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पंजाब में सड़क पर लापरवाही: नेशनल हाईवे पर हर आठ घंटे में हो रहा एक हादसा, 75 फीसदी लोग गंवा रहे जान
राजिंद्र शर्मा, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Fri, 30 Jan 2026 10:01 AM IST
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सार
वर्ष 2025 में एनएच पर 1111 सड़क हादसे हुए जिसमें 858 लोगों की जान चली गई। पिछले कुछ साल में केंद्र और राज्य सरकार ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का पता लगाकर हादसों को रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं।
Accident Demo
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पंजाब में नेशनल हाईवे (एनएच) पर हर आठ घंटे में एक हादसा हो रहा है जिसमें 75 फीसदी लोग जान गंवा रहे हैं। सड़क पर लापरवाही भारी पड़ रही है जिसके चलते हादसे रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। खासकर सर्दी के मौसम में धुंध के दौरान हादसे होने का खतरा और बढ़ जाता है। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है जिसे वीरवार को संसद में पेश किया गया है।
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में एनएच पर 1111 सड़क हादसे हुए जिसमें 858 लोगों की जान चली गई। पिछले कुछ साल में केंद्र और राज्य सरकार ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का पता लगाकर हादसों को रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं। इससे हादसों में कमी जरूरी आई है लेकिन अभी भी मौतों की दर चिंताजनक है।
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में 1912 हादसे हुए जिसमें 1562 लोगों को जान गंवानी पड़ी। इसी तरह वर्ष 2023 में 2388 हादसों में 1895 और वर्ष 2022 के दौरान 2293 हादसों में 1881 लोगों की मौत हो गई। वर्ष 2021 में 2288 हादसों में 1950 लोगों की जान चली गई। रिपोर्ट के अनुसार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सड़क दुर्घटना आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि सड़क दुर्घटनाओं के कई कारण हैं। इनमें प्रमुख रूप से मानव त्रुटि, सड़क की स्थिति, पर्यावरण और वाहनों की स्थिति शामिल है।
केंद्र ने चार लेन और उससे अधिक चौड़ाई वाले सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर चरणबद्ध तरीके से सभी राज्यों में एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है ताकि सभी राज्यों के लिए ही यातायात प्रबंधन के लिए एक प्रणाली लागू हो और सड़क हादसों में कमी लाने का प्रयास किया जा सके।
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रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2025 में एनएच पर 1111 सड़क हादसे हुए जिसमें 858 लोगों की जान चली गई। पिछले कुछ साल में केंद्र और राज्य सरकार ने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का पता लगाकर हादसों को रोकने के लिए कई कदम उठाए हैं। इससे हादसों में कमी जरूरी आई है लेकिन अभी भी मौतों की दर चिंताजनक है।
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रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2024 में 1912 हादसे हुए जिसमें 1562 लोगों को जान गंवानी पड़ी। इसी तरह वर्ष 2023 में 2388 हादसों में 1895 और वर्ष 2022 के दौरान 2293 हादसों में 1881 लोगों की मौत हो गई। वर्ष 2021 में 2288 हादसों में 1950 लोगों की जान चली गई। रिपोर्ट के अनुसार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के सड़क दुर्घटना आंकड़ों के विश्लेषण से पता चलता है कि सड़क दुर्घटनाओं के कई कारण हैं। इनमें प्रमुख रूप से मानव त्रुटि, सड़क की स्थिति, पर्यावरण और वाहनों की स्थिति शामिल है।
केंद्र ने चार लेन और उससे अधिक चौड़ाई वाले सभी राष्ट्रीय राजमार्गों पर चरणबद्ध तरीके से सभी राज्यों में एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम लागू करने का निर्णय लिया है ताकि सभी राज्यों के लिए ही यातायात प्रबंधन के लिए एक प्रणाली लागू हो और सड़क हादसों में कमी लाने का प्रयास किया जा सके।