फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   Swara Bhasker’s ‘Padmaavat’ Jauhar Remark Sparks Karni Sena Protest

राजस्थान: विवादों में फिर स्वरा भास्कर; जौहर पर उठाए सवाल, विरोध में आई करणी सेना

Tue, 01 Sep 2026 08:35 PM IST
Sourabh Bhatt न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: Sourabh Bhatt Updated Tue, 01 Sep 2026 08:35 PM IST
सार

फिल्म अभिनेत्री स्वरा भास्कर फिर विवादों में घिर गई हैं। इस बार विवाद ‘पद्मावत’ में जौहर पर दिए उनके बयान को लेकर है। स्वरा भास्कर मानती हैं कि महिलाओं को जीने का अधिकार है, चाहे उनके साथ बलात्कार हुआ हो। इस बयान को करणी सेना महिला शाखा की अध्यक्ष कीर्ति राठौड़ ने वीरांगनाओं के बलिदान का अपमान बताया है। 

विज्ञापन
Swara Bhasker’s ‘Padmaavat’ Jauhar Remark Sparks Karni Sena Protest
कीर्ति और स्वरा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फिल्म पद्मावत में जौहर के चित्रण और उसके महिमामंडन को लेकर अभिनेत्री स्वरा भास्कर के बयान पर विवाद खड़ा हो गया है। स्वरा भास्कर ने जौहर की प्रथा पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाओं को हर परिस्थिति में जीने का अधिकार है। उनके इस बयान पर करणी सेना महिला विंग ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है।

विज्ञापन

स्वरा भास्कर ने पद्मावत में जौहर के महिमामंडन पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिलाओं को जीने का अधिकार है, चाहे उनके साथ बलात्कार हुआ हो या उनके पति, रक्षक और मालिक की मृत्यु हो गई हो। उन्होंने कहा कि मौजूदा दौर में आत्मदाह जैसी प्रथा को महिमामंडित करने की कोई जरूरत नहीं है।
विज्ञापन


स्वरा के इस बयान पर जयपुर में करणी सेना महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष कीर्ति राठौड़ ने आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि स्वरा भास्कर को पहले अपनी भाषा सुधारनी चाहिए। सनातन परंपरा और राजपूताना की वीरांगनाओं के बलिदान व शौर्य पर सवाल उठाने या आपत्तिजनक टिप्पणी करने का अधिकार किसी को नहीं है। कीर्ति राठौड़ ने कहा कि राजपूताना का इतिहास वीरांगनाओं के त्याग, साहस और बलिदान की गवाही देता है। जौहर को समझने के लिए उस दौर के इतिहास, परिस्थितियों और सामाजिक पृष्ठभूमि को समझना जरूरी है।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह भी पढें- जयपुर: दरगाह विवाद में हिंदू पक्ष ने हाईकोर्ट में दाखिल किया जवाब, जिला अदालत की सुनवाई जारी रखने की मांग

उन्होंने कहा कि यदि किसी ऐतिहासिक प्रथा पर सवाल उठाना है तो इतिहास और तथ्यों के आधार पर सवाल उठाए जाने चाहिए, लेकिन वीरांगनाओं के बलिदान को अपमानजनक शब्दों में संबोधित करना स्वीकार नहीं किया जाएगा। करणी सेना महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कहा कि उनकी संस्था ऐसे बयानों का विरोध करती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इतिहास की घटनाओं पर बहस हो सकती है, लेकिन ऐतिहासिक चरित्रों और वीरांगनाओं के त्याग एवं बलिदान के प्रति सम्मान बनाए रखना जरूरी है। स्वरा भास्कर के बयान के बाद एक बार फिर पद्मावत, जौहर और राजपूताना इतिहास के चित्रण को लेकर बहस तेज हो गई है। अब इस मुद्दे पर राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की प्रतिक्रियाओं पर भी नजर है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed