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नशों पर वार : पंजाब सरकार स्कूलों से शुरू करेगी युद्ध
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मोहाली। पंजाब सरकार ने नशे के खिलाफ लड़ाई को अब सीधे स्कूलों से शुरू करने का फैसला किया है। युद्ध नशों के विरुद्ध अभियान के तहत सरकार शिक्षा व्यवस्था को सबसे बड़ा सुरक्षा कवच बनाकर एक व्यापक स्कूल-आधारित एक्शन प्रोग्राम लागू करने जा रही है। इसके तहत सीनियर सेकेंडरी के छात्रों के लिए नशों के दुष्प्रभावों पर विशेष पाठ्यक्रम और स्कूलों में रोज़ाना ध्यान सत्र शुरू किए जाएंगे।
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने मोहाली के स्कूल ऑफ एमिनेंस में आयोजित प्रशिक्षण सत्र के दौरान साफ किया कि नशा तस्करों पर कार्रवाई के साथ-साथ युवाओं को शुरुआती दौर में ही सुरक्षित करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और रोकथाम ही इस निर्णायक लड़ाई के सबसे प्रभावी हथियार हैं।
सरकार ने घोषणा की कि आगामी शैक्षणिक सत्र से कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों को नशों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की व्यवस्थित जानकारी दी जाएगी। वहीं, मोहाली जिले में पायलट आधार पर स्कूलों में प्रतिदिन लगभग 30 मिनट का ध्यान सत्र शुरू कर विद्यार्थियों में मानसिक अनुशासन और आत्म-नियंत्रण विकसित किया जाएगा। प्रत्येक स्कूल में शिकायत-सह-सुझाव बॉक्स लगाए गए हैं, ताकि छात्र बिना पहचान उजागर किए नशा बेचने वालों या संरक्षण देने वालों की जानकारी दे सकें। सरकार का दावा है कि इन सूचनाओं पर राज्य स्तर पर त्वरित और स्वतंत्र कार्रवाई की जाएगी।
इस मौके पर दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि पंजाब सरकार केवल बाहरी निगरानी नहीं, बल्कि बच्चों की मानसिक मजबूती पर भी काम कर रही है, ताकि वे किसी दबाव या लालच में आकर नशे की ओर न बढ़ें। कार्यक्रम में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह भी मौजूद रहे। इससे पहले स्कूल की छात्राओं की गिद्दा प्रस्तुति ने नशा-मुक्त पंजाब का संदेश दिया।
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सरकार ने घोषणा की कि आगामी शैक्षणिक सत्र से कक्षा 11वीं और 12वीं के छात्रों को नशों के शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों की व्यवस्थित जानकारी दी जाएगी। वहीं, मोहाली जिले में पायलट आधार पर स्कूलों में प्रतिदिन लगभग 30 मिनट का ध्यान सत्र शुरू कर विद्यार्थियों में मानसिक अनुशासन और आत्म-नियंत्रण विकसित किया जाएगा। प्रत्येक स्कूल में शिकायत-सह-सुझाव बॉक्स लगाए गए हैं, ताकि छात्र बिना पहचान उजागर किए नशा बेचने वालों या संरक्षण देने वालों की जानकारी दे सकें। सरकार का दावा है कि इन सूचनाओं पर राज्य स्तर पर त्वरित और स्वतंत्र कार्रवाई की जाएगी।
इस मौके पर दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि पंजाब सरकार केवल बाहरी निगरानी नहीं, बल्कि बच्चों की मानसिक मजबूती पर भी काम कर रही है, ताकि वे किसी दबाव या लालच में आकर नशे की ओर न बढ़ें। कार्यक्रम में पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह भी मौजूद रहे। इससे पहले स्कूल की छात्राओं की गिद्दा प्रस्तुति ने नशा-मुक्त पंजाब का संदेश दिया।