{"_id":"6aa68b184514aade7b0ae37b","slug":"difference-between-asian-games-olympics-and-commonwealth-games-why-asiad-are-crucial-for-indian-athletes-2026-09-13","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"एशियाड, ओलंपिक और राष्ट्रमंडल खेल में क्या है अंतर?: भारतीय एथलीटों के लिए एशियाई खेल अहम क्यों, जानें सबकुछ","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल","slug":"sports"}}
एशियाड, ओलंपिक और राष्ट्रमंडल खेल में क्या है अंतर?: भारतीय एथलीटों के लिए एशियाई खेल अहम क्यों, जानें सबकुछ
Mon, 14 Sep 2026 10:00 AM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Mon, 14 Sep 2026 10:00 AM IST
सार
एशियाई खेलों का काउंटडाउन शुरू हो चुका है और अगले कुछ दिनों में एशिया का सबसे बड़ा खेल आयोजन शुरू हो जाएगा। भारतीय दल इसके लिए पूरी तरह तैयार है। आइए जानते हैं एशियाई खेल, ओलंपिक और राष्ट्रमंडल खेलों में क्या अंतर है...
विज्ञापन
एशियाई खेल
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
जापान के आइची-नागोया में 19 सितंबर से चार अक्तूबर 2026 तक एशियाई खेल 2026 का आयोजन होना है। यह एशियन गेम्स का 20वां संस्करण है। इवेंट में भाग लेने वाली टीमें अपनी तैयारी के अंतिम चरण में हैं और ज्यादा से ज्यादा से पदक जीत अपने देश का नाम प्रतिष्ठित करने की कोशिश करेंगी। भारत के एथलीटों के लिए वैश्विक मंचों पर अपनी क्षमता का प्रदर्शन करने के लिए ओलंपिक, राष्ट्रमंडल खेल और एशियन गेम्स के रूप में तीन वैश्विक मंच उपलब्ध हैं। तीनों खेलों का फलक एक दूसरे से भिन्न है। आइए जानते हैं कि इन तीनों आयोजनों में क्या अंतर है?
विज्ञापन
खेलों के महाकुंभ के नाम से मशहूर है ओलंपिक
ओलंपिक दुनिया का सबसे बड़ा खेल आयोजन है। इस वैश्विक इवेंट में दुनिया के लगभग सभी देश हिस्सा लेते हैं। आधुनिक ओलंपिक 1896 से खेला जा रहा है। ओलंपिक का आखिरी संस्करण 2024 में पेरिस में आयोजित हुआ था और इसका अगला संस्करण 2028 में लॉस एंजिलिस में होना है। ओलंपिक में भारतीय दल का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। भारत ने ओलंपिक में अब तक कुल 41 पदक जीते हैं। इसमें 10 स्वर्ण, 10 रजत और 21 कांस्य पदक शामिल हैं।
ओलंपिक दुनिया का सबसे बड़ा खेल आयोजन है। इस वैश्विक इवेंट में दुनिया के लगभग सभी देश हिस्सा लेते हैं। आधुनिक ओलंपिक 1896 से खेला जा रहा है। ओलंपिक का आखिरी संस्करण 2024 में पेरिस में आयोजित हुआ था और इसका अगला संस्करण 2028 में लॉस एंजिलिस में होना है। ओलंपिक में भारतीय दल का प्रदर्शन निराशाजनक रहा है। भारत ने ओलंपिक में अब तक कुल 41 पदक जीते हैं। इसमें 10 स्वर्ण, 10 रजत और 21 कांस्य पदक शामिल हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
राष्ट्रमंडल खेलों में कौन से देश लेते हैं हिस्सा?
ओलंपिक के बाद राष्ट्रमंडल खेल का स्थान है। 1930 में ब्रिटिश साम्राज्य द्वारा शुरू किए गए राष्ट्रमंडल खेल (कॉमनवेल्थ गेम्स) में ब्रिटिश साम्राज्य या उसके आश्रितों के उपनिवेश रहे देश हिस्सा लेते हैं। राष्ट्रमंडल खेल में हिस्सा लेने वाले सदस्य देशों की संख्या 74 देश है। इसके अलावे कुछ इलाके (जिनका प्रतिनिधित्व कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन के सदस्य एसोसिएशन करते हैं) हिस्सा लेते हैं। भारत कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा के बाद चौथा सफल देश है। भारत ने 215 स्वर्ण, 206 रजत और 178 कांस्य पदक जीते हैं।
ओलंपिक के बाद राष्ट्रमंडल खेल का स्थान है। 1930 में ब्रिटिश साम्राज्य द्वारा शुरू किए गए राष्ट्रमंडल खेल (कॉमनवेल्थ गेम्स) में ब्रिटिश साम्राज्य या उसके आश्रितों के उपनिवेश रहे देश हिस्सा लेते हैं। राष्ट्रमंडल खेल में हिस्सा लेने वाले सदस्य देशों की संख्या 74 देश है। इसके अलावे कुछ इलाके (जिनका प्रतिनिधित्व कॉमनवेल्थ गेम्स फेडरेशन के सदस्य एसोसिएशन करते हैं) हिस्सा लेते हैं। भारत कॉमनवेल्थ गेम्स के इतिहास में ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और कनाडा के बाद चौथा सफल देश है। भारत ने 215 स्वर्ण, 206 रजत और 178 कांस्य पदक जीते हैं।
एशियाई खेल
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
एशिया का सबसे बड़ा खेल आयोजन है एशियाड
ओलंपिक, राष्ट्रमंडल खेल के बाद एशियन गेम्स का नंबर आता है। इसे एशियाई खेल या एशियाड भी कहा जाता है। यह एशिया का सबसे बड़ा और वैश्विक रूप से तीसरा सबसे बड़ा खेल आयोजन है। एशियन गेम्स में एशिया महादेश के तहत आने वाले और ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया से मान्यता प्राप्त 45 देश ही एशियन गेम्स में हिस्सा लेते हैं। 1951 में शुरू हुए एशियन गेम्स के हर संस्करण में भारतीय दल ने हिस्सा लिया है।
एशियन गेम्स के इतिहास में भारत सर्वाधिक पदक जीतने वाले देशों की सूची में पांचवें स्थान पर है। भारत ने पिछले 19 संस्करणों में 183 स्वर्ण, 238 रजत और 357 कांस्य सहित कुल 778 पदक जीते हैं। पहले स्थान पर चीन (3,570 पदक), दूसरे स्थान पर जापान (3,242 पदक), तीसरे स्थान पर कोरिया (2,425 पदक) और चौथे स्थान पर ईरान (611) है। ईरान के स्वर्ण पदकों की संख्या ज्यादा है। इसी वजह से कुल पदक कम होते हुए भी वो पदक तालिका में भारत से ऊपर है। चीन के हांगझोऊ में आयोजित एशियन गेम्स 2022 में भारत का प्रदर्शन इन खेलों के इतिहास का सर्वोत्तम रहा था। भारत ने सर्वाधिक 106 पदक जीते थे।
भारतीय खिलाड़ियों के लिए एशियन गेम्स में हिस्सा लेना और बेहतर प्रदर्शन करना बेहद अहम है। एशियन गेम्स में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले एथलीट एशिया में अपने खेल में तो स्थापित हो ही जाते हैं, उनके लिए राष्ट्रमंडल और ओलंपिक खेल का रास्ता भी खुल जाता है। यही वजह है कि भारतीय एथलीट एशियन गेम्स में पदक के लिए कड़ी मेहनत करते हैं।
ओलंपिक, राष्ट्रमंडल खेल के बाद एशियन गेम्स का नंबर आता है। इसे एशियाई खेल या एशियाड भी कहा जाता है। यह एशिया का सबसे बड़ा और वैश्विक रूप से तीसरा सबसे बड़ा खेल आयोजन है। एशियन गेम्स में एशिया महादेश के तहत आने वाले और ओलंपिक काउंसिल ऑफ एशिया से मान्यता प्राप्त 45 देश ही एशियन गेम्स में हिस्सा लेते हैं। 1951 में शुरू हुए एशियन गेम्स के हर संस्करण में भारतीय दल ने हिस्सा लिया है।
एशियन गेम्स के इतिहास में भारत सर्वाधिक पदक जीतने वाले देशों की सूची में पांचवें स्थान पर है। भारत ने पिछले 19 संस्करणों में 183 स्वर्ण, 238 रजत और 357 कांस्य सहित कुल 778 पदक जीते हैं। पहले स्थान पर चीन (3,570 पदक), दूसरे स्थान पर जापान (3,242 पदक), तीसरे स्थान पर कोरिया (2,425 पदक) और चौथे स्थान पर ईरान (611) है। ईरान के स्वर्ण पदकों की संख्या ज्यादा है। इसी वजह से कुल पदक कम होते हुए भी वो पदक तालिका में भारत से ऊपर है। चीन के हांगझोऊ में आयोजित एशियन गेम्स 2022 में भारत का प्रदर्शन इन खेलों के इतिहास का सर्वोत्तम रहा था। भारत ने सर्वाधिक 106 पदक जीते थे।
भारतीय खिलाड़ियों के लिए एशियन गेम्स में हिस्सा लेना और बेहतर प्रदर्शन करना बेहद अहम है। एशियन गेम्स में श्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले एथलीट एशिया में अपने खेल में तो स्थापित हो ही जाते हैं, उनके लिए राष्ट्रमंडल और ओलंपिक खेल का रास्ता भी खुल जाता है। यही वजह है कि भारतीय एथलीट एशियन गेम्स में पदक के लिए कड़ी मेहनत करते हैं।