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संयम लोढ़ा को निशाना बनाने की साजिश का पर्दाफाश: मुख्य आरोपी गिरफ्तार, विदेश से संचालित हो रहा था नेटवर्क
Mon, 28 Sep 2026 01:47 PM IST
हिमांशु सिंह बघेल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
Published by: हिमांशु सिंह बघेल
Updated Mon, 28 Sep 2026 01:47 PM IST
सार
जोधपुर पुलिस और एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स ने पूर्व विधायक संयम लोढ़ा को निशाना बनाने की कथित साजिश के मामले में हरियाणा के सोनीपत से मुख्य आरोपी साहिल को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, विदेश से आपराधिक गतिविधियां संचालित करने वाले गैंगस्टर आरजू बिश्नोई ने साजिश की योजना बनाई थी।
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पूर्व विधायक संयम लोढ़ा
- फोटो : Social Media
विस्तार
राजस्थान के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा को निशाना बनाने की कथित साजिश का पर्दाफाश करते हुए जोधपुर पुलिस और एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स की संयुक्त टीम ने मुख्य आरोपी साहिल को हरियाणा के सोनीपत से गिरफ्तार कर लिया। इस हाईप्रोफाइल मामले में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां अब इस पहलू की गहराई से जांच कर रही हैं कि पूरी साजिश का मुख्य मकसद रंगदारी वसूलना था या कोई पुरानी राजनीतिक रंजिश।
आरजू बिश्नोई को बताया गया षड्यंत्र का मास्टरमाइंड
पुलिस अनुसंधान में सामने आया है कि विदेश में बैठकर आपराधिक गतिविधियां चला रहा कुख्यात गैंगस्टर आरजू बिश्नोई ही इस पूरे षड्यंत्र का मुख्य मास्टरमाइंड है। पुलिस के अनुसार, आरजू बिश्नोई ने हरियाणा के सोनीपत निवासी साहिल को पूर्व विधायक संयम लोढ़ा को निशाना बनाने का काम सौंपा था। गिरफ्तार आरोपी साहिल ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की योजना तैयार की थी। साहिल ने शूटर्स के ठहरने के लिए सुरक्षित ठिकानों, घटनास्थल की रेकी और वारदात के बाद शूटर्स को दूसरे वाहनों से राजस्थान से बाहर निकालने का इंतजाम किया था। इस मामले में शामिल एक अन्य आरोपी साहिल पुत्र महेंद्र की तलाश अभी जारी है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
18 सितंबर को वारदात की थी साजिश
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि हरियाणा और पंजाब से आए बदमाशों ने पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की सुरक्षा व्यवस्था और आवाजाही वाले रास्तों की लंबी रेकी की थी। साजिश के अनुसार, 18 सितंबर को वारदात को अंजाम देने के बाद शूटर्स को तुरंत दूसरे वाहन के जरिए राजस्थान से बाहर सुरक्षित निकाल लिया जाना था। हालांकि, सतर्क प्रशासनिक तंत्र और समय रहते मिले खुफिया इनपुट के कारण यह साजिश सफल नहीं हो सकी। वारदात को अंजाम देने में विफल रहने के बाद शूटर जोधपुर से वापस लौट गए, जबकि अन्य आरोपी अलग-अलग ठिकानों पर छिप गए थे।
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मामले में पहले भी हो चुकी हैं पांच गिरफ्तारियां
साजिश किस स्तर पर रची गई थी, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस इस मामले में पहले भी कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने इससे पहले हरियाणा के पानीपत निवासी राहुल, सोनीपत के गन्नौर निवासी सूरज सरोहा उर्फ टालू और हंशू को गिरफ्तार किया था। इसके अतिरिक्त, पंजाब के दो कुख्यात इनामी शूटर जसकरण सिंह उर्फ करण उर्फ सन्नी उर्फ कट्टा और राजेंद्र उर्फ बिल्ला को भी पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि पूर्व विधायक संयम लोढ़ा के रोजमर्रा के मूवमेंट और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां गैंगस्टर आरजू बिश्नोई तक किस माध्यम से पहुंचाई गई थीं।
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आरजू बिश्नोई को बताया गया षड्यंत्र का मास्टरमाइंड
पुलिस अनुसंधान में सामने आया है कि विदेश में बैठकर आपराधिक गतिविधियां चला रहा कुख्यात गैंगस्टर आरजू बिश्नोई ही इस पूरे षड्यंत्र का मुख्य मास्टरमाइंड है। पुलिस के अनुसार, आरजू बिश्नोई ने हरियाणा के सोनीपत निवासी साहिल को पूर्व विधायक संयम लोढ़ा को निशाना बनाने का काम सौंपा था। गिरफ्तार आरोपी साहिल ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की योजना तैयार की थी। साहिल ने शूटर्स के ठहरने के लिए सुरक्षित ठिकानों, घटनास्थल की रेकी और वारदात के बाद शूटर्स को दूसरे वाहनों से राजस्थान से बाहर निकालने का इंतजाम किया था। इस मामले में शामिल एक अन्य आरोपी साहिल पुत्र महेंद्र की तलाश अभी जारी है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
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18 सितंबर को वारदात की थी साजिश
पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि हरियाणा और पंजाब से आए बदमाशों ने पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की सुरक्षा व्यवस्था और आवाजाही वाले रास्तों की लंबी रेकी की थी। साजिश के अनुसार, 18 सितंबर को वारदात को अंजाम देने के बाद शूटर्स को तुरंत दूसरे वाहन के जरिए राजस्थान से बाहर सुरक्षित निकाल लिया जाना था। हालांकि, सतर्क प्रशासनिक तंत्र और समय रहते मिले खुफिया इनपुट के कारण यह साजिश सफल नहीं हो सकी। वारदात को अंजाम देने में विफल रहने के बाद शूटर जोधपुर से वापस लौट गए, जबकि अन्य आरोपी अलग-अलग ठिकानों पर छिप गए थे।
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मामले में पहले भी हो चुकी हैं पांच गिरफ्तारियां
साजिश किस स्तर पर रची गई थी, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पुलिस इस मामले में पहले भी कई आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस ने इससे पहले हरियाणा के पानीपत निवासी राहुल, सोनीपत के गन्नौर निवासी सूरज सरोहा उर्फ टालू और हंशू को गिरफ्तार किया था। इसके अतिरिक्त, पंजाब के दो कुख्यात इनामी शूटर जसकरण सिंह उर्फ करण उर्फ सन्नी उर्फ कट्टा और राजेंद्र उर्फ बिल्ला को भी पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि पूर्व विधायक संयम लोढ़ा के रोजमर्रा के मूवमेंट और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां गैंगस्टर आरजू बिश्नोई तक किस माध्यम से पहुंचाई गई थीं।