फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Ludhiana News ›   The Prakash Parv (birth anniversary) of the Tenth Guru was celebrated with devotion, reverence, and grandeur.

Ludhiana News: दशम पिता का प्रकाश पर्व श्रद्धा, भक्ति और भव्यता के साथ मनाया

Sat, 27 Dec 2025 07:58 PM IST
Chandigarh Bureau चंडीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 27 Dec 2025 07:58 PM IST
विज्ञापन
The Prakash Parv (birth anniversary) of the Tenth Guru was celebrated with devotion, reverence, and grandeur.
अमृतसर। खालसा पंथ के संस्थापक दशम पिता श्री गुरु गोबिंद सिंह महाराज का प्रकाश पर्व शनिवार को पूरे श्रद्धा, सम्मान और धार्मिक मर्यादा के साथ मनाया गया। इस अवसर पर श्री हरिमंदिर साहिब में देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु शामिल हुए और सरबत के भले के लिए अरदास की। महिलाएं, बच्चे और संगत सभी अपने श्रद्धा भाव के साथ उपस्थित रहे।
विज्ञापन

इस पर्व का विशेष महत्व इसलिए है क्योंकि इसी समय गुरु साहिब के चारों साहिबजादे—बाबा अजीत सिंह जी, बाबा जु्झार सिंह जी, बाबा जोरावर सिंह जी और बाबा फतेह सिंह जी—का शहादत दिवस भी आता है। कम उम्र में साहिबजादों ने अत्याचार और अन्याय के सामने अडिग रहकर यह सिद्ध कर दिया कि धर्म, सत्य और मानवता के लिए बलिदान सर्वोपरि है। श्रद्धालुओं ने साहिबजादों को याद कर नमन किया और उनके अदम्य साहस से प्रेरणा ली।
विज्ञापन

हरिमंदिर साहिब में भव्य सजावट और कीर्तन
श्री हरिमंदिर साहिब में इस अवसर पर भव्य जलो, रत्न- और सोने-चांदी के आभूषण, हीरे-जवाहरात से सजे छत्र प्रदर्शित किए गए। हजूरी रागी जत्थों ने गुरबाणी कीर्तन कर वातावरण को भक्ति और श्रद्धा से भर दिया। हजूरी रागी भाई जु्झार सिंह ने कहा कि गुरु गोबिंद सिंह जी का संघर्ष किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं था, बल्कि उनका उद्देश्य अन्याय और जुल्म के खिलाफ लड़ना और मानवता की रक्षा करना था।
विज्ञापन
विज्ञापन

दीपमाला और शांतिपूर्ण आयोजन
इस वर्ष प्रकाश पर्व पर साहिबजादों की शहादत को ध्यान में रखते हुए आतिशबाजी नहीं की गई। केवल दीपमाला के माध्यम से पर्व मनाया गया, जिसमें संगत ने सक्रिय भागीदारी की। शाम को श्री हरिमंदिर साहिब के सरोवर के चारों तरफ देसी घी के दीप जलाए गए, जिससे चारों ओर प्रकाश और भक्ति का माहौल बन गया। एसजीपीसी अध्यक्ष एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने संगत से कहा कि गुरु साहिब के आदर्शों को अपनाना और अन्याय के खिलाफ खड़ा होना आज के समय में अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रकाश पर्व केवल धार्मिक आयोजन नहीं है, बल्कि यह मानवता, सेवा और न्याय के प्रति जागरूकता फैलाने का माध्यम भी है। इस प्रकार, फतेहगढ़ साहिब की पावन धरती पर प्रकाश पर्व ने श्रद्धालुओं के मन में भक्ति, साहस और अनुशासन की भावना को सशक्त किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article