राजस्थान निकाय चुनाव: जयपुर में 1,380 नामांकन खारिज, 3,366 उम्मीदवार मैदान में
जयपुर जिले के 19 निकायों के 690 वार्डों में 3,488 नामांकन वैध पाए गए। 3,366 उम्मीदवार मैदान में हैं। 3 सितंबर तक नाम वापसी और 4 सितंबर को चुनाव चिह्न आवंटित होंगे।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
राजस्थान के नगरीय निकाय चुनाव में नामांकन पत्रों की संवीक्षा के बाद जयपुर जिले की चुनावी तस्वीर काफी हद तक साफ हो गई है। जिले के 19 नगरीय निकायों के 690 वार्डों में पार्षद पद के लिए दाखिल नामांकन पत्रों की जांच पूरी हो गई है। कुल 4,868 नामांकन पत्रों में से 1,380 निरस्त किए गए, जबकि 3,488 नामांकन वैध पाए गए। इनके आधार पर 3,366 अभ्यर्थी वैध रूप से नामांकित हुए हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी (म्युनिसिपल) संदेश नायक ने बताया कि नामांकन पत्रों की संवीक्षा के बाद अब चुनावी मुकाबले की तस्वीर सामने आने लगी है। हालांकि अंतिम रूप से कितने उम्मीदवार मैदान में रहेंगे, यह 3 सितंबर को नाम वापसी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा।
यह भी पढें- जयपुर: जूली का भाजपा-आरएसएस पर बड़ा आरोप, शुद्धिकरण से लेकर महंगाई तक साधा निशाना, बोले- कुशासन का हिसाब होगा
जयपुर नगर निगम में 1,007 उम्मीदवार वैध
जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों के लिए कुल 1,378 नामांकन पत्र दाखिल किए गए थे। इनमें से 338 नामांकन निरस्त हुए और 1,040 वैध पाए गए। इनसे कुल 1,007 उम्मीदवार वैध रूप से नामांकित हुए हैं।
वहीं चौमूं नगर परिषद में 234 नामांकन में से 89 निरस्त हुए और 145 वैध पाए गए। यहां 141 उम्मीदवार मैदान में हैं। शाहपुरा नगर परिषद में 533 नामांकन पत्रों में से 194 निरस्त और 339 वैध पाए गए। इसके आधार पर 326 उम्मीदवार वैध रूप से नामांकित हुए हैं।
चाकसू और मनोहरपुर में भी बड़ी संख्या में उम्मीदवार
बगरू नगर पालिका में 210 नामांकन में से 61 निरस्त हुए और 149 वैध पाए गए। यहां 137 उम्मीदवार मैदान में हैं। बस्सी में 211 नामांकन में से 32 निरस्त और 179 वैध रहे, जिससे 178 उम्मीदवार वैध रूप से नामांकित हुए। चाकसू में 365 नामांकन पत्र दाखिल हुए थे। इनमें से 129 निरस्त और 236 वैध पाए गए। यहां 213 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। दूदू में 171 नामांकन में से 48 निरस्त और 123 वैध रहे। इसके आधार पर 121 उम्मीदवार वैध हैं। जमवारामगढ़ में 162 नामांकन में से 50 निरस्त हुए और 112 वैध रहे। यहां 112 उम्मीदवार मैदान में हैं। जोबनेर में 109 नामांकन में से 12 निरस्त और 97 वैध पाए गए। यहां 94 उम्मीदवार वैध रूप से नामांकित हुए हैं।
इन निकायों में भी सामने आई चुनावी तस्वीर
कालाडेरा में 113 नामांकन पत्रों में से 33 निरस्त और 80 वैध रहे। यहां 79 उम्मीदवार मैदान में हैं। कानोता में 74 में से 5 नामांकन निरस्त हुए और 69 वैध रहे। यहां 69 उम्मीदवार वैध हैं।खेजरोली में 162 नामांकन में से 54 निरस्त और 108 वैध रहे। यहां 107 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। किशनगढ़-रेनवाल में 144 नामांकन में से 29 निरस्त हुए और 115 वैध पाए गए। यहां 115 उम्मीदवार मैदान में हैं। मनोहरपुर में 223 नामांकन में से 69 निरस्त और 154 वैध रहे। इसके आधार पर 148 उम्मीदवार वैध रूप से नामांकित हुए। नारायणा में 170 नामांकन में से 62 निरस्त और 108 वैध रहे। यहां 108 उम्मीदवार मैदान में हैं। फागी में 196 नामांकन में से 68 निरस्त और 128 वैध रहे। यहां 113 उम्मीदवार वैध हैं।
फुलेरा में 108 नामांकन में से 11 निरस्त और 97 वैध पाए गए। यहां 97 उम्मीदवार मैदान में हैं। सांभर में 172 नामांकन में से 59 निरस्त और 113 वैध रहे। यहां 105 उम्मीदवार वैध रूप से नामांकित हुए हैं। वाटिका में 133 नामांकन में से 37 निरस्त और 96 वैध पाए गए। यहां 96 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं।
अब बागियों पर नजर, 3 सितंबर तक नाम वापसी
नामांकन की संवीक्षा के बाद अब राजनीतिक दलों की नजर नाम वापसी पर है। वैध रूप से नामांकित उम्मीदवार 3 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे तक अपनी अभ्यर्थिता वापस ले सकेंगे। टिकट नहीं मिलने से नाराज होकर निर्दलीय नामांकन दाखिल करने वाले दावेदारों को मनाने के लिए बीजेपी और कांग्रेस दोनों ही स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं। ऐसे में अगले दो दिन में कई उम्मीदवारों के नाम वापस लेने की संभावना से चुनावी मुकाबले का गणित बदल सकता है। 4 सितंबर को चुनाव चिह्न आवंटित किए जाएंगे। इसके बाद ही यह साफ होगा कि जयपुर जिले के 690 वार्डों में वास्तविक मुकाबला कितने उम्मीदवारों के बीच होगा।
चुनावी गणित का अगला पड़ाव
नामांकन के दौरान बड़ी संख्या में उम्मीदवारों के मैदान में उतरने के बाद अब नाम वापसी का चरण सबसे अहम हो गया है। खासकर राजनीतिक दलों के बागी और निर्दलीय दावेदार किस हद तक मैदान में टिकते हैं, इससे कई वार्डों में जीत-हार के समीकरण सीधे प्रभावित हो सकते हैं।