{"_id":"6a83cf837e56a9c8f105f3e9","slug":"bwf-world-championships-who-is-ayush-shetty-the-indian-shuttler-who-stunned-world-no-1-shi-yuqi-2026-08-18","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"BWF World Championships: भारत के नए स्टार शटलर आयुष शेट्टी की कहानी; वर्ल्ड नंबर-1 को हराने के बाद क्या बोले?","category":{"title":"Sports","title_hn":"खेल","slug":"sports"}}
BWF World Championships: भारत के नए स्टार शटलर आयुष शेट्टी की कहानी; वर्ल्ड नंबर-1 को हराने के बाद क्या बोले?
Tue, 18 Aug 2026 08:50 AM IST
स्वप्निल शशांक
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: स्वप्निल शशांक
Updated Tue, 18 Aug 2026 08:50 AM IST
सार
भारतीय बैडमिंटन के युवा सितारे आयुष शेट्टी ने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में बड़ा उलटफेर करते हुए मौजूदा चैंपियन और वर्ल्ड नंबर-1 चीन के शी यू की को हरा दिया। 21 वर्षीय आयुष ने तीन गेम तक चले मुकाबले में 21-14, 13-21, 21-19 से जीत दर्ज की। यह शी यू की के खिलाफ उनकी पहली जीत है।
विज्ञापन
आयुष शेट्टी
- फोटो : ANI
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में सोमवार को जब 21 साल के आयुष शेट्टी कोर्ट पर उतरे, तब सामने सिर्फ एक प्रतिद्वंद्वी नहीं था, बल्कि दुनिया का नंबर-1 खिलाड़ी और मौजूदा विश्व चैंपियन खड़ा था। हालांकि, कर्नाटक के इस युवा शटलर ने दबाव को खुद पर हावी नहीं होने दिया। तीन गेम और उतार-चढ़ाव से भरे मुकाबले के बाद आयुष ने शी यू की को हराकर न सिर्फ विश्व चैंपियनशिप के अगले दौर में जगह बनाई, बल्कि भारतीय बैडमिंटन के उभरते सितारे के रूप में अपनी पहचान और मजबूत कर दी।
आयुष शेट्टी ने शी यू की को हराया
- फोटो : ANI
वर्ल्ड नंबर-1 को हराकर किया सबसे बड़ा उलटफेर
- आयुष शेट्टी ने बीडब्ल्यूएफ वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 के राउंड ऑफ 64 में शी यू की को 21-14, 13-21, 21-19 से मात दी। मुकाबले की शुरुआत से ही आयुष आक्रामक नजर आए। उन्होंने शानदार स्मैश के साथ-साथ बेहतरीन डिफेंस का प्रदर्शन किया और पहले गेम को 21-14 से अपने नाम कर लिया।
- दूसरे गेम में शी यू की ने वापसी की और आयुष को 13-21 से पीछे कर दिया। इस समय ऐसा लगा कि चीनी खिलाड़ी अपने अनुभव के दम पर मुकाबले को अपने पक्ष में ले जाएंगे, लेकिन आयुष ने तीसरे गेम में जबरदस्त संयम दिखाया। निर्णायक गेम में दबाव लगातार बढ़ता गया, लेकिन भारतीय खिलाड़ी ने महत्वपूर्ण मौकों पर अच्छे शॉट लगाए और 21-19 से गेम जीतकर मैच अपने नाम कर लिया।
- यह शी यू की के खिलाफ आयुष की चार मुकाबलों में पहली जीत थी। इससे पहले तीनों मुकाबलों में उन्हें हार मिली थी। इनमें इसी साल बैडमिंटन एशियन चैंपियनशिप का फाइनल भी शामिल था, जहां शी यू की ने उन्हें सीधे गेम में हराया था।
आयुष शेट्टी ने शी यू की को हराया
- फोटो : ANI
घरेलू दर्शकों ने दी अतिरिक्त ऊर्जा
जीत के बाद आयुष ने माना कि नई दिल्ली में घरेलू दर्शकों का समर्थन उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने कहा, 'फैंस सच में मेरे साथ थे, जिससे मुझे ऊर्जा मिली। मैं थोड़ा थक गया था, लेकिन फैंस को इस तरह चीयर करते हुए सुनकर बहुत ऊर्जा मिली। वह (शी यू की) सच में नर्वस थे, जिस तरह से वह वापसी कर रहे थे, लेकिन मैंने किसी तरह जीत हासिल कर ली। यह एक शानदार अंत था।' आयुष के लिए यह जीत इसलिए भी खास थी क्योंकि वह अपने देश में विश्व चैंपियनशिप खेल रहे थे। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का लगातार समर्थन निर्णायक गेम में उनके लिए अतिरिक्त ताकत बन गया।
जीत के बाद आयुष ने माना कि नई दिल्ली में घरेलू दर्शकों का समर्थन उनके लिए बेहद महत्वपूर्ण रहा। उन्होंने कहा, 'फैंस सच में मेरे साथ थे, जिससे मुझे ऊर्जा मिली। मैं थोड़ा थक गया था, लेकिन फैंस को इस तरह चीयर करते हुए सुनकर बहुत ऊर्जा मिली। वह (शी यू की) सच में नर्वस थे, जिस तरह से वह वापसी कर रहे थे, लेकिन मैंने किसी तरह जीत हासिल कर ली। यह एक शानदार अंत था।' आयुष के लिए यह जीत इसलिए भी खास थी क्योंकि वह अपने देश में विश्व चैंपियनशिप खेल रहे थे। स्टेडियम में मौजूद दर्शकों का लगातार समर्थन निर्णायक गेम में उनके लिए अतिरिक्त ताकत बन गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
आयुष शेट्टी ने शी यू की को हराया
- फोटो : ANI
हार से लिया सबक, बदली रणनीति
शी यू की के खिलाफ पहले तीन मुकाबलों में मिली हार के बाद आयुष ने इस बार अलग रणनीति के साथ कोर्ट पर उतरने का फैसला किया था। उन्होंने बताया कि उनकी टीम ने पिछली भिड़ंत का विश्लेषण किया था और इस बार वह अपनी रणनीति को बेहतर तरीके से लागू करने में सफल रहे।
आयुष ने कहा, 'हमने मुकाबलों का विश्लेषण किया और आज मैं रणनीति के मामले में बहुत बेहतर था। पिछली बार जब हम खेले थे, तो उन्होंने मुझे हरा दिया था। उस समय मैं पूरी तरह भावशून्य था। आज मेरी तैयारी बेहतर थी। मैं इस जीत को सबसे ऊपर रखूंगा। घर पर खेलना, वर्ल्ड चैंपियनशिप में डेब्यू, वर्ल्ड नंबर-1 के खिलाफ खेलना - मुझे लगता है कि यह एक खास जीत है।' उन्होंने आगे कहा, 'मेरे पास उनके खिलाफ एक योजना थी। मैं उसमें कामयाब रहा और आखिर तक अपने प्लान पर कायम रह पाया। मैं इससे बहुत खुश हूं।'
शी यू की के खिलाफ पहले तीन मुकाबलों में मिली हार के बाद आयुष ने इस बार अलग रणनीति के साथ कोर्ट पर उतरने का फैसला किया था। उन्होंने बताया कि उनकी टीम ने पिछली भिड़ंत का विश्लेषण किया था और इस बार वह अपनी रणनीति को बेहतर तरीके से लागू करने में सफल रहे।
आयुष ने कहा, 'हमने मुकाबलों का विश्लेषण किया और आज मैं रणनीति के मामले में बहुत बेहतर था। पिछली बार जब हम खेले थे, तो उन्होंने मुझे हरा दिया था। उस समय मैं पूरी तरह भावशून्य था। आज मेरी तैयारी बेहतर थी। मैं इस जीत को सबसे ऊपर रखूंगा। घर पर खेलना, वर्ल्ड चैंपियनशिप में डेब्यू, वर्ल्ड नंबर-1 के खिलाफ खेलना - मुझे लगता है कि यह एक खास जीत है।' उन्होंने आगे कहा, 'मेरे पास उनके खिलाफ एक योजना थी। मैं उसमें कामयाब रहा और आखिर तक अपने प्लान पर कायम रह पाया। मैं इससे बहुत खुश हूं।'
विज्ञापन
आयुष शेट्टी ने शी यू की को हराया
- फोटो : ANI
कौन हैं आयुष शेट्टी?
आयुष शेट्टी कर्नाटक के कर्कला के पास स्थित छोटे से इलाके सानूर से आते हैं। उनका बैडमिंटन से जुड़ाव काफी कम उम्र में हो गया था। महज आठ साल की उम्र में उनके पिता ने उन्हें बैडमिंटन से परिचित कराया और शुरुआती दौर में वह उन्हें अपने घर के पीछे ही अभ्यास कराते थे। आयुष की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए उनका परिवार बाद में बंगलूरू चला गया।
यहां उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिलीं। इसके बाद उन्होंने प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन अकादमी में प्रशिक्षण हासिल किया, जहां उन्हें अपने खेल को निखारने का मौका मिला। छोटे शहर से निकलकर देश की प्रतिष्ठित बैडमिंटन अकादमी तक का उनका सफर बताता है कि भारतीय बैडमिंटन में उनकी कहानी सिर्फ एक अचानक मिली बड़ी जीत की नहीं है, बल्कि वर्षों की मेहनत और तैयारी का नतीजा है।
आयुष शेट्टी कर्नाटक के कर्कला के पास स्थित छोटे से इलाके सानूर से आते हैं। उनका बैडमिंटन से जुड़ाव काफी कम उम्र में हो गया था। महज आठ साल की उम्र में उनके पिता ने उन्हें बैडमिंटन से परिचित कराया और शुरुआती दौर में वह उन्हें अपने घर के पीछे ही अभ्यास कराते थे। आयुष की प्रतिभा को आगे बढ़ाने के लिए उनका परिवार बाद में बंगलूरू चला गया।
यहां उन्हें बेहतर प्रशिक्षण और सुविधाएं मिलीं। इसके बाद उन्होंने प्रकाश पादुकोण बैडमिंटन अकादमी में प्रशिक्षण हासिल किया, जहां उन्हें अपने खेल को निखारने का मौका मिला। छोटे शहर से निकलकर देश की प्रतिष्ठित बैडमिंटन अकादमी तक का उनका सफर बताता है कि भारतीय बैडमिंटन में उनकी कहानी सिर्फ एक अचानक मिली बड़ी जीत की नहीं है, बल्कि वर्षों की मेहनत और तैयारी का नतीजा है।