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राजस्थान: आठ कारोबारी प्रतिष्ठानों पर जीएसटी विभाग की कार्रवाई, 1.43 करोड़ रुपये जमा

Thu, 22 Oct 2026 06:32 PM IST
प्रतीक पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: प्रतीक पांडेय Updated Thu, 22 Oct 2026 06:32 PM IST
सार

राजस्थान के वाणिज्यिक कर विभाग ने कर चोरी और जीएसटी अनियमितताओं की जांच के लिए आठ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सर्वे और जांच की कार्रवाई की। इस दौरान कारोबारियों ने कुल 1 करोड़ 43 लाख 67 हजार रुपये से अधिक की राशि जमा कराई और इनपुट टैक्स क्रेडिट रिवर्स किया। 

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Rajasthan GST Department Action Eight Business Firms Tax Irregularities
जीएसटी विभाग - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

वाणिज्यिक कर विभाग ने कर चोरी पर अंकुश लगाने और राजस्व संग्रहण बढ़ाने के लिए राजस्थान के विभिन्न हिस्सों में व्यापक अभियान चलाकर आठ व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सर्वे और जांच की कार्रवाई की है। विभाग ने किराना, अचल संपत्ति निर्माण, मार्बल, हार्डवेयर तथा लुब्रिकेंट कारोबार से जुड़े संस्थानों पर यह छापेमारी की। इस दौरान करदाताओं ने कुल 1 करोड़ 43 लाख 67 हजार रुपये से अधिक की राशि स्वेच्छा से जमा कराई और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) रिवर्स किया। विभाग की प्राथमिक जांच में बिक्री छिपाने, गलत तरीके से आईटीसी का लाभ लेने, विवरणी में अंतर तथा अनिवार्य ई-इनवॉइस जारी नहीं करने जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं।
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जयपुर और अलवर में बड़ी कार्रवाई
विभाग ने जयपुर के सी-स्कीम स्थित मैसर्स एजीआरएस वेंचर्स एलएलपी के परिसर पर अचल संपत्ति निर्माण से जुड़े आईटीसी के उपयोग की पड़ताल की। कार्रवाई के बाद संबंधित फर्म ने 99.76 लाख रुपये का आईटीसी स्वेच्छा से वापस लौटाया। उधर अलवर जिले के मालाखेड़ा में स्थित मैसर्स नरेश जनरल स्टोर और उससे जुड़ी फर्मों पर स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया। संभावित कर देयता के मामले में करदाता ने 10.67 लाख रुपये का कर जमा कराया। इसके अलावा, अलवर के मुंगस्का स्थित दिल्ली रोड पर मैसर्स भव्य लुब्रिकेंट्स के यहां टर्नओवर छिपाने की आशंका पर जांच हुई, जहां व्यवसायी ने 14,03,576 रुपये स्वेच्छा से जमा किए।
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सीकर की फर्मों में मिली खामियां
सीकर जिले के दांतारामगढ़ क्षेत्र में कार्यरत मैसर्स पी.आर.के. कंस्ट्रक्शन कंपनी के वित्तीय वर्ष 2024-25 के रिकॉर्ड में लगभग 19.90 लाख रुपये का अंतर पाया गया। विभाग इस मामले में रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म के तहत कर भुगतान, अत्यधिक आईटीसी के दावे और पांच करोड़ रुपये से अधिक का सालाना कारोबार होने के बावजूद ई-इनवॉइस जारी न करने के बिंदुओं पर जांच कर रहा है। इसके साथ ही रींगस स्थित मैसर्स शिव हार्डवेयर एंड जनरल स्टोर के व्यापार और कर दरों में गड़बड़ी के आधार पर सर्वे किया गया, जहां 10 लाख रुपये की कर अनियमितता का अनुमान है। विभाग ने यहां से दस्तावेज जब्त कर विस्तृत पड़ताल शुरू कर दी है।
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बारां और अन्य मामलों में जांच जारी
बारां में मैसर्स पीयूष स्टोन्स के गोदाम में मौजूद मार्बल स्टॉक का भौतिक सत्यापन कर संबंधित अभिलेख जब्त किए गए। कारोबारी ने पांच लाख रुपये जमा करने की सहमति जताते हुए 2,03,272 रुपये नकद बही में जमा कराए। एक अन्य मामले में बिक्री छिपाने पर व्यवसायी ने 10.21 लाख रुपये नकद जमा कराए। वहीं, एक अन्य व्यापारी ने सात लाख रुपये नकद बही में जमा कराए। वाणिज्यिक कर विभाग ने सभी संबंधित प्रतिष्ठानों को समन जारी कर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जांच के बाद अंतिम देयता तय होगी।
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