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Hockey: हॉकी में महिला खिलाड़ियों की सुरक्षा पर उठे सवाल, असुंता लाकड़ा की खेल मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग
Fri, 10 Jul 2026 08:27 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Fri, 10 Jul 2026 08:27 PM IST
सार
पूर्व भारतीय कप्तान असुंता लाकड़ा ने महिला खिलाड़ियों के कथित यौन उत्पीड़न, धमकी और प्रताड़ना के मामलों में खेल मंत्रालय से हस्तक्षेप की मांग करते हुए पत्र लिखा है। लाकड़ा ने दोषियों को संरक्षण दिए जाने का आरोप लगाया है, जबकि हॉकी इंडिया और महासचिव भोलानाथ सिंह ने सभी आरोपों से इनकार किया है।
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असुंता लाकड़ा
- फोटो : IANS
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विस्तार
भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान असुंता लाकड़ा ने महिला खिलाड़ियों के साथ कथित यौन उत्पीड़न, धमकी और प्रताड़ना के मामलों में खेल मंत्रालय से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया कि दोषियों को संरक्षण दिया जा रहा है, जबकि शिकायत करने वालों को डराया-धमकाया और बदनाम किया जा रहा है। हालांकि, हॉकी इंडिया और हॉकी झारखंड के अधिकारियों ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है।
असुंता ने पत्र लिखकर जताई चिंता
असुंता लाकड़ा ने खेल मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ), भारतीय ओलंपिक संघ (आओए) की अध्यक्ष पीटी उषा और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) के अधिकारियों को लिखे पत्र में कहा कि उन्होंने भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान, हॉकी इंडिया की कार्यकारी बोर्ड सदस्य और चयनकर्ता के रूप में हमेशा युवा खिलाड़ियों की सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी माना है। उन्होंने कहा कि इसी भावना से उन्होंने रांची स्थित एकलव्य हॉकी अकादमी में सुधीर गोला पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जानकारी झारखंड सरकार को दी थी, लेकिन इसके बाद उन्हें ही धमकियों और बदनाम करने के अभियान का सामना करना पड़ा।
लगाए गंभीर आरोप
असुंता ने आरोप लगाया कि सुधीर गोला को झारखंड सरकार द्वारा निलंबित किए जाने के बावजूद वह अकादमी के छात्रावास में पहुंचे और महिला खिलाड़ियों पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत उठाने के बाद उनके खिलाफ सुनियोजित तरीके से झूठा प्रचार किया गया और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
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हॉकी इंडिया के महासचिव पर भी आरोप
असुंता लाकड़ा ने आरोप लगाया कि हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह ने उन्हें फोन पर धमकाते हुए अपनी सीमा में रहने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि उनके पति को भी धमकियां मिलीं। असुंता ने कहा कि यदि महिला खिलाड़ियों के हित में आवाज उठाने वालों के साथ ऐसा व्यवहार होगा तो भविष्य में कोई भी सामने आने की हिम्मत नहीं करेगा।
भोलानाथ सिंह ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि यह सब हॉकी झारखंड के आगामी चुनावों को देखते हुए उन्हें बदनाम करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी किसी को धमकी नहीं दी और न ही किसी तरह की प्रताड़ना की घटना देखी है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2014 से उनके नेतृत्व में हॉकी झारखंड ने काफी विकास किया है।
चुनाव से संबंध होने के आरोप को असुंता ने नकारा
असुंता लाकड़ा ने स्पष्ट किया कि उनका इस पूरे मामले का हॉकी झारखंड चुनाव से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें चुनाव की जानकारी भी बाद में मिली और वह स्वयं चुनाव नहीं लड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सिर्फ यही मांग है कि हॉकी का संचालन ऐसे लोगों के हाथ में हो, जो खेल को समझते हों और खिलाड़ियों का सम्मान करें।
हॉकी झारखंड के संचालन पर भी उठाए सवाल
असुंता ने आरोप लगाया कि हॉकी झारखंड का संचालन ऐसे लोग कर रहे हैं, जिनका हॉकी से कोई विशेष जुड़ाव नहीं है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के हितों की अनदेखी की जा रही है।
दिलीप टिर्की ने कहा, महिला सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने असुंता लकड़ा को भारतीय हॉकी की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि उन्होंने एक गंभीर मुद्दे को सामने रखा है। टिर्की ने कहा कि झारखंड सरकार ने सुधीर गोला के खिलाफ कार्रवाई की है और हॉकी इंडिया ने भी उन्हें अंडर-18 राष्ट्रीय टीम से तुरंत हटा दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुधीर गोला फिलहाल न तो साइ और न ही हॉकी इंडिया से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि भोलानाथ सिंह पर लगाए गए आरोपों को लेकर वह दोनों पक्षों से बातचीत करेंगे और मामले का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। टिर्की ने दोहराया कि महिलाओं की गरिमा और सम्मान हॉकी इंडिया की सर्वोच्च प्राथमिकता है और संगठन खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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असुंता ने पत्र लिखकर जताई चिंता
असुंता लाकड़ा ने खेल मंत्रालय, भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ), भारतीय ओलंपिक संघ (आओए) की अध्यक्ष पीटी उषा और टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (टॉप्स) के अधिकारियों को लिखे पत्र में कहा कि उन्होंने भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान, हॉकी इंडिया की कार्यकारी बोर्ड सदस्य और चयनकर्ता के रूप में हमेशा युवा खिलाड़ियों की सुरक्षा को अपनी जिम्मेदारी माना है। उन्होंने कहा कि इसी भावना से उन्होंने रांची स्थित एकलव्य हॉकी अकादमी में सुधीर गोला पर लगे यौन उत्पीड़न के आरोपों की जानकारी झारखंड सरकार को दी थी, लेकिन इसके बाद उन्हें ही धमकियों और बदनाम करने के अभियान का सामना करना पड़ा।
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लगाए गंभीर आरोप
असुंता ने आरोप लगाया कि सुधीर गोला को झारखंड सरकार द्वारा निलंबित किए जाने के बावजूद वह अकादमी के छात्रावास में पहुंचे और महिला खिलाड़ियों पर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत उठाने के बाद उनके खिलाफ सुनियोजित तरीके से झूठा प्रचार किया गया और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।
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हॉकी इंडिया के महासचिव पर भी आरोप
असुंता लाकड़ा ने आरोप लगाया कि हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह ने उन्हें फोन पर धमकाते हुए अपनी सीमा में रहने की बात कही। उन्होंने दावा किया कि उनके पति को भी धमकियां मिलीं। असुंता ने कहा कि यदि महिला खिलाड़ियों के हित में आवाज उठाने वालों के साथ ऐसा व्यवहार होगा तो भविष्य में कोई भी सामने आने की हिम्मत नहीं करेगा।
भोलानाथ सिंह ने आरोपों को बताया बेबुनियाद
हॉकी इंडिया के महासचिव भोलानाथ सिंह ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि यह सब हॉकी झारखंड के आगामी चुनावों को देखते हुए उन्हें बदनाम करने की साजिश है। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी किसी को धमकी नहीं दी और न ही किसी तरह की प्रताड़ना की घटना देखी है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2014 से उनके नेतृत्व में हॉकी झारखंड ने काफी विकास किया है।
चुनाव से संबंध होने के आरोप को असुंता ने नकारा
असुंता लाकड़ा ने स्पष्ट किया कि उनका इस पूरे मामले का हॉकी झारखंड चुनाव से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें चुनाव की जानकारी भी बाद में मिली और वह स्वयं चुनाव नहीं लड़ रही हैं। उन्होंने कहा कि उनकी सिर्फ यही मांग है कि हॉकी का संचालन ऐसे लोगों के हाथ में हो, जो खेल को समझते हों और खिलाड़ियों का सम्मान करें।
हॉकी झारखंड के संचालन पर भी उठाए सवाल
असुंता ने आरोप लगाया कि हॉकी झारखंड का संचालन ऐसे लोग कर रहे हैं, जिनका हॉकी से कोई विशेष जुड़ाव नहीं है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों के हितों की अनदेखी की जा रही है।
दिलीप टिर्की ने कहा, महिला सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता
हॉकी इंडिया के अध्यक्ष दिलीप टिर्की ने असुंता लकड़ा को भारतीय हॉकी की अमूल्य धरोहर बताते हुए कहा कि उन्होंने एक गंभीर मुद्दे को सामने रखा है। टिर्की ने कहा कि झारखंड सरकार ने सुधीर गोला के खिलाफ कार्रवाई की है और हॉकी इंडिया ने भी उन्हें अंडर-18 राष्ट्रीय टीम से तुरंत हटा दिया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुधीर गोला फिलहाल न तो साइ और न ही हॉकी इंडिया से जुड़े हैं। उन्होंने कहा कि भोलानाथ सिंह पर लगाए गए आरोपों को लेकर वह दोनों पक्षों से बातचीत करेंगे और मामले का सौहार्दपूर्ण समाधान निकालने का प्रयास करेंगे। टिर्की ने दोहराया कि महिलाओं की गरिमा और सम्मान हॉकी इंडिया की सर्वोच्च प्राथमिकता है और संगठन खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।