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पैरा एशियन गेम्स: जयपुर की मोना अग्रवाल ने जीता गोल्ड, अवनी लेखरा ने सिल्वर पर लगाया निशाना
Mon, 19 Oct 2026 03:31 PM IST
Sourabh Bhatt
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: Sourabh Bhatt
Updated Mon, 19 Oct 2026 03:31 PM IST
सार
जापान के नागोया में पैरा एशियन गेम्स की 10 मीटर एयर राइफल SH1 स्पर्धा में जयपुर की मोना अग्रवाल ने 250 अंक के साथ गोल्ड और अवनी लेखरा ने 249.6 अंक के साथ सिल्वर मेडल जीता। दोनों के बीच महज 0.4 अंक का अंतर रहा।
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मोना अग्रवाल
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जापान के नागोया में आयोजित पैरा एशियन गेम्स में जयपुर की दो बेटियों ने शूटिंग में शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का मान बढ़ाया है। विमेंस 10 मीटर एयर राइफल शूटिंग की SH1 कैटेगरी में मोना अग्रवाल ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि अवनी लेखरा ने रजत पदक अपने नाम किया। दोनों खिलाड़ियों के बीच मुकाबला इतना करीबी रहा कि गोल्ड और सिल्वर के फैसले में महज 0.4 अंक का अंतर रहा।
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मोना अग्रवाल ने फाइनल में 250.0 अंक हासिल कर पहला स्थान पाया। वहीं, अवनी लेखरा 249.6 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रहीं। दक्षिण कोरिया की ली यूनरी ने 227.9 अंक हासिल कर कांस्य पदक जीता। दोनों भारतीय खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर खेल जगत में खुशी का माहौल है। प्रदेश के खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने भी मोना और अवनी को बधाई दी।
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पोलियो के बावजूद नहीं छोड़ा हौसला, मोना ने शूटिंग में बनाया मुकाम
मोना अग्रवाल की सफलता संघर्ष और दृढ़ संकल्प की कहानी है। बचपन में पोलियो होने के कारण वह चलने-फिरने में असमर्थ हो गई थीं, लेकिन उन्होंने खेलों से अपना नाता नहीं तोड़ा। उन्होंने शुरुआत एथलेटिक्स से की और बाद में सिटिंग वॉलीबॉल में भी हाथ आजमाया। इस दौरान उन्होंने राज्य स्तर पर कई पदक जीते।
टोक्यो पैरालंपिक के बाद मोना ने शूटिंग को अपने करियर का लक्ष्य बनाया। अवनी लेखरा से प्रेरित होकर उन्होंने इस खेल में आगे बढ़ने का फैसला किया। पेरिस पैरालंपिक की तैयारी के लिए उन्होंने कर्ज तक लिया। अब पैरा एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपनी मेहनत और लगन को एक नई पहचान दी है।
हादसे के बाद व्हीलचेयर पर आईं अवनी, शूटिंग में देश को दिलाए कई पदक
अवनी लेखरा की कहानी भी हौसले और मेहनत की मिसाल है। वर्ष 2012 में हुए एक सड़क हादसे के बाद वह व्हीलचेयर पर आ गई थीं। इसके बाद उन्होंने शूटिंग को अपने जीवन का हिस्सा बनाया और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए कई पदक जीते।
पद्मश्री से सम्मानित अवनी ने टोक्यो पैरालंपिक 2020 में दो पदक जीतकर इतिहास रचा था। उन्होंने वहां स्वर्ण और कांस्य पदक अपने नाम किए थे। अब पैरा एशियन गेम्स में रजत पदक जीतकर उन्होंने एक बार फिर अपनी प्रतिभा साबित की है।
मोना अग्रवाल और अवनी लेखरा की यह उपलब्धि न केवल राजस्थान, बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है। दोनों खिलाड़ियों ने साबित किया है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत से बड़ी से बड़ी चुनौती को पार किया जा सकता है।
खेल मंत्री ने दी बधाई
राजस्थान के खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने मोना अग्रवाल और अवनी लेखरा को इस उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी। उन्होंने कहा कि मोना का स्वर्ण पदक जीतकर एशियन पैरा गेम्स का नया रिकॉर्ड बनाना और अवनी का रजत पदक हासिल करना भारत के लिए गौरव का क्षण है। दोनों खिलाड़ियों ने अपने कौशल, दृढ़ संकल्प और शानदार खेल प्रदर्शन से देश का मान बढ़ाया है। राठौड़ ने भारतीय दल को आगे भी ऐसी ही उपलब्धियां हासिल करने के लिए शुभकामनाएं दीं।