जोधपुर: जोजरी नदी प्रदूषण पर बड़ा एक्शन! अवैध पाइपलाइन से जा रहा था केमिकलयुक्त पानी, 4 और उद्यमी गिरफ्तार
जोधपुर में जोजरी नदी में खतरनाक औद्योगिक अपशिष्ट बहाए जाने के मामले में विशेष जांच दल (SIT) ने चार और उद्यमियों को गिरफ्तार किया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित जांच समिति के निरीक्षण के दौरान CETP के बाहर अवैध बाइपास पाइपलाइन मिली थी।
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जोजरी नदी में खतरनाक औद्योगिक अपशिष्ट बहाए जाने के मामले में पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) ने कार्रवाई तेज कर दी है। SIT ने चार और उद्यमियों को गिरफ्तार किया है। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी जांच समिति के निरीक्षण के दौरान CETP के बाहर अवैध बाइपास पाइपलाइन मिलने के बाद इस पूरे मामले की जांच शुरू हुई थी। जांच में सामने आया कि कारखानों से निकलने वाला बिना उपचारित केमिकल युक्त पानी इस पाइपलाइन के जरिए रीको के नाले में छोड़ा जा रहा था और वहां से यह पानी सीधे जोजरी नदी में पहुंच रहा था। पुलिस आयुक्त अंशुमन भोमिया और पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) कमल शेखावत के निर्देशन में SIT इस मामले में लगातार कार्रवाई कर रही है।
चार और उद्यमी गिरफ्तार
SIT ने मामले में कार्रवाई करते हुए उमेश कुमार लीला, विनोद सिंघल, जुगनू खां और पारसमल धारीवाल को गिरफ्तार किया है। पुलिस अब इनसे अवैध पाइपलाइन और औद्योगिक अपशिष्ट को नदी में बहाने से जुड़े मामले में पूछताछ कर रही है।
CETP के बाहर मिली थी अवैध पाइपलाइन
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर गठित जांच समिति जब इलाके का निरीक्षण करने पहुंची थी, उसी दौरान कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (CETP) के बाहर एक अवैध बाइपास पाइपलाइन पकड़ी गई।
जांच में पता चला कि इस पाइपलाइन के जरिए कारखानों से निकलने वाला अशोधित और केमिकल युक्त पानी ट्रीटमेंट प्लांट की प्रक्रिया से बचाकर रीको के नाले में डाला जा रहा था। यह नाला आगे जाकर जोजरी नदी में मिल रहा था। इससे नदी में औद्योगिक प्रदूषण फैलने की बात सामने आई।
पहले भी पांच लोगों की हो चुकी है गिरफ्तारी
इस मामले में SIT इससे पहले मैनेजिंग डायरेक्टर जसराज बोथरा, एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर नीलेश संचेती, कोषाध्यक्ष सांग सिंह परिहार, ट्रस्टी सुरेश खेमानी और जेपीसीआरएफ सुपरवाइजर गोपाल को गिरफ्तार कर चुकी है। हालांकि, बाद में ये सभी आरोपी जमानत पर रिहा हो गए थे।
मामले में कुल 23 आरोपी
पुलिस के अनुसार, इस प्रकरण में कुल 23 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें से 18 नामजद आरोपियों को पुलिस की ओर से नोटिस जारी किए गए थे। जांच के दौरान मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी सामने आ रही है। SIT की जांच में अवैध बाइपास पाइपलाइन बिछाने वाले मजदूरों समेत पांच अन्य लोगों की संलिप्तता की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस अब इनकी भूमिका की जांच कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी में जुटी है। पुलिस का कहना है कि जोजरी नदी में औद्योगिक अपशिष्ट बहाने से जुड़े पूरे नेटवर्क और अवैध पाइपलाइन के इस्तेमाल में शामिल सभी लोगों की भूमिका की जांच की जा रही है।