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Sawan Putrada Ekadashi 2026: कब है सावन पुत्रदा एकादशी, जानिए पूजा शुभ मुहूर्त और महत्व

Thu, 20 Aug 2026 07:52 PM IST
विनोद शुक्ला ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला Published by: विनोद शुक्ला Updated Thu, 20 Aug 2026 07:52 PM IST
सार

Sawan Putrada Ekadashi 2026: सावन महीने में आने वाली एकादशी तिथि का विशेष महत्व होता है। इस एकादशी पर भगवान विष्णु के साथ-साथ भगवान शिव की पूजा आराधना करने का खास विधान माना जाता है। 

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sawan putrada ekadashi 2026 date time significance of putrada ekadashi
Sawan Putrada Ekadashi 2026 - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

Sawan Putrada Ekadashi 2026: सावन का महीना भगवान शिव को समर्पित होता है। ऐसे में इस माह में आने वाले व्रत-त्योहार का विशेष महत्व होता है। वैदिक पंचांग के अनुसार, श्रावण माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को पुत्रदा एकादशी का व्रत रखा जाता है। इस दिन भगवान विष्णुके साथ मां लक्ष्मी की पूजा का विधान होता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन व्रत रखने से सुख-समृद्धि, मान-सम्मान और संतान सुख की प्राप्ति होती है। इस वर्ष पुत्रदा एकादशी का व्रत 23 अगस्त, रविवार को रखा जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा करने से हर तरह की मनोकामनाओं की पूरी होती हैं। 
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सावन पुत्रदा एकादशी 2026 तिथि
पंचांग के अनुसार, श्रावण पुत्रदा एकादशी की तिथि 23 अगस्त को रात 2 बजे से शुरू होगी जो अगले दिन यानी 24 अगस्त को सुबह 4 बजकर 18 मिनट पर खत्म होगी। उदया तिथि के अनुसार सावन पुत्रदा एकादशी 23 अगस्त को मनाई जाएगी। 
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सावन पुत्रदा एकादशी शुभ मुहूर्त 
हिंदू पंचांग के अनुसार, श्रावण माह की पुत्रदा एदादशी पर भगवान विष्णु की पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 32 मिनट से लेकर दोपहर 12 बजकर 24 मिनट तक रहेगा। 
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सावन पुत्रदा एकादशी पारण का समय 
23 अगस्त को सावन पुत्रदा एकादशी व्रत के पारण का समय 24 अगस्त को दोपहर 01 बजकर 41 मिनट से लेकर शाम 4 बजकर 16 मिनट तक कर सकते हैं।

सावन पुत्रदा एकादशी का महत्व 
सावन पुत्रदा एकादशी व्रत उन दंपतियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी है जो संतान सुख की इच्छा रखते हैं। या फिर संतान की किसी भी समस्या से जूझ रहे हों। पद्म पुराण में कहा गया है कि जो श्रद्धा और नियमपूर्वक इस व्रत को करता है उसके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है। यह व्रत विद्यार्थियों, गृहस्थों और मोक्ष की अभिलाषा रखने वालों के लिए भी अत्यंत कल्याणकारी है।  

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डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

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