और देखनें के लिए स्वाइप करें
मिलने को तो हज़ारो लोग मिल जाते हैं,
लेकिन हज़ारो गलतियां माफ़ करने वाले
“माँ-बाप” दुबारा नहीं मिलते।
मोहब्बत के भी कुछ अंदाज होते है,
जागती आँखो के भी कुछ ख्वाब होते है,
ज़रूरी नही के गम मे ही आँसू निकले,
मुस्कुराती आँखो मे भी सैलाब होते है।
Please wait...
Please wait...
Followed