निकाय चुनाव में वोटों का अलग गणित: 19 जिलों में BJP आगे, 11 में कांग्रेस और 11 में निर्दलीयों ने मारी बाजी
राजस्थान निकाय चुनाव में भाजपा 19 जिलों में सबसे ज्यादा वोट पाने वाली पार्टी रही। कांग्रेस 11 और निर्दलीय भी 11 जिलों में आगे रहे, स्थानीय समीकरणों का असर दिखा।
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राजस्थान के 309 नगरीय निकायों के चुनाव परिणाम के बाद अब वोटों का जिला स्तर पर गणित भी सामने आ गया है। राज्य निर्वाचन आयोग के आंकड़ों के मुताबिक 42 जिलों में से 19 जिलों में भाजपा को सबसे ज्यादा वोट मिले, जबकि 11-11 जिलों में कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवार वोटों के मामले में आगे रहे।
यानी चुनाव में भाजपा सबसे ज्यादा जिलों में वोटों के लिहाज से नंबर-1 रही, लेकिन 11 जिलों में निर्दलीयों ने भाजपा और कांग्रेस दोनों को पीछे छोड़ दिया। यह निकाय चुनाव में स्थानीय उम्मीदवारों और क्षेत्रीय समीकरणों की अहम भूमिका को भी दिखाता है।
भाजपा 19 जिलों में वोटों में सबसे आगे
भाजपा ने अजमेर, बालोतरा, बांसवाड़ा, बाड़मेर, ब्यावर, भीलवाड़ा, बीकानेर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, डूंगरपुर, जैसलमेर, जालोर, कोटा, पाली, फलोदी, राजसमंद, सलूंबर, सिरोही और उदयपुर में सबसे ज्यादा वोट हासिल किए।
इनमें कुछ जिलों में भाजपा और कांग्रेस के बीच अंतर काफी कम रहा। उदाहरण के लिए बीकानेर में भाजपा को 1,58,312 और कांग्रेस को 1,57,586 वोट मिले। यानी अंतर सिर्फ 726 वोट रहा।राजसमंद में भी भाजपा को 40,854 और कांग्रेस को 40,568 वोट मिले। यहां दोनों के बीच अंतर सिर्फ 286 वोट रहा।
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कांग्रेस 11 जिलों में नंबर-1
कांग्रेस ने बारां, चूरू, धौलपुर, जयपुर, झालावाड़, जोधपुर, नागौर, प्रतापगढ़, सवाई माधोपुर, सीकर और टोंक में भाजपा से ज्यादा वोट हासिल किए। इनमें सीकर में कांग्रेस की बढ़त सबसे बड़ी रही। कांग्रेस को 1,72,729 वोट मिले, जबकि भाजपा को 1,38,619 वोट मिले। जोधपुर में भी कांग्रेस भाजपा से आगे रही। कांग्रेस को 2,56,394 वोट, जबकि भाजपा को 2,40,264 वोट मिले।
जयपुर में कांग्रेस के वोट ज्यादा
राजधानी जयपुर का आंकड़ा खास तौर पर राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है। जिले की 19 नगर निकायों में भाजपा को 6,77,229 वोट मिले, जबकि कांग्रेस को 6,81,158 वोट मिले। यानी कांग्रेस भाजपा से 3,929 वोट आगे रही। इसके बावजूद वार्डों में भाजपा का प्रदर्शन बेहतर रहा। यही वजह है कि जयपुर में वोटों और सीटों के बीच बड़ा अंतर देखने को मिला।
11 जिलों में निर्दलीय सबसे आगे
निकाय चुनाव में सबसे चौंकाने वाला आंकड़ा निर्दलीयों का है। 11 जिलों में निर्दलीय उम्मीदवारों को भाजपा और कांग्रेस से ज्यादा वोट मिले। इनमें अलवर, भरतपुर, दौसा, डीडवाना-कुचामन, डीग, गंगानगर, हनुमानगढ़, झुंझुनूं, करौली, खैरथल-तिजारा और कोटपूतली-बहरोड़ शामिल हैं। भरतपुर में निर्दलीयों को 1,52,823 वोट मिले, जबकि भाजपा को 55,231 और कांग्रेस को सिर्फ 30,563 वोट मिले। यहां निर्दलीयों ने दोनों प्रमुख दलों से बहुत बड़ी बढ़त बनाई।
झुंझुनूं में भी निर्दलीय 1,55,042 वोट के साथ सबसे आगे रहे। कांग्रेस को 1,03,975 और भाजपा को 81,173 वोट मिले।हनुमानगढ़ में निर्दलीयों को 1,31,289 वोट मिले, जो कांग्रेस के 70,912 और भाजपा के 60,468 वोट से काफी ज्यादा हैं।
पूर्वी राजस्थान में निर्दलीयों का दबदबा
निर्दलीयों की सबसे मजबूत तस्वीर पूर्वी राजस्थान के कई जिलों में दिखाई देती है। अलवर, भरतपुर, दौसा, डीग, करौली और खैरथल-तिजारा में निर्दलीय वोटों में सबसे आगे रहे।
यह भाजपा और कांग्रेस दोनों के लिए राजनीतिक संकेत है। विधानसभा चुनाव के मुकाबले निकाय चुनाव में स्थानीय समीकरण ज्यादा असर डालते हैं और इन जिलों में निर्दलीयों को मिली बढ़त इसका उदाहरण है।
वोटों में नंबर-1
|
जिलों की संख्या |
|
|---|---|
|
भाजपा |
19 |
|
कांग्रेस |
11 |
|
निर्दलीय |
11 |
निकाय चुनाव के नतीजों में यही सबसे दिलचस्प बात है कि भाजपा सबसे ज्यादा जिलों में वोटों के मामले में आगे रही, कांग्रेस ने राजधानी जयपुर समेत 11 जिलों में बढ़त बनाई और निर्दलीयों ने भी 11 जिलों में दोनों प्रमुख दलों को पीछे छोड़ दिया।