Punjab Police: जहां संतरी के रूप में शुरू की नौकरी, वहीं बने इंस्पेक्टर, सुरजीत सिंह की संघर्ष भरी कहानी
पुलिस सेवा में मेहनत, अनुशासन और ईमानदारी का बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए सुरजीत सिंह ने संतरी से इंस्पेक्टर तक का सफर तय किया है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
पुलिस सेवा में मेहनत, अनुशासन और ईमानदारी का बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए सुरजीत सिंह ने संतरी से इंस्पेक्टर तक का सफर तय किया है। पंजाब पुलिस में हाल ही में इंस्पेक्टर पद पर पदोन्नत हुए सुरजीत सिंह ने इतिहास रच दिया है। खास बात यह है कि उन्होंने अपने कॅरिअर की शुरुआत जगरांव के सदर पुलिस स्टेशन में संतरी के रूप में की थी और आज उसी थाने में एसएचओ के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। सुरजीत सिंह ने वर्षों की निष्ठावान सेवा के दौरान कांस्टेबल से हवलदार, हवलदार से एएसआई, एएसआई से एसआई और अब इंस्पेक्टर तक पदोन्नति हासिल की। उनकी यह उपलब्धि न केवल व्यक्तिगत सफलता है, बल्कि पूरे पुलिस विभाग के लिए प्रेरणास्रोत भी है।
पदोन्नति के अवसर पर लुधियाना ग्रामीण के एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता (आईपीएस) और डीएसपी जसविंदर सिंह ढिंडसा ने उनके कंधों पर इंस्पेक्टर के सितारे लगाए। इस मौके पर विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें बधाई दी। इंस्पेक्टर सुरजीत सिंह ने बताया कि उनकी भर्ती वर्ष 1989 में बटाला में कांस्टेबल के रूप में हुई थी। आतंकवाद के कठिन दौर में उनका तबादला लुधियाना जिले में हुआ, जहां वे लगातार सेवाएं देते आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि सेवा के दौरान कई चुनौतियां आईं, लेकिन कर्तव्य से कभी समझौता नहीं किया।
उन्होंने गर्व जताते हुए कहा कि उसी पुलिस स्टेशन में इंस्पेक्टर बनना, जहां से उनका सफर शुरू हुआ, उनके लिए सबसे बड़ा सम्मान है। सदर थाने में वे करीब डेढ़ वर्ष तक सबसे लंबे समय तक एसएचओ भी रहे हैं।