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Jalandhar News: पुलिस-किसानों में दिनभर तनातनी, 23 तक आंदोलन स्थगित
Wed, 09 Sep 2026 10:53 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
संवाद न्यूज एजेंसी, जालंधर
Updated Wed, 09 Sep 2026 10:53 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
फरीदकोट। बुधवार को फरीदकोट में किसान महापंचायत को लेकर किसानों और पुलिस प्रशासन के बीच दिनभर तनातनी रही। देर शाम दोनों पक्षों में सहमति बनने के बाद किसानों ने अपना आंदोलन 23 सितंबर तक स्थगित करने की घोषणा की।
प्रशासन ने किसानों को उनकी मांगों पर सरकार के साथ जल्द बैठक करवाने का भरोसा दिया है। भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर लैंड मॉर्गेज बैंकों में एकमुश्त निपटान योजना लागू करने की मांग कर रही है। वे किसानों से लिए गए खाली चेक वापस करवाने और आंदोलन के दौरान हुए नुकसान की भरपाई भी चाहते हैं। 29 अगस्त को फरीदकोट में हुए प्रदर्शन के दौरान करीब 200 किसानों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद किसान संगठन ने जेल भरो आंदोलन चलाया। 9 सितंबर को फरीदकोट में किसान महापंचायत का एलान किया गया था। महापंचायत से पहले बुधवार सुबह पुलिस ने कई किसान नेताओं को नजरबंद किया। इनमें प्रदेश अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाला भी शामिल थे। डल्लेवाला अपने साथियों के साथ घर से बाहर निकल आए और किसानों का काफिला फरीदकोट के फिरोजपुर रोड तक पहुंच गया।
किसानों की प्रमुख मांगें
किसानों की प्रमुख मांगों में लैंड मॉर्गेज बैंकों में कमर्शियल बैंकों के समान एकमुश्त निपटान योजना लागू करना है। वे किसानों से लिए गए खाली चेक वापस करवाने की भी मांग कर रहे हैं। शंभू और खनाैरी बॉर्डर पर आंदोलन के दौरान किसानों को हुए नुकसान की भरपाई भी उनकी मुख्य मांगों में से एक है। ये धरने फरीदकोट सहित राज्य के 12 जिलों में दिए जा रहे हैं।
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आंदोलन का स्थगन और चेतावनी
प्रशासन ने किसानों को उनकी मांगों के संबंध में सरकार के साथ जल्द बैठक का आश्वासन दिया। किसानों ने प्रशासन के भरोसे और 19 से 23 सितंबर तक होने वाले बाबा फरीद आगमन पर्व को ध्यान में रखते हुए आंदोलन स्थगित किया। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाला ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बैठक कर उनकी मांगों का समाधान नहीं किया तो वे अपने साथियों के साथ भूख हड़ताल और मरणव्रत शुरू करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
9frd1 से 9frd3
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फरीदकोट। बुधवार को फरीदकोट में किसान महापंचायत को लेकर किसानों और पुलिस प्रशासन के बीच दिनभर तनातनी रही। देर शाम दोनों पक्षों में सहमति बनने के बाद किसानों ने अपना आंदोलन 23 सितंबर तक स्थगित करने की घोषणा की।
प्रशासन ने किसानों को उनकी मांगों पर सरकार के साथ जल्द बैठक करवाने का भरोसा दिया है। भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर लैंड मॉर्गेज बैंकों में एकमुश्त निपटान योजना लागू करने की मांग कर रही है। वे किसानों से लिए गए खाली चेक वापस करवाने और आंदोलन के दौरान हुए नुकसान की भरपाई भी चाहते हैं। 29 अगस्त को फरीदकोट में हुए प्रदर्शन के दौरान करीब 200 किसानों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। इसके बाद किसान संगठन ने जेल भरो आंदोलन चलाया। 9 सितंबर को फरीदकोट में किसान महापंचायत का एलान किया गया था। महापंचायत से पहले बुधवार सुबह पुलिस ने कई किसान नेताओं को नजरबंद किया। इनमें प्रदेश अध्यक्ष जगजीत सिंह डल्लेवाला भी शामिल थे। डल्लेवाला अपने साथियों के साथ घर से बाहर निकल आए और किसानों का काफिला फरीदकोट के फिरोजपुर रोड तक पहुंच गया।
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किसानों की प्रमुख मांगें
किसानों की प्रमुख मांगों में लैंड मॉर्गेज बैंकों में कमर्शियल बैंकों के समान एकमुश्त निपटान योजना लागू करना है। वे किसानों से लिए गए खाली चेक वापस करवाने की भी मांग कर रहे हैं। शंभू और खनाैरी बॉर्डर पर आंदोलन के दौरान किसानों को हुए नुकसान की भरपाई भी उनकी मुख्य मांगों में से एक है। ये धरने फरीदकोट सहित राज्य के 12 जिलों में दिए जा रहे हैं।
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आंदोलन का स्थगन और चेतावनी
प्रशासन ने किसानों को उनकी मांगों के संबंध में सरकार के साथ जल्द बैठक का आश्वासन दिया। किसानों ने प्रशासन के भरोसे और 19 से 23 सितंबर तक होने वाले बाबा फरीद आगमन पर्व को ध्यान में रखते हुए आंदोलन स्थगित किया। किसान नेता जगजीत सिंह डल्लेवाला ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने बैठक कर उनकी मांगों का समाधान नहीं किया तो वे अपने साथियों के साथ भूख हड़ताल और मरणव्रत शुरू करने से भी पीछे नहीं हटेंगे।
9frd1 से 9frd3