राजस्थान: पंचायत चुनाव में वोटों की गिनती शुरू, जयपुर के मोरीजा में वोट चोरी के आरोप पर हंगामा
राजस्थान में पंचायत चुनाव के पहले चरण का मतदान पूरा होने के बाद सरपंच और वार्ड पंच के वोटों की गिनती शुरू हो गई। जयपुर में 83.33%, जोधपुर में 83.05% और अजमेर में 81.31% मतदान हुआ।
विस्तार
राजस्थान में पंचायत चुनाव के पहले चरण में शनिवार को मतदान पूरा होने के बाद सरपंच और वार्ड पंच के लिए वोटों की गिनती शुरू हो गई। ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर मतगणना जारी है और देर रात तक नतीजे आने की संभावना है। जयपुर की चौमूं पंचायत समिति की मोरीजा ग्राम पंचायत में मतगणना के दौरान वोट चोरी के आरोपों को लेकर हंगामा हो गया। ग्रामीणों पर पथराव किए जाने और पुलिस की ओर से लाठीचार्ज किए जाने की सूचना है। प्रदेश में सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव के मुकाबले ज्यादा मतदान हुआ है। जयपुर में 83.33 प्रतिशत, जोधपुर में 83.05 प्रतिशत और अजमेर में 81.31 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
सरपंच-पंच के चुनाव में ज्यादा मतदान
पंचायत चुनाव के पहले चरण में ग्रामीण मतदाताओं ने सरपंच और वार्ड पंच चुनने में ज्यादा रुचि दिखाई। जयपुर में जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव में 68.28 प्रतिशत मतदान हुआ था, जबकि सरपंच और वार्ड पंच के लिए 83.33 प्रतिशत मतदाताओं ने वोट डाले। इसी तरह जोधपुर में सरपंच-पंच चुनाव में 83.05 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि जिला परिषद सदस्यों के चुनाव में 63.35 प्रतिशत और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव में 64.78 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।
जयपुर की 212 ग्राम पंचायतों में मतगणना
जयपुर जिले की आठ पंचायत समितियों की 212 ग्राम पंचायतों में शनिवार को मतदान हुआ। मतदान पूरा होने के बाद ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर मतगणना शुरू कर दी गई। देर रात तक परिणाम घोषित होने की संभावना है। चौमूं की मोरीजा ग्राम पंचायत में मतगणना के दौरान वोट चोरी के आरोपों को लेकर विवाद हो गया। हंगामे के दौरान ग्रामीणों पर पथराव किए जाने की सूचना है। पुलिस ने स्थिति संभालने के लिए लाठीचार्ज किया।
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जोधपुर की 14 ग्राम पंचायतों में निर्विरोध सरपंच
जोधपुर जिले की छह पंचायत समितियों में सरपंच और वार्ड पंच के चुनाव के लिए मतदान शनिवार शाम छह बजे पूरा हुआ। जिले की 14 ग्राम पंचायतों में सरपंच निर्विरोध चुने गए हैं। बाकी ग्राम पंचायतों में मतदान के बाद मतगणना शुरू हो गई। सरपंच और पंच पदों के परिणाम आने का सिलसिला देर रात तक जारी रहने की संभावना है।
अजमेर की 122 ग्राम पंचायतों में फैसला आज
अजमेर जिले में पहले चरण के तहत 122 ग्राम पंचायतों में मतदान हुआ। इन पंचायतों में 804 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला मतगणना के बाद होगा। जिले में कुल 81.31 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। अजमेर ग्रामीण पंचायत समिति की नांद ग्राम पंचायत को छोड़कर सावर, पीसांगन, श्रीनगर, सरवाड़ और केकड़ी की ग्राम पंचायतों में मतगणना शुरू हो गई। सांपला ग्राम पंचायत में निर्विरोध निर्वाचन हुआ है।
प्रदेश में कहां कितना मतदान
पहले चरण के मतदान में कई जिलों की पंचायत समितियों में 80 प्रतिशत से अधिक मतदान दर्ज किया गया। बाड़मेर जिले की मांगटा पंचायत समिति में सबसे ज्यादा 91.42 प्रतिशत वोट पड़े। रामसर में 90.03 प्रतिशत, चौहटन और सेड़वा में 89.98 प्रतिशत तथा धनाऊ में 89.76 प्रतिशत मतदान हुआ। बाड़मेर की दस पंचायत समितियों में मतदान 84.71 से 91.42 प्रतिशत के बीच रहा।
बीकानेर जिले की पूगल पंचायत समिति में 90.55 प्रतिशत, खाजूवाला में 86.79 प्रतिशत और छतरगढ़ में 85.67 प्रतिशत मतदान हुआ। फलोदी की फलोदी पंचायत समिति में 89.66 प्रतिशत, घंटियाली में 88.09 प्रतिशत और आऊ में 87.42 प्रतिशत वोट पड़े।
अलवर जिले में मुबारिकपुर पंचायत समिति में 88.58 प्रतिशत, रामगढ़ में 88.43 प्रतिशत और गोविंदगढ़ में 87.46 प्रतिशत मतदान हुआ। वहीं, पाली और सिरोही की कुछ पंचायत समितियों में मतदान का प्रतिशत कम रहा। पाली की रानी स्टेशन पंचायत समिति में सबसे कम 56.82 प्रतिशत रहा।
रिजर्व पार्टी से भागे सहायक मतदान अधिकारी को किया निलंबित
जयपुर जिले की चौमूं पंचायत समिति के रिजर्व मतदान दल में नियुक्त सहायक मतदान अधिकारी तृतीय को बिना सूचना अनुपस्थित रहने पर निलंबित कर दिया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी (पंचायत) संदेश नायक के अनुसार, संबंधित कार्मिक को 21 अक्टूबर को मतदान दलों के साथ रवाना किया गया था, लेकिन वह 22 अक्टूबर से बिना सूचना अनुपस्थित हो गया।
कार्मिक के खिलाफ राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 13 के तहत कार्रवाई की गई है। उसका मुख्यालय मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय निर्धारित किया गया है। मतदान दलों की रवानगी के दौरान अनुपस्थित रहे अन्य कर्मचारियों की सूची भी तैयार की जा रही है। ऐसे कार्मिकों को नियम 17 के तहत चार्जशीट जारी कर जवाब मांगा जाएगा। बिना ठोस कारण अनुपस्थित रहने पर लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1951 की धारा 134(1A) के तहत मुकदमा दर्ज कराने की कार्रवाई भी की जा सकती है।