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Asian Games: एशियाड में पदक का रंग बदलने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहतीं अनाहत, पिछली बार जीता था कांस्य
Mon, 17 Aug 2026 11:03 PM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Mon, 17 Aug 2026 11:03 PM IST
सार
भारत की उभरती हुई स्क्वाश खिलाड़ी अनाहत सिंह अब एशियाई खेलों की तैयारियों में जुट गई हैं। अनाहत का कहना है कि वह एशियाड में पदक का रंग बदलने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेंगी।
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अनाहत सिंह
- फोटो : ANI
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विस्तार
विश्व जूनियर स्क्वाश चैंपियन अनाहत सिंह अगले महीने जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों में पिछली बार जीते पदकों का रंग बदलने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ना चाहतीं। भारत की 18 वर्षीय अनाहत ने 2023 में चीन के हांगझोउ में हुए एशियाई खेलों में मिश्रित युगल और टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीते थे। मिश्रित युगल में उन्होंने अभय सिंह के साथ जोड़ी बनाई थी, जबकि टीम स्पर्धा में उनके साथ जोशना चिनप्पा, दीपिका पल्लिकल और तन्वी खन्ना थीं।
एक सम्मान समारोह से इतर अनाहत ने कहा, मैं अपने पदक का रंग बदलना चाहती हूं। एशियाई खेलों तक मेरे पास जो एक महीना बचा है उसमें कड़ी ट्रेनिंग करूंगी और हरसंभव प्रयास करूंगी। उम्मीद है कि पदक का रंग बदलने और पिछली बार से बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहूंगी।
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एक सम्मान समारोह से इतर अनाहत ने कहा, मैं अपने पदक का रंग बदलना चाहती हूं। एशियाई खेलों तक मेरे पास जो एक महीना बचा है उसमें कड़ी ट्रेनिंग करूंगी और हरसंभव प्रयास करूंगी। उम्मीद है कि पदक का रंग बदलने और पिछली बार से बेहतर प्रदर्शन करने में सफल रहूंगी।
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एशियाड की तैयारी में जुटीं अनाहत
उन्होंने कहा कि विश्व जूनियर चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने का जश्न मनाने का उनके पास अधिक समय नहीं है क्योंकि 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेलों की तैयारी करनी है। अनाहत ने कहा, टूर्नामेंट खत्म हुए लगभग दो सप्ताह हो गए हैं इसलिए अब इसका अहसास थोड़ा होने लगा है। लेकिन अब मुझे एशियाई खेलों पर ध्यान देना है और उससे पहले कुछ टूर्नामेंट भी हैं। इसलिए मैं पिछली प्रतियोगिता को पीछे छोड़ने की कोशिश कर रही हूं। बेशक उससे मिली सीख को अपने साथ लेकर चलूंगी लेकिन अब आने वाली प्रतियोगिताओं पर ध्यान देना है और उनमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर ध्यान देना है।
इस युवा खिलाड़ी ने कहा कि विश्व जूनियर खिताब जीतने के बाद उनकी जिंदगी में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा, ईमानदारी से कहूं तो ज्यादा नहीं। असल में बहुत कुछ नहीं बदला है। मुझे अब भी वही प्रतियोगिताएं खेलनी हैं। यह बस एक छोटी सी उपलब्धि है। मुझे अभी बहुत कुछ हासिल करना है और बहुत खेलना है। मैं केवल 18 साल की हूं और मेरे सामने अभी स्क्वाश में खेलने के लिए काफी लंबा समय है। यह उपलब्धि मेरे साथ रहेगी और अगले कुछ महीनों में मुझे थोड़ा अधिक आत्मविश्वास देगी कि मैं यह खिताब जीत चुकी हूं।
उन्होंने कहा कि विश्व जूनियर चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीतने का जश्न मनाने का उनके पास अधिक समय नहीं है क्योंकि 19 सितंबर से शुरू होने वाले एशियाई खेलों की तैयारी करनी है। अनाहत ने कहा, टूर्नामेंट खत्म हुए लगभग दो सप्ताह हो गए हैं इसलिए अब इसका अहसास थोड़ा होने लगा है। लेकिन अब मुझे एशियाई खेलों पर ध्यान देना है और उससे पहले कुछ टूर्नामेंट भी हैं। इसलिए मैं पिछली प्रतियोगिता को पीछे छोड़ने की कोशिश कर रही हूं। बेशक उससे मिली सीख को अपने साथ लेकर चलूंगी लेकिन अब आने वाली प्रतियोगिताओं पर ध्यान देना है और उनमें अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने पर ध्यान देना है।
इस युवा खिलाड़ी ने कहा कि विश्व जूनियर खिताब जीतने के बाद उनकी जिंदगी में बहुत ज्यादा बदलाव नहीं आया है। उन्होंने कहा, ईमानदारी से कहूं तो ज्यादा नहीं। असल में बहुत कुछ नहीं बदला है। मुझे अब भी वही प्रतियोगिताएं खेलनी हैं। यह बस एक छोटी सी उपलब्धि है। मुझे अभी बहुत कुछ हासिल करना है और बहुत खेलना है। मैं केवल 18 साल की हूं और मेरे सामने अभी स्क्वाश में खेलने के लिए काफी लंबा समय है। यह उपलब्धि मेरे साथ रहेगी और अगले कुछ महीनों में मुझे थोड़ा अधिक आत्मविश्वास देगी कि मैं यह खिताब जीत चुकी हूं।