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जोधपुर मेयर चुनाव: दोनों प्रत्याशियों के नामांकन पर आपत्तियां खारिज, इस दिन होगा कांग्रेस-भाजपा के बीच मुकाबला

Tue, 22 Sep 2026 04:32 PM IST
शबाहत हुसैन न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जोधपुर Published by: शबाहत हुसैन Updated Tue, 22 Sep 2026 04:32 PM IST
सार

जोधपुर महापौर चुनाव में भाजपा के प्रसन्नचन्द मेहता और कांग्रेस के राजेन्द्रसिंह सोलंकी के नामांकन पर दाखिल आपत्तियां रिटर्निंग अधिकारी ने खारिज कर दीं। अब 25 सितंबर को दोनों के बीच सीधा मुकाबला होगा। बहुमत के लिए 51 पार्षदों का समर्थन जरूरी है।

 

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Objections against the nominations of both BJP Congress candidates for the Jodhpur mayoral election rejected
भाजपा के प्रसन्नचन्द मेहता और कांग्रेस के राजेन्द्रसिंह सोलंकी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जोधपुर नगर निगम के महापौर पद के निर्वाचन को लेकर दो प्रमुख दलों के मध्य जारी आपत्तियों को रिटर्निंग अधिकारी ने खारिज कर दिया है। इसके साथ ही, अब 25 सितंबर को भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार प्रसन्नचन्द मेहता और कांग्रेस के प्रत्याशी राजेन्द्रसिंह सोलंकी के बीच सीधा मुकाबला तय हो गया है। कांग्रेस प्रत्याशी राजेन्द्रसिंह सोलंकी को राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नजदीकी माना जाता है। इस निर्णय के बाद शहर का सियासी पारा चढ़ गया है और महापौर पद की जंग सीधी चुनावी स्पर्धा में तब्दील हो गई है।
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भाजपा के 45, कांग्रेस के 44 पार्षद
जोधपुर निगम चुनाव की शुरुआती मतगणना में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही राजनीतिक दलों के 44-44 पार्षद जीतकर आए थे। इसके बाद एक वार्ड में पुनर्मतदान कराया गया, जिसमें भाजपा उम्मीदवार ने जीत हासिल की। इस जीत से भाजपा के निर्वाचित पार्षदों की संख्या बढ़कर 45 हो गई, जबकि कांग्रेस के पास 44 पार्षद ही रहे। इस बीच, भाजपा ने कांग्रेस के कुछ बागी पार्षदों सहित सात निर्दलीय पार्षदों के समर्थन का दावा किया है। कुल 100 सदस्यों के सदन में बहुमत हासिल करने के लिए 51 पार्षदों के आंकड़े की जरूरत है। भाजपा का दावा है कि उसके पास 52 पार्षदों का समर्थन उपलब्ध है। अब सभी की नजरें निर्दलीय पार्षदों के अंतिम रुख पर टिकी हुई हैं।
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आपत्तियों पर सुनवाई और प्रशासनिक प्रक्रिया
नामांकन पत्रों की संवीक्षा के दौरान दोनों राजनीतिक खेमों ने एक-दूसरे के प्रत्याशियों के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए आपत्तियां प्रस्तुत की थीं। भाजपा ने कांग्रेस प्रत्याशी राजेन्द्रसिंह सोलंकी पर अपने आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी छिपाने का आरोप लगाया था। दूसरी तरफ कांग्रेस ने भाजपा प्रत्याशी प्रसन्नचन्द मेहता पर तथ्य छिपाने की आपत्ति दर्ज कराकर उनका नामांकन पत्र निरस्त करने की मांग उठाई थी। सोमवार को नगर निगम परिसर में गहमागहमी और तनाव की स्थिति बनी रही। रिटर्निंग अधिकारी आर.के. मीणा तथा एसडीएम संजय गोयल ने प्रस्तुत साक्ष्यों व दलीलों की समीक्षा के बाद अपना फैसला बजे सुरक्षित रख लिया था। अधिकारियों ने इस विषय पर निर्वाचन आयोग से आवश्यक मार्गदर्शन प्राप्त किया।

फैसले की घोषणा और समर्थकों का उत्साह
मार्गदर्शन प्राप्त होने के बाद रिटर्निंग अधिकारी ने दोनों पक्षों की आपत्तियों को निरस्त करने का आदेश जारी किया। फैसले के समय सभा कक्ष में कांग्रेस प्रत्याशी राजेन्द्रसिंह सोलंकी, पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़, पूर्व विधायक मनीषा पंवार और वरिष्ठ नेता करणसिंह उचियारड़ा सहित अनेक समर्थक उपस्थित थे। उस समय भाजपा का कोई प्रतिनिधि वहां मौजूद नहीं था। 
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