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Rajasthan: जो गए थे सत्ता के लिए, उन्हें मिला सन्नाटा, बीजेपी में आए कांग्रेस नेताओं की कहानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
Published by: जयपुर ब्यूरो
Updated Mon, 12 Jan 2026 10:26 PM IST
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सार
Rajasthan: लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस छोड़ कर बीजेपी में शामिल हुए वागड़ के दिग्गज नेता महेंद्रजीत मालवीय के 23 महीने बाद ही कांग्रेस में वापसी की खबर है। उनके कांग्रेस में वापसी के बाद से ही कयास लगाया जा रहा है कि जो कांग्रेस नेता लोकसभा चुनाव के दौरान सत्ता के लिए बीजेपी में शामिल हुए थे अब वह भी घर वापसी कर सकते हैं।
कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल हुए नेता
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
बीजेपी में शामिल होने के बाद महेंद्रजीत मालवीय ने महज 23 महीनों में पार्टी से मोह भंग कर दिया है और कांग्रेस में घर वापसी का ऐलान कर दिया। वागड़ में कांग्रेस के सबसे कद्दावर चेहरे को तोड़कर लाने वाली बीजेपी के साथ उनकी जोड़ी अब टूट चुकी है। हालांकि बीजेपी अब भी उनकी विदाई को सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं कर रही है। प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का कहना है कि मालवीय लगातार उनके संपर्क में हैं, लेकिन उन्होंने साफ कर दिया है कि बीजेपी में उनका भविष्य अब नहीं है।
अन्य नेताओं के लिए भी वापसी के संकेत
मालवीय की कांग्रेस में वापसी के साथ ही कई अन्य नेताओं के लिए भी लौटने के संकेत मिल रहे हैं। विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान लगभग 20 से अधिक कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने बीजेपी का दामन थामा था। लेकिन इनमें से एक-आध नेताओं को छोड़कर अधिकांश न तो बीजेपी के कार्यक्रमों में सक्रिय दिखे और न ही सरकार या संगठन में कोई खास भूमिका निभाई। नागौर से ज्योति मिर्धा को छोड़कर कोई भी कांग्रेस से बीजेपी आया नेता दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक नहीं पहुंच पाया।
‘सियासी डस्टबीन’ बन गए नेता
ज्योति खंडेलवाल: कांग्रेस में महापौर रह चुकी ज्योति खंडेलवाल ने विधानसभा चुनावों में पार्टी छोड़कर बीजेपी ज्वाइन की थी। 2019 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर जयपुर से सांसद का चुनाव भी लड़ा था। बीजेपी में आने के बाद ज्योति खंडेलवाल कम ही सक्रिय रही। हाल ही में संगठन की वायरल सूची में उनका नाम आया, लेकिन विरोध के कारण उन्हें कोई पद नहीं मिला।
लालचंद कटारिया: कांग्रेस के बड़े कद के नेता रहे लालचंद कटारिया ने लोकसभा चुनावों में बीजेपी का हाथ थामा था। इसके बाद वे कभी-कभार ही बीजेपी के कार्यक्रमों में दिखे। न तो उन्हें टिकट मिला और न ही संगठन या सरकार में कोई जिम्मेदारी।
राजेंद्र यादव: 2024 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह यादव पर कांग्रेस में रहते ईडी और इनकम टैक्स की कार्रवाई हुई थी। इसके बाद वे बीजेपी में आए। हालांकि भाजपा में शामिल होने के बावजूद उन्हें कोई राहत नहीं मिली और मिड-डे मील घोटाले में उनके दोनों बेटों के खिलाफ केस दर्ज हुआ।
मालवीय की वापसी पर डोटासरा का बयान
राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि मालवीय ने उन्हें कांग्रेस की सदस्यता लेने के लिए पत्र लिखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिसीप्लिनरी कमेटी मामले की जांच करेगी और रिपोर्ट प्रदेश प्रभारी के माध्यम से आलाकमान को दी जाएगी। इसके बाद ही पार्टी निर्णय लेगी।
ये भी पढ़ें: श्रीगंगानगर में हजारों किसानों ने कलेक्ट्रेट के बाहर डाला पड़ाव, बोले- सरकार से लड़ेंगे आर-पार
बीजेपी में शामिल हुए कांग्रेस के प्रमुख नेता
लोकसभा चुनाव से पहले मानवेंद्र सिंह जसोल, ज्योति मिर्धा, रिजु झुनझुनवाला, गोपाल सिंह शेखावत, ज्योति खंडेलवाल, सुभाष महरिया, पूर्व कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारिया, महेंद्रजीत मालवीय, राजेंद्र यादव, चंद्रशेखर बैद, गिर्राज सिंह मलिंगा, नंदकिशोर महरिया, रिछपाल मिर्धा, आलोक बेनीवाल, जेपी चंदेलिया, शिमला बावरी, नंदलाल पूनिया, डॉ. करण सिंह यादव, शंकर पन्नू, सुरेश चौधरी, पंडित सुरेश मिश्रा, पूर्व विधायक विजयपाल मिर्धा सहित दर्जनों कार्यकर्ता भी कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए थे।
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अन्य नेताओं के लिए भी वापसी के संकेत
मालवीय की कांग्रेस में वापसी के साथ ही कई अन्य नेताओं के लिए भी लौटने के संकेत मिल रहे हैं। विधानसभा और लोकसभा चुनावों के दौरान लगभग 20 से अधिक कांग्रेस के दिग्गज नेताओं ने बीजेपी का दामन थामा था। लेकिन इनमें से एक-आध नेताओं को छोड़कर अधिकांश न तो बीजेपी के कार्यक्रमों में सक्रिय दिखे और न ही सरकार या संगठन में कोई खास भूमिका निभाई। नागौर से ज्योति मिर्धा को छोड़कर कोई भी कांग्रेस से बीजेपी आया नेता दिल्ली में पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक नहीं पहुंच पाया।
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‘सियासी डस्टबीन’ बन गए नेता
ज्योति खंडेलवाल: कांग्रेस में महापौर रह चुकी ज्योति खंडेलवाल ने विधानसभा चुनावों में पार्टी छोड़कर बीजेपी ज्वाइन की थी। 2019 में उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर जयपुर से सांसद का चुनाव भी लड़ा था। बीजेपी में आने के बाद ज्योति खंडेलवाल कम ही सक्रिय रही। हाल ही में संगठन की वायरल सूची में उनका नाम आया, लेकिन विरोध के कारण उन्हें कोई पद नहीं मिला।
लालचंद कटारिया: कांग्रेस के बड़े कद के नेता रहे लालचंद कटारिया ने लोकसभा चुनावों में बीजेपी का हाथ थामा था। इसके बाद वे कभी-कभार ही बीजेपी के कार्यक्रमों में दिखे। न तो उन्हें टिकट मिला और न ही संगठन या सरकार में कोई जिम्मेदारी।
राजेंद्र यादव: 2024 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हुए पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह यादव पर कांग्रेस में रहते ईडी और इनकम टैक्स की कार्रवाई हुई थी। इसके बाद वे बीजेपी में आए। हालांकि भाजपा में शामिल होने के बावजूद उन्हें कोई राहत नहीं मिली और मिड-डे मील घोटाले में उनके दोनों बेटों के खिलाफ केस दर्ज हुआ।
मालवीय की वापसी पर डोटासरा का बयान
राजस्थान कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि मालवीय ने उन्हें कांग्रेस की सदस्यता लेने के लिए पत्र लिखा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि डिसीप्लिनरी कमेटी मामले की जांच करेगी और रिपोर्ट प्रदेश प्रभारी के माध्यम से आलाकमान को दी जाएगी। इसके बाद ही पार्टी निर्णय लेगी।
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बीजेपी में शामिल हुए कांग्रेस के प्रमुख नेता
लोकसभा चुनाव से पहले मानवेंद्र सिंह जसोल, ज्योति मिर्धा, रिजु झुनझुनवाला, गोपाल सिंह शेखावत, ज्योति खंडेलवाल, सुभाष महरिया, पूर्व कैबिनेट मंत्री लालचंद कटारिया, महेंद्रजीत मालवीय, राजेंद्र यादव, चंद्रशेखर बैद, गिर्राज सिंह मलिंगा, नंदकिशोर महरिया, रिछपाल मिर्धा, आलोक बेनीवाल, जेपी चंदेलिया, शिमला बावरी, नंदलाल पूनिया, डॉ. करण सिंह यादव, शंकर पन्नू, सुरेश चौधरी, पंडित सुरेश मिश्रा, पूर्व विधायक विजयपाल मिर्धा सहित दर्जनों कार्यकर्ता भी कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए थे।