{"_id":"6a86dff9419556b42c0acd64","slug":"india-and-iran-women-s-kabaddi-teams-trained-together-and-played-several-practice-matches-ahead-of-asian-games-2026-08-20","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Asian Games: एशियाड से पहले भारत और ईरान की महिला कबड्डी टीम ने साथ में की ट्रेनिंग, खेले कई अभ्यास मैच","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल","slug":"sports"}}
Asian Games: एशियाड से पहले भारत और ईरान की महिला कबड्डी टीम ने साथ में की ट्रेनिंग, खेले कई अभ्यास मैच
Thu, 20 Aug 2026 04:37 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, सोनीपत
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Thu, 20 Aug 2026 04:37 PM IST
सार
अगले महीने एशियाई खेलों का आयोजन होना है और इससे पहले भारत की महिला कबड्डी टीम ने ईरान की महिला टीम के साथ अभ्यास किया है। दोनों टीमों ने साई सोनीपत में कई अभ्यास मैच खेले।
विज्ञापन
ईरान महिला कबड्डी टीम के साथ अभ्यास करती भारतीय टीम
- फोटो : IANS
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ईरान की महिला कबड्डी टीम ने आगामी एशियन गेम्स 2026 से पहले भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) सोनीपत सेंटर में भारतीय टीम के साथ कई अभ्यास मैच खेले। छह दिन के इस अभ्यास कैंप का मकसद दोनों देशों के लिए एक-दूसरे से सीखने का मौका देना था, ताकि वे आइची-नागोया में होने वाले खेलों में अच्छा प्रदर्शन कर सकें। ईरानी टीम 13 अगस्त को सोनीपत पहुंची और साई कैंपस में भारतीय महिला कबड्डी टीम के साथ-साथ स्थानीय टीमों के खिलाफ भी अभ्यास मैच खेले।
विज्ञापन
ईरान को एशियाड के लिए तैयार करना था मकसद
इन अभ्यास मैचों का मुख्य मकसद ईरान को एशियाई खेलों के लिए तैयार करना था, लेकिन इससे भारतीय खिलाड़ियों को भी एक अंतरराष्ट्रीय टीम के खिलाफ खुद को परखने और अलग-अलग खेलने के तरीकों और रणनीतियों का अनुभव हासिल करने का मौका मिला। ईरान की महिला टीम के मुख्य कोच घोलमरेजा मजंदरानी ने कहा कि यह कैंप उनकी युवा टीम के लिए बहुत फायदेमंद रहा, क्योंकि पिछले एशियाई खेलों के बाद से टीम में 80 प्रतिशत से ज्यादा बदलाव हुए हैं।
मजंदरानी ने कहा, हमारे लिए फ्रेंडली मैच खेलने, खिलाड़ियों को बेहतर बनाने और अपनी टीम की रणनीतियों को सुधारने का यह बहुत अच्छा मौका है। हम एशियन गेम्स में एक बेहतर टीम के तौर पर उतरना चाहते हैं। हमारी टीम के लिए यह एक अच्छा अनुभव रहा है, क्योंकि हमारी टीम अभी बहुत युवा है और हमने पिछले एशियन गेम्स के बाद से शायद 80 प्रतिशत से ज्यादा टीम बदल दी है।
इन अभ्यास मैचों का मुख्य मकसद ईरान को एशियाई खेलों के लिए तैयार करना था, लेकिन इससे भारतीय खिलाड़ियों को भी एक अंतरराष्ट्रीय टीम के खिलाफ खुद को परखने और अलग-अलग खेलने के तरीकों और रणनीतियों का अनुभव हासिल करने का मौका मिला। ईरान की महिला टीम के मुख्य कोच घोलमरेजा मजंदरानी ने कहा कि यह कैंप उनकी युवा टीम के लिए बहुत फायदेमंद रहा, क्योंकि पिछले एशियाई खेलों के बाद से टीम में 80 प्रतिशत से ज्यादा बदलाव हुए हैं।
मजंदरानी ने कहा, हमारे लिए फ्रेंडली मैच खेलने, खिलाड़ियों को बेहतर बनाने और अपनी टीम की रणनीतियों को सुधारने का यह बहुत अच्छा मौका है। हम एशियन गेम्स में एक बेहतर टीम के तौर पर उतरना चाहते हैं। हमारी टीम के लिए यह एक अच्छा अनुभव रहा है, क्योंकि हमारी टीम अभी बहुत युवा है और हमने पिछले एशियन गेम्स के बाद से शायद 80 प्रतिशत से ज्यादा टीम बदल दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ईरान टीम के कोच ने सराहा
मजंदरानी ने आगे कहा कि भारत के कबड्डी इकोसिस्टम की गहराई भारतीय खिलाड़ियों को बहुत बड़ा फायदा देती है, क्योंकि उन्हें साल भर अपने ईरानी साथियों की तुलना में कहीं अधिक प्रतिस्पर्धी मैच खेलने को मिलते हैं। उन्होंने कहा, ईरान में हमारे पास पुरुष और महिला मिलाकर लगभग 3,000 से 4,000 कबड्डी खिलाड़ी हैं। हालांकि, यहां मुझे लगता है कि उसके मुकाबले यहां कई गुना आपके पास शायद एक करोड़ से ज्यादा कबड्डी खिलाड़ी हैं। यह बहुत बड़ी संख्या है। भारत में एक कबड्डी खिलाड़ी, चाहे वह किशोर हो, जूनियर हो या सीनियर, शायद साल में 50-60 से अधिक मैच खेलता है। यह उनके लिए एक बड़ी बात है। वे मैचों के दौरान अपने कौशल को बेहतर बना सकते हैं।
मजंदरानी ने आगे कहा कि भारत के कबड्डी इकोसिस्टम की गहराई भारतीय खिलाड़ियों को बहुत बड़ा फायदा देती है, क्योंकि उन्हें साल भर अपने ईरानी साथियों की तुलना में कहीं अधिक प्रतिस्पर्धी मैच खेलने को मिलते हैं। उन्होंने कहा, ईरान में हमारे पास पुरुष और महिला मिलाकर लगभग 3,000 से 4,000 कबड्डी खिलाड़ी हैं। हालांकि, यहां मुझे लगता है कि उसके मुकाबले यहां कई गुना आपके पास शायद एक करोड़ से ज्यादा कबड्डी खिलाड़ी हैं। यह बहुत बड़ी संख्या है। भारत में एक कबड्डी खिलाड़ी, चाहे वह किशोर हो, जूनियर हो या सीनियर, शायद साल में 50-60 से अधिक मैच खेलता है। यह उनके लिए एक बड़ी बात है। वे मैचों के दौरान अपने कौशल को बेहतर बना सकते हैं।
भारतीय कोच बोले- फायदेमंद साबित होगा अनुभव
भारतीय महिला कबड्डी टीम के कोच नवीन कुमार ने कहा कि ईरान के खिलाफ अभ्यास मैच खेलने का अनुभव लड़कियों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा। भारतीय कोच ने कहा, हमारी ज्यादातर नई खिलाड़ी जूनियर लेवल की हैं और उन्हें ईरानी टीम के खिलाफ खेलकर बहुत कुछ सीखने का मौका मिला। उन्हें यह समझने का मौका मिला कि ईरान कैसे खेलता है और इससे हमें यह भी अंदाजा हुआ कि हमारी युवा टीम को भविष्य के लिए कैसे तैयारी करनी चाहिए। मैच बहुत अच्छे रहे और हम इस अनुभव से बहुत खुश हैं।
उन्होंने आगे कहा, ईरानी टीम में ऐसी खिलाड़ी भी थीं, जिन्होंने तीन एशियन गेम्स में हिस्सा लिया है, इसलिए उनके पास बहुत अनुभव है। उनकी फिटनेस, ताकत और जबरदस्त पावर बहुत अच्छी है, और हमारे युवा खिलाड़ी उनसे बहुत कुछ सीख सकते हैं। जिस लगन और ऊर्जा के साथ ये खिलाड़ी खेलते हैं, उससे भी हमारे युवा खिलाड़ी सीख सकते हैं। कुल मिलाकर यह हमारी टीम के लिए बहुत उपयोगी अनुभव था।
भारतीय महिला कबड्डी टीम के कोच नवीन कुमार ने कहा कि ईरान के खिलाफ अभ्यास मैच खेलने का अनुभव लड़कियों के लिए बहुत फायदेमंद साबित होगा। भारतीय कोच ने कहा, हमारी ज्यादातर नई खिलाड़ी जूनियर लेवल की हैं और उन्हें ईरानी टीम के खिलाफ खेलकर बहुत कुछ सीखने का मौका मिला। उन्हें यह समझने का मौका मिला कि ईरान कैसे खेलता है और इससे हमें यह भी अंदाजा हुआ कि हमारी युवा टीम को भविष्य के लिए कैसे तैयारी करनी चाहिए। मैच बहुत अच्छे रहे और हम इस अनुभव से बहुत खुश हैं।
उन्होंने आगे कहा, ईरानी टीम में ऐसी खिलाड़ी भी थीं, जिन्होंने तीन एशियन गेम्स में हिस्सा लिया है, इसलिए उनके पास बहुत अनुभव है। उनकी फिटनेस, ताकत और जबरदस्त पावर बहुत अच्छी है, और हमारे युवा खिलाड़ी उनसे बहुत कुछ सीख सकते हैं। जिस लगन और ऊर्जा के साथ ये खिलाड़ी खेलते हैं, उससे भी हमारे युवा खिलाड़ी सीख सकते हैं। कुल मिलाकर यह हमारी टीम के लिए बहुत उपयोगी अनुभव था।