{"_id":"6a9e377c618a003b9200be79","slug":"mohali-farmers-protest-punjab-government-verbally-agreed-to-most-demands-written-assurance-2026-09-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"खत्म हुआ किसान मोर्चा: मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर से लौटने लगे किसान, सरकार के साथ बनी लिखित सहमति","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खत्म हुआ किसान मोर्चा: मोहाली-चंडीगढ़ बॉर्डर से लौटने लगे किसान, सरकार के साथ बनी लिखित सहमति
Mon, 07 Sep 2026 09:33 AM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Mon, 07 Sep 2026 09:33 AM IST
सार
पंजाब-चंडीगढ़ बॉडर्र पर किसानों का धरना सोमवार को समाप्त हो गया। सरकार के साथ मांगों को लेकर सहमति बन गई है।
विज्ञापन
कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुंडिया ने मंच पर किसानों को दिया लिखित पत्र
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर पक्का मोर्चा लगाए बैठे संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के किसान अब सरकार की ओर से मांगें माने जाने के बाद वापस लौटने लगे हैं। सोमवार को किसान जत्थों ने धरनास्थल से अपना सामान समेटना शुरू कर दिया। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और अन्य वाहनों के जरिए किसान अपने गांवों की ओर रवाना हुए।
एक सितंबर को किसानों ने लगाया था पक्का मोर्चा
एसकेएम की ओर से एक सितंबर से चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर सात दिवसीय पक्का मोर्चा लगाया गया था। इसमें पंजाब के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में किसान पहुंचे थे। किसानों ने कर्ज माफी, फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी, पानी से जुड़े मुद्दों और अन्य लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की थी।
धरने के दौरान किसान संगठनों ने महापंचायत और मार्च निकालकर सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाईं। किसान नेताओं का कहना था कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। रविवार को सरकार और किसान नेताओं के बीच बैठक हुई, जिसमें अधिकतर मांगों पर सहमति बनने के बाद आंदोलन समाप्त करने की दिशा में रास्ता साफ हुआ।
विज्ञापन
सोमवार सुबह सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने मोर्चा समाप्त करने का फैसला किया। इसके बाद धरनास्थल पर मौजूद किसान अपने तंबू, बिस्तर, राशन और अन्य सामान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में लादकर वापस जाने लगे। किसानों के लौटने से बॉर्डर क्षेत्र में धीरे-धीरे सामान्य स्थिति बहाल होने लगी।
किसान नेताओं ने कहा कि सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए समाधान का भरोसा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में सरकार अपने आश्वासन से पीछे हटती है तो किसान दोबारा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे।
किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि कृषि मंत्री ने सभी मांगों को मानने को लेकर पत्र सौंपा है। इसकी कॉपियां सभी जत्थेबंदियों को दी जाएंगी। उन्होंने इसको लेकर कृषि मंत्री का आभार जताया।
विज्ञापन
एक सितंबर को किसानों ने लगाया था पक्का मोर्चा
एसकेएम की ओर से एक सितंबर से चंडीगढ़-मोहाली बॉर्डर पर सात दिवसीय पक्का मोर्चा लगाया गया था। इसमें पंजाब के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में किसान पहुंचे थे। किसानों ने कर्ज माफी, फसलों पर एमएसपी की कानूनी गारंटी, पानी से जुड़े मुद्दों और अन्य लंबित मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद की थी।
विज्ञापन
धरने के दौरान किसान संगठनों ने महापंचायत और मार्च निकालकर सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाईं। किसान नेताओं का कहना था कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। रविवार को सरकार और किसान नेताओं के बीच बैठक हुई, जिसमें अधिकतर मांगों पर सहमति बनने के बाद आंदोलन समाप्त करने की दिशा में रास्ता साफ हुआ।
विज्ञापन
सोमवार सुबह सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद किसानों ने मोर्चा समाप्त करने का फैसला किया। इसके बाद धरनास्थल पर मौजूद किसान अपने तंबू, बिस्तर, राशन और अन्य सामान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में लादकर वापस जाने लगे। किसानों के लौटने से बॉर्डर क्षेत्र में धीरे-धीरे सामान्य स्थिति बहाल होने लगी।
किसान नेताओं ने कहा कि सरकार ने उनकी मांगों को गंभीरता से लेते हुए समाधान का भरोसा दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि भविष्य में सरकार अपने आश्वासन से पीछे हटती है तो किसान दोबारा आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे।
किसान नेता बलबीर सिंह राजेवाल ने कहा कि कृषि मंत्री ने सभी मांगों को मानने को लेकर पत्र सौंपा है। इसकी कॉपियां सभी जत्थेबंदियों को दी जाएंगी। उन्होंने इसको लेकर कृषि मंत्री का आभार जताया।