फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Zero development in Pathankot Sewerage wastewater are biggest issues

पठानकोट में विकास 'जीरो': सीवरेज-गंदा पानी सबसे बड़ी परेशानी, तीनों दल एक-दूसरे पर डाल रहे जिम्मेदारी

Fri, 02 Oct 2026 10:02 AM IST
Nivedita सूरज प्रकाश, संवाद, पठानकोट
सूरज प्रकाश, संवाद, पठानकोट Published by: Nivedita Updated Fri, 02 Oct 2026 10:02 AM IST
सार

पठानकोट में चुनावी बहस अब आरोप-प्रत्यारोप से आगे बढ़कर शहर की बुनियादी सुविधाओं और विकास के कामों पर केंद्रित होती दिख रही है। आने वाले समय में राजनीतिक दल अपने-अपने कार्यकाल और भूमिका का हिसाब जनता के सामने रखने की कोशिश करेंगे।

विज्ञापन
Zero development in Pathankot Sewerage wastewater are biggest issues
पठानकोट विधानसभा क्षेत्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पठानकोट में साढ़े चार साल की सियासत का समीकरण कुछ ऐसा रहा- विधायक भाजपा का, सरकार आम आदमी पार्टी की और नगर निगम की कमान कांग्रेस के हाथ में, लेकिन शहर की बुनियादी समस्याओं को लेकर अब भी सवाल खड़े हैं। 
विज्ञापन


सीवरेज, गंदा पानी, कूड़े के ढेर, ट्रैफिक और पार्किंग जैसी समस्याएं लोगों की परेशानी बनी हुई हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले यही मुद्दे अब सियासी बहस के केंद्र में आ गए हैं। तीनों दल एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डाल रहे हैं और जनता के बीच सवाल उठ रहा है कि विकास की जिम्मेदारी आखिर किसकी थी। शहर का हाल देखो तो विकास जीरो है।
विज्ञापन


2022 में भाजपा ने जीती थी सीट
2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा के अश्विनी कुमार शर्मा ने 43,132 वोट हासिल कर जीत दर्ज की थी। कांग्रेस के अमित विज को 35,373 वोट मिले थे, जबकि आम आदमी पार्टी के विभूति शर्मा 31,451 वोट लेकर तीसरे स्थान पर रहे थे। भाजपा और कांग्रेस के बीच जीत का अंतर 7,759 वोट था।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीवरेज और गंदा पानी सबसे बड़ी परेशानी
पठानकोट निवासी एलआर सोढ़ी और दपिंद्र अरोड़ा के अनुसार शहर के कई हिस्सों में सफाई व्यवस्था, सीवरेज, गंदे पानी की निकासी, कूड़े के ढेर, ट्रैफिक और पार्किंग की समस्या बनी हुई है। उनका कहना है कि सीवरेज और गंदा पानी लोगों के लिए सबसे बड़ी परेशानी है। इसके अलावा ओटीएस के दायरे और उसके तहत निर्माण से जुड़े नियमों को लेकर भी लोगों में असमंजस है।

भाजपा का आरोप- सरकार ने काम नहीं होने दिया
भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश शर्मा ने विधायक अश्विनी शर्मा के हवाले से कहा कि विधायक ने पठानकोट के विकास, नशे और जनहित से जुड़े मुद्दे विधानसभा में उठाए, लेकिन पंजाब सरकार ने शहर में कोई काम नहीं होने दिया। उनका आरोप है कि आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में पठानकोट में अपराध और नशे की घटनाएं बढ़ी हैं। उन्होंने महिलाओं से बालियां छीनने और मारपीट की घटनाओं का भी जिक्र किया।

कांग्रेस बोली- निगम को नहीं मिला पर्याप्त फंड
कांग्रेस जिलाध्यक्ष पन्ना लाल भाटिया ने पूर्व विधायक अमित विज के हवाले से कहा कि आप सरकार ने महिलाओं के खातों में पैसे डालने के अलावा पठानकोट के विकास के लिए पर्याप्त काम नहीं किया। उनका आरोप है कि नगर निगम को विकास के लिए पर्याप्त फंड नहीं मिला। उन्होंने कहा कि भाजपा विधायक को केंद्र में अपनी पार्टी की सरकार होने का लाभ उठाते हुए राज्य और केंद्र से बातचीत कर शहर के लिए फंड लाना चाहिए था।

आप का पलटवार- कांग्रेस के निगम में फंड का दुरुपयोग
इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन और आप नेता सौरभ बहल ने आरोप लगाया कि नगर निगम पर कांग्रेस का कब्जा रहा और सरकार की ओर से भेजे गए फंड का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने कहा कि काली माता मंदिर के सामने सड़क पर पानी की समस्या का समाधान कराया गया। साथ ही उन्होंने भाजपा और अकाली दल के कार्यकाल में नशे की समस्या बढ़ने का आरोप लगाया।

चुनाव से पहले टिकट की दौड़ भी तेज
2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर संभावित उम्मीदवारों के नाम भी चर्चा में आने लगे हैं। आम आदमी पार्टी से सौरभ बहल और रोहित स्याल, कांग्रेस से पूर्व विधायक अमित विज, पूर्व मंत्री रमन भल्ला और अनिल दारा तथा भाजपा से विधायक अश्विनी शर्मा, अनिल वासूदेवा और नरेंद्र काला के नाम चर्चा में हैं। अकाली दल से सुरिंदर मिंटू और पूर्व विधायक अशोक शर्मा के नाम सामने आ रहे हैं।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed