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World Championship: त्रीसा-गायत्री की जोड़ी का शानदार प्रदर्शन जारी, महिला युगल के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई
Thu, 20 Aug 2026 03:22 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Thu, 20 Aug 2026 03:22 PM IST
सार
भारत की स्टार महिला बैडमिंटन जोड़ी त्रीशा जॉली और गायत्री गोपीचंद ने गुरुवार को बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप में अपना शानदार प्रदर्शन जारी रखा। इस भारतीय जोड़ी ने क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है।
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त्रीसा-गायत्री
- फोटो : IANS
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विस्तार
त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की भारतीय महिला युगल जोड़ी ने गुरुवार को जापान की सातवीं वरीयता प्राप्त रिन इवानागा और की नाकानिशी को सीधे गेम में हराकर विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। भारत की गैर वरीयता प्राप्त जोड़ी ने एकतरफा मुकाबले में रिन और नाकानिशी की विश्व में सातवें नंबर की जोड़ी को 21-16 21-12 से हराया।
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शुरुआत से ही किया दमदार प्रदर्शन
हाल में अर्जुन पुरस्कार पाने वाली त्रीसा और गायत्री ने शुरू से अच्छा प्रदर्शन किया और अपनी प्रतिद्वंद्वी टीम को कोई मौका नहीं दिया। यह भारतीय जोड़ी 2022 और 2023 में लगातार दो वर्ष ऑल इंग्लैंड ओपन के सेमीफाइनल में पहुंची थीं। इस साल की शुरुआत में त्रीसा के टखने में चोट लगने के कारण यह जोड़ी कुछ टूर्नामेंट में नहीं खेल पाई थी। उन्होंने इंडोनेशिया ओपन में वापसी की और इस महीने की शुरुआत में फिलीपीन इंटरनेशनल चैलेंज जीता।
हाल में अर्जुन पुरस्कार पाने वाली त्रीसा और गायत्री ने शुरू से अच्छा प्रदर्शन किया और अपनी प्रतिद्वंद्वी टीम को कोई मौका नहीं दिया। यह भारतीय जोड़ी 2022 और 2023 में लगातार दो वर्ष ऑल इंग्लैंड ओपन के सेमीफाइनल में पहुंची थीं। इस साल की शुरुआत में त्रीसा के टखने में चोट लगने के कारण यह जोड़ी कुछ टूर्नामेंट में नहीं खेल पाई थी। उन्होंने इंडोनेशिया ओपन में वापसी की और इस महीने की शुरुआत में फिलीपीन इंटरनेशनल चैलेंज जीता।
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पदक पक्का करने से एक कदम दूर भारतीय जोड़ी
अब सेमीफाइनल में जगह बनाने पर त्रीशा और गायत्री का विश्व चैंपियनशिप में पदक पक्का हो जाएगा। इस जीत में त्रीशा के आक्रामक खेल की अहम भूमिका रही। भारतीय खिलाड़ी ने बार-बार कोर्ट के पिछले हिस्से से अपनी ताकत का इस्तेमाल करके अटैक के मौके बनाए। इसके साथ ही नेट पर भी उन्होंने कई शानदार शॉट खेले और जापानी जोड़ी को वापसी करने का मौका नहीं दिया।
त्रीशा के अटैक के दौरान गायत्री का खेल थोड़ा शांत रहा, लेकिन उन्होंने तालमेल को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। कोर्ट पर त्रीशा के मूवमेंट और रोटेशन ने बार-बार इवानागा और नाकानिशी को मुश्किल स्थिति में डाला। हालांकि, इस मुकाबले में कुछ तनावपूर्ण पल भी देखने को मिले। त्रीशा और गायत्री खेल के दौरान कुछ घटनाओं से साफतौर पर परेशान दिखीं, क्योंकि जापानी जोड़ी के व्यवहार को लेकर उनकी चिंताओं पर उन्हें मनचाहा जवाब नहीं मिला।
अब सेमीफाइनल में जगह बनाने पर त्रीशा और गायत्री का विश्व चैंपियनशिप में पदक पक्का हो जाएगा। इस जीत में त्रीशा के आक्रामक खेल की अहम भूमिका रही। भारतीय खिलाड़ी ने बार-बार कोर्ट के पिछले हिस्से से अपनी ताकत का इस्तेमाल करके अटैक के मौके बनाए। इसके साथ ही नेट पर भी उन्होंने कई शानदार शॉट खेले और जापानी जोड़ी को वापसी करने का मौका नहीं दिया।
त्रीशा के अटैक के दौरान गायत्री का खेल थोड़ा शांत रहा, लेकिन उन्होंने तालमेल को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाई। कोर्ट पर त्रीशा के मूवमेंट और रोटेशन ने बार-बार इवानागा और नाकानिशी को मुश्किल स्थिति में डाला। हालांकि, इस मुकाबले में कुछ तनावपूर्ण पल भी देखने को मिले। त्रीशा और गायत्री खेल के दौरान कुछ घटनाओं से साफतौर पर परेशान दिखीं, क्योंकि जापानी जोड़ी के व्यवहार को लेकर उनकी चिंताओं पर उन्हें मनचाहा जवाब नहीं मिला।
त्रीशा को दिखाया गया येलो कार्ड
इसके बाद, शटल के साथ अपने व्यवहार के लिए चेयर अंपायर से चेतावनी मिलने के बाद त्रीशा को येलो कार्ड दिखाया गया। इस घटना से कुछ समय के लिए बैडमिंटन मैच पर असर पड़ने का खतरा पैदा हो गया था, लेकिन त्रीशा ने अपनी निराशा को बेहतरीन खेल में तब्दील किया। उन्होंने हर आक्रामक रैली में जबरदस्त तेजी दिखाई और सफल स्मैश के बाद जोरदार जश्न मनाया। स्टेडियम का माहौल जापानी जोड़ी के लिए और भी मुश्किल हो गया, क्योंकि भारतीय समर्थकों ने मुकाबले को पूरी तरह से घरेलू मैच जैसा बना दिया था। एक समय तो त्रीशा मैच रेफरी से बहस करती रहीं, जब तक कि कोच पुलेला गोपीचंद ने कोर्ट के बाहर से उन्हें अपने कोने में वापस आने के लिए नहीं कहा। त्रीशा और गायत्री के लिए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाना उनकी वापसी की राह में एक और अहम पड़ाव है। त्रीशा को लगी चोट के कारण यह जोड़ी लगभग तीन महीने तक खेल से दूर रही, जिससे उन्हें वापसी के बाद अपनी लय फिर से हासिल करने की चुनौती का सामना करना पड़ा।
इसके बाद, शटल के साथ अपने व्यवहार के लिए चेयर अंपायर से चेतावनी मिलने के बाद त्रीशा को येलो कार्ड दिखाया गया। इस घटना से कुछ समय के लिए बैडमिंटन मैच पर असर पड़ने का खतरा पैदा हो गया था, लेकिन त्रीशा ने अपनी निराशा को बेहतरीन खेल में तब्दील किया। उन्होंने हर आक्रामक रैली में जबरदस्त तेजी दिखाई और सफल स्मैश के बाद जोरदार जश्न मनाया। स्टेडियम का माहौल जापानी जोड़ी के लिए और भी मुश्किल हो गया, क्योंकि भारतीय समर्थकों ने मुकाबले को पूरी तरह से घरेलू मैच जैसा बना दिया था। एक समय तो त्रीशा मैच रेफरी से बहस करती रहीं, जब तक कि कोच पुलेला गोपीचंद ने कोर्ट के बाहर से उन्हें अपने कोने में वापस आने के लिए नहीं कहा। त्रीशा और गायत्री के लिए क्वार्टर फाइनल में जगह बनाना उनकी वापसी की राह में एक और अहम पड़ाव है। त्रीशा को लगी चोट के कारण यह जोड़ी लगभग तीन महीने तक खेल से दूर रही, जिससे उन्हें वापसी के बाद अपनी लय फिर से हासिल करने की चुनौती का सामना करना पड़ा।