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Kota News: दुष्कर्म के दोषी किशोर को बीस साल की सजा, रोजाना पढ़ाई और पौधरोपण के भी निर्देश
Wed, 19 Aug 2026 07:51 PM IST
शबाहत हुसैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोटा
Published by: शबाहत हुसैन
Updated Wed, 19 Aug 2026 07:51 PM IST
सार
Kota: पीड़िता की मां ने 25 सितंबर, 2024 को शहर के एक पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने पड़ताल पूरी करने के बाद दोषी किशोर के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया।
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अपराध
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पॉक्सो अदालत क्रम-2 ने नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में फैसला सुनाते हुए 17 वर्ष के दोषी किशोर को 20 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी किशोर पर 6,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। करीब दो वर्ष पुराने इस मामले में अदालत ने सुनवाई पूरी करने के बाद यह निर्णय दिया।
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पुनर्वास और सामाजिक सेवा के निर्देश
अदालत ने दोषी किशोर की मानसिक और शारीरिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए 21 वर्ष की उम्र पूरी होने तक उसके लिए विशेष सुविधाएं और व्यवस्थाएं अलग से उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। अदालत ने फैसले में लिखा कि 21 वर्ष की आयु पूरी होने तक पढ़ाई और कौशल विकास के लिए दोषी किशोर को रोजाना दो घंटे किसी तकनीकी शिक्षण संस्थान अथवा अन्य शैक्षणिक संस्थान में भिजवाया जाए। इसके अलावा, रोजाना दो घंटे जिला वन अधिकारी स्तर के कार्यालय या समकक्ष कार्यालय में पौधरोपण का कार्य कराया जाए। अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि प्रतिदिन शाम के समय एक घंटे किसी आश्रय स्थल या अपना घर जैसे संस्थान में सामाजिक कार्यकर्ता के साथ सेवा कार्य करवाया जाए।
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बहला-फुसलाकर साथ ले जाने का मामला
मामले के अनुसार, नौवीं कक्षा में पढ़ने वाली 15 वर्ष की नाबालिग पीड़िता की दोषी किशोर से तीन-चार वर्ष से जान-पहचान थी। दोनों आपस में अक्सर मोबाइल फोन पर बातचीत करते थे। नाबालिग पीड़िता 16 सितंबर, 2024 की रात करीब 12 बजे बिना बताए अपने घर से निकल गई थी। इसके बाद दोषी किशोर उसे भगाकर अपनी नानी के घर ले गया था। वहां उसने नाबालिग किशोरी को चार-पांच दिन तक साथ रखा और दुष्कर्म किया।
17 गवाहों और दस्तावेजों से साबित हुआ अपराध
पीड़िता की मां ने 25 सितंबर, 2024 को शहर के एक पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। मां की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने पड़ताल पूरी करने के बाद दोषी किशोर के खिलाफ अदालत में चालान पेश किया। अदालत के समक्ष 17 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए और 31 दस्तावेज साक्ष्य के तौर पर पेश किए गए। इन सभी साक्ष्यों के आधार पर पॉक्सो अदालत ने किशोर को दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष की सजा सुनाई।