जयपुर में धनतेरस पर खरीदारी का शुभ मुहूर्त: सुबह साढ़े दस बजे से, शाम को इस समय करें पूजा
जयपुर में धनतेरस पर खरीदारी का शुभ मुहूर्त शुक्रवार सुबह 10:31 बजे से शुरू होगा। लक्ष्मी-कुबेर पूजन शाम 6:11 से रात 8:07 बजे तक किया जा सकेगा।
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धनतेरस शुक्रवार, 6 नवंबर को मनाई जाएगी। इस बार जयपुर में धनतेरस पर खरीदारी और पूजा के लिए अलग-अलग शुभ समय रहेंगे। त्रयोदशी तिथि शुक्रवार सुबह 10 बजकर 31 मिनट से शुरू होगी, जो शनिवार सुबह 10 बजकर 48 मिनट तक रहेगी। ऐसे में शुक्रवार सुबह तिथि शुरू होने के बाद से शनिवार सुबह तक सोना-चांदी, बर्तन और अन्य नई वस्तुओं की खरीदारी की जा सकेगी।
प्रोफेसर विनोद शास्त्री के अनुसार धनतेरस पर लक्ष्मी-कुबेर पूजन का शुभ समय शाम 6 बजकर 11 मिनट से रात 8 बजकर 7 मिनट तक रहेगा। यह समय प्रदोष काल और वृषभ लग्न का है। वहीं, प्रदोष काल शाम 5 बजकर 41 मिनट से रात 8 बजकर 17 मिनट तक रहेगा। इस दौरान घरों और प्रतिष्ठानों में पूजा के साथ यम दीपदान भी किया जाएगा।
शुक्र प्रदोष और कुबेर योग का संयोग
ज्योतिषाचार्य पुरुषोत्तम गौड़ के अनुसार, इस बार शुक्रवार को धनतेरस होने से शुक्र प्रदोष का संयोग बन रहा है। इसके साथ कुबेर योग और हस्त नक्षत्र भी रहेंगे। धनतेरस को अबूझ मुहूर्त माना जाता है। ऐसे में इस दिन सोने-चांदी और बर्तनों की खरीदारी के साथ नए कारोबार की शुरुआत, गृह प्रवेश और नींव पूजन जैसे कार्य भी किए जा सकते हैं।
सोना-चांदी से लेकर वाहन खरीदने की तैयारी
धनतेरस पर जयपुर के बाजारों में सोने-चांदी के आभूषण, सिक्के, बर्तन और घरेलू सामान की खरीदारी होगी। इस बार भगवान धन्वंतरी की अष्टधातु प्रतिमाओं के साथ चांदी के लक्ष्मी-गणेश, सिक्के और हल्के वजन के आभूषण भी ग्राहकों के आकर्षण का केंद्र हैं। ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स बाजारों में भी धनतेरस की तैयारियां की गई हैं। कई लोग इस दिन वाहन और घरेलू उपकरण खरीदने की योजना बना रहे हैं।
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जयपुर में धनतेरस के प्रमुख समय
- धनतेरस: शुक्रवार, 6 नवंबर
- त्रयोदशी तिथि शुरू: सुबह 10:31 बजे
- त्रयोदशी तिथि समाप्त: शनिवार, 7 नवंबर सुबह 10:48 बजे
- प्रदोष काल: शाम 5:41 से रात 8:17 बजे तक
- लक्ष्मी-कुबेर पूजा: शाम 6:11 से रात 8:07 बजे तक