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ठहरे तो चांद सी,
चले तो हवा सी
वो माँ ही है जो तेज गर्मी में छाव सी।
मोहब्बत के भी कुछ अंदाज होते है,
जागती आँखो के भी कुछ ख्वाब होते है,
ज़रूरी नही के गम मे ही आँसू निकले,
मुस्कुराती आँखो मे भी सैलाब होते है।
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