भिवाड़ी में नकली दवाओं का बड़ा खेल?: गोदाम पर मारा गया छापा, चार करोड़ का माल जब्त; हुई कार्रवाई
भिवाड़ी में औषधि नियंत्रण विभाग ने बिना लाइसेंस चल रहे दवा गोदाम पर छापा मारकर करीब चार करोड़ रुपये की दवाइयां, कच्चा माल और उपकरण जब्त किए। जांच के लिए नौ नमूने लिए गए और संबंधित राज्यों को जानकारी भेजी गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
औषधि नियंत्रण विभाग की संयुक्त टीम ने भिवाड़ी में बिना लाइसेंस संचालित एक दवा गोदाम पर छापेमारी कर करीब चार करोड़ रुपये मूल्य की दवाइयां और दवा निर्माण में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल जब्त किया है। कार्रवाई जयपुर आयुक्तालय मुख्यालय, अलवर और दौसा के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने स्ट्रेन हेल्थ केयर के गोदाम पर की।
विभाग के अनुसार, मौके से बिना लाइसेंस रखी गई करीब 1,500 कार्टन दवाइयां और निर्माण सामग्री बरामद की गई है। प्रमुख सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि जांच के दौरान अलग-अलग कंपनियों की कई प्रकार की दवाइयां मिली हैं। इनकी गुणवत्ता जांच के लिए नौ नमूने लिए गए हैं।
बिना वैध लाइसेंस के हो रहा था दवाइयों का भंडारण
औषधि नियंत्रण दल ने स्ट्रेन हेल्थ केयर के परिसर में औचक जांच की। जांच में सामने आया कि गोदाम में बिना किसी वैध लाइसेंस के बड़े पैमाने पर औषधियों का भंडारण किया जा रहा था। टीम ने दवा निर्माण में इस्तेमाल होने वाला कच्चा माल भी बरामद किया है। इसमें मुख्य रूप से टेपेंटाडॉल, प्रेगाबालिन और कोट्रिमोक्साजोल से संबंधित सामग्री शामिल है। इसके अलावा पैकिंग सामग्री और दवा निर्माण में उपयोग होने वाले विभिन्न उपकरण भी जब्त किए गए हैं। मौके से एक्सपायर्ड सिल्डेनाफिल की गोलियां भी बरामद हुई हैं। विभाग ने बताया कि मामले में कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पढ़ें: जहां स्कूल की बदहाली पर हुआ था बवाल, अब उसी जर्जर भवन पर चला बुलडोजर; 18 लाख से बनेगा नया स्कूल
पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश की दवाइयां भी मिलीं
अवैध गोदाम से विभिन्न राज्यों की निर्माण इकाइयों में बनी दवाइयां भी बरामद हुई हैं। जांच में सामने आया कि इन दवाइयों को स्ट्रेन हेल्थ केयर, भिवाड़ी के माध्यम से बाजार में बेचा जा रहा था। जब्त दवाइयों में पंजाब की कंडोर हेल्थकेयर द्वारा निर्मित मेडिक्ब-55, डायक्लोफेनेक सोडियम 50 एमजी और एरिक्वा शामिल हैं। हरियाणा की ओपल हेल्थकेयर की चका पैन एक्सट्रा, लेडीनेक्स और हाइग्रा 200 टैबलेट भी मिली हैं। इसके अलावा हिमाचल प्रदेश की एलेक्सा फार्मास्युटिकल्स की पिलप्रोफॉक्सेसिन-500 और मोहाली की यूनिशार्प ऑर्गेनिक्स प्राइवेट लिमिटेड की ऑक्सीपर प्लस सहित अन्य दवाइयां भी जब्त की गई हैं।
पड़ोसी राज्यों के औषधि प्रशासन को भेजी जानकारी
औषधि नियंत्रण आयुक्त अविचल चतुर्वेदी ने बताया कि कार्रवाई के दौरान जिन निर्माण कंपनियों की दवाइयां मिली हैं, उनकी विस्तृत जानकारी पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश के औषधि प्रशासन को भेज दी गई है। इसका उद्देश्य संबंधित राज्यों में संचालित इन दवा निर्माण कंपनियों की जांच कराना और आवश्यकता पड़ने पर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करना है।