीं। जांच में सामने आया कि आरोपी विदेशी तस्करों के संपर्क में थे। वे क्षेत्र में आपराधिक तत्वों तक पहुंचाने के लिए नशे और हथियारों की खेप हासिल करते थे।
30.672 किलो हेरोइन के साथ तीन गिरफ्तार
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की फिरोजपुर रेंज ने सीमा पार से चल रहे नशा तस्करी मॉड्यूल से जुड़े तीन लोगों को 30.672 किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। जांच के अनुसार यह खेप विदेशी नशा तस्कर ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से भेजी थी। एक भारतीय तस्कर ने इसे आगे सप्लाई करने के लिए फिरोजपुर के गांव अली के क्षेत्र से हासिल किया था।
इन लगातार कार्रवाइयों से साफ है कि सीमा पार से नशे की तस्करी का नेटवर्क कई स्तरों पर काम कर रहा है। विदेशी हैंडलरों से लेकर स्थानीय तस्करों तक की कड़ियां सामने आ रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों के सामने चुनौती सिर्फ सीमा पर खेप रोकने की नहीं बल्कि इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने की है।
नशे के खिलाफ पंजाब में सख्त कार्रवाई की जा रही है। गुप्त सूचनाओं ने एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को और मजबूती प्रदान की है। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में नागरिक गुप्त सूचनाएं देने के लिए आगे आएंगे जिससे पुलिस को कार्रवाई करने में और सफलता मिलेगी। - गौरव यादव, डीजीपी, पंजाब
काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर ने 1 अगस्त को सीमा पार से नशा तस्करी और संगठित अपराध से जुड़े नेटवर्क के एक गुर्गे को 20 किलो हेरोइन सहित गिरफ्तार किया था। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी सीमा पार के तस्करों से जुड़े विदेशी हैंडलर के इशारे पर काम कर रहा था। उसे सीमावर्ती क्षेत्र में हेरोइन की खेप हासिल कर पंजाब के अलग-अलग हिस्सों में आगे पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई थी।
30 किलो हेरोइन के साथ दो गिरफ्तार
काउंटर इंटेलिजेंस अमृतसर ने 14 जुलाई को सीमा पार से चल रहे नशा तस्करी के मॉड्यूल के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से 30 किलो हेरोइन बरामद हुई थी। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी सीमा पार के तस्करों से जुड़े विदेशी हैंडलर के इशारे पर काम कर रहे थे। वे अलग-अलग जगहों से हेरोइन की खेप हासिल कर पंजाब में विभिन्न लोगों तक पहुंचाते थे।
महिला समेत तीन से 6.5 किलो हेरोइन बरामद
अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने 23 जुलाई को एक महिला समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के कब्जे से 6.5 किलो हेरोइन और 9.90 लाख रुपये की नशे की रकम बरामद हुई। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान नशा तस्करी के नेटवर्क का पर्दाफाश किया।
दो पिस्तौल के साथ चार आरोपी गिरफ्तार
अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने 18 जुलाई को चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 5.557 किलो हेरोइन और दो आधुनिक पिस्तौल बरामद की थीं। जांच में सामने आया कि आरोपी विदेशी तस्करों के संपर्क में थे। वे क्षेत्र में आपराधिक तत्वों तक पहुंचाने के लिए नशे और हथियारों की खेप हासिल करते थे।
30.672 किलो हेरोइन के साथ तीन गिरफ्तार
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की फिरोजपुर रेंज ने सीमा पार से चल रहे नशा तस्करी मॉड्यूल से जुड़े तीन लोगों को 30.672 किलो हेरोइन के साथ गिरफ्तार किया था। जांच के अनुसार यह खेप विदेशी नशा तस्कर ने अंतरराष्ट्रीय सीमा पार से भेजी थी। एक भारतीय तस्कर ने इसे आगे सप्लाई करने के लिए फिरोजपुर के गांव अली के क्षेत्र से हासिल किया था।
इन लगातार कार्रवाइयों से साफ है कि सीमा पार से नशे की तस्करी का नेटवर्क कई स्तरों पर काम कर रहा है। विदेशी हैंडलरों से लेकर स्थानीय तस्करों तक की कड़ियां सामने आ रही हैं। सुरक्षा एजेंसियों के सामने चुनौती सिर्फ सीमा पर खेप रोकने की नहीं बल्कि इस पूरे नेटवर्क को तोड़ने की है।
नशे के खिलाफ पंजाब में सख्त कार्रवाई की जा रही है। गुप्त सूचनाओं ने एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स को और मजबूती प्रदान की है। मुझे पूरा विश्वास है कि आने वाले दिनों में बड़ी संख्या में नागरिक गुप्त सूचनाएं देने के लिए आगे आएंगे जिससे पुलिस को कार्रवाई करने में और सफलता मिलेगी। - गौरव यादव, डीजीपी, पंजाब