फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   From Fever to Gold: Arundhati Choudhary's Grit Powers Historic Commonwealth Boxing Triumph

Jaipur News: जयपुर पहुंचीं कॉमनवेल्थ चैंपियन अरुंधति चौधरी, बोलीं-'मुझे सिर्फ गोल्ड दिख रहा था'

Wed, 05 Aug 2026 03:25 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Wed, 05 Aug 2026 03:25 PM IST
सार

कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली मुक्केबाज अरुंधति चौधरी जयपुर पहुंचीं। उन्होंने बताया कि फाइनल से पहले तेज बुखार था, लेकिन लक्ष्य सिर्फ देश के लिए गोल्ड जीतना था।

विज्ञापन
From Fever to Gold: Arundhati Choudhary's Grit Powers Historic Commonwealth Boxing Triumph
अरुंधति चौधरी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विज्ञापन

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मुक्केबाजी का स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाली राजस्थान की बेटी अरुंधति चौधरी बुधवार को जयपुर पहुंचीं। एयरपोर्ट पर खेल प्रेमियों, समर्थकों और शुभचिंतकों ने फूल-मालाओं, ढोल-नगाड़ों और जयकारों के साथ उनका भव्य स्वागत किया। स्वर्ण पदक जीतने के बाद पहली बार जयपुर पहुंचीं अरुंधति ने अपनी जीत से जुड़ी भावुक कहानी भी साझा की।

जयपुर एयरपोर्ट पर बातचीत में अरुंधति ने बताया कि कॉमनवेल्थ गेम्स के फाइनल मुकाबले से पहले उनकी तबीयत खराब थी और उन्हें तेज बुखार था। इसके बावजूद उन्होंने मुकाबले से पीछे हटने के बजाय पूरे आत्मविश्वास के साथ रिंग में उतरने का फैसला किया।

विज्ञापन

उन्होंने कहा, "फाइनल के दिन मुझे बुखार था, लेकिन उस समय मेरे दिमाग में सिर्फ गोल्ड मेडल था। मैंने बीमारी या कमजोरी को अपने ऊपर हावी नहीं होने दिया। मेरा लक्ष्य सिर्फ देश के लिए स्वर्ण पदक जीतना था।"

विज्ञापन
विज्ञापन

ग्लासगो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स की 70 किलोग्राम महिला मुक्केबाजी स्पर्धा के फाइनल में अरुंधति ने इंग्लैंड की चैंटेल रीड को एकतरफा मुकाबले में हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। पूरे मुकाबले में उन्होंने आक्रामक खेल दिखाया और विरोधी खिलाड़ी को वापसी का मौका नहीं दिया।


यह भी पढें- छात्रसंघ चुनाव पर सियासत तेज: 15 दिन से अनशन कर रहे शुभम रेवाड़ से मिलने SMS पहुंच गहलोत, सरकार पर साधा निशाना

अरुंधति ने कहा कि यह उपलब्धि केवल उनकी व्यक्तिगत सफलता नहीं, बल्कि पूरे देश और राजस्थान की जीत है। उन्होंने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स चार साल में एक बार होते हैं और वह अगले संस्करण का इंतजार नहीं करना चाहती थीं। इसलिए उन्होंने हर चुनौती के बावजूद अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने का संकल्प लिया।

उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय परिवार और कोचिंग स्टाफ को भी दिया। अरुंधति ने कहा कि परिवार ने हर कदम पर उनका साथ दिया और हमेशा उनका हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि अक्सर यह धारणा बनाई जाती है कि लड़कियां मुक्केबाजी जैसे कठिन खेलों से दूरी बनाती हैं, लेकिन उन्होंने देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर इस सोच को गलत साबित करने का प्रयास किया है।

अरुंधति ने कहा कि यदि उनकी सफलता से देश की कोई बेटी खेलों में आगे बढ़ने और अपने सपनों को पूरा करने की प्रेरणा लेती है, तो यही उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed