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एशियन गेम्स 2026: मिश्रित 4x400 मीटर रिले में भारत का जलवा, रजत पदक पर जमाया कब्जा
Thu, 24 Sep 2026 06:58 PM IST
मयंक त्रिपाठी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, आइची नागोया
Published by: मयंक त्रिपाठी
Updated Thu, 24 Sep 2026 06:58 PM IST
सार
भारत ने मिश्रित 4x400 मीटर रिले में रजत पदक जीतकर एथलेटिक्स में एक और पदक अपने नाम किया।जकार्ता में स्वर्ण और हांगझोउ में रजत के बाद भारत ने इस स्पर्धा में लगातार तीसरे एशियाड में पदक जीता।
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एशियन गेम्स
- फोटो : IANS
विस्तार
भारत ने 2026 एशियन गेम्स में मिश्रित 4x400 मीटर रिले में रजत पदक अपने नाम किया। भारतीय चौकड़ी ने 3:14.46 का समय निकालकर दूसरा स्थान हासिल किया। बहरीन ने 3:12.87 के गेम्स रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि वियतनाम 3:14.54 के समय के साथ महज 0.08 सेकंड से पीछे रहकर कांस्य पदक पर रहा। जापान 3:15.52 के समय के साथ चौथे स्थान पर रहा।
बेहद रोमांचक रहा मुकाबला
नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में हुए फाइनल में भारत की माचेत्तिरा पूवम्मा, विशाल थेन्नारासु, रामराज विथ्या और थेक्किनालिल मनु की चौकड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया। भारत और वियतनाम के बीच रजत पदक के लिए मुकाबला बेहद करीबी रहा। अंत में भारतीय टीम ने 0.08 सेकंड के मामूली अंतर से दूसरा स्थान बरकरार रखा। भारत ने रेस की शुरुआत से ही मजबूत प्रदर्शन किया और आखिरी तक अपनी स्थिति बनाए रखते हुए रजत पदक पक्का किया।
मिश्रित रिले में भारत की पदक हैट्रिक
इस पदक के साथ भारत ने एशियन गेम्स की मिश्रित 4x400 मीटर रिले में लगातार तीसरी बार पदक जीता है। भारत ने 2018 के जकार्ता एशियन गेम्स में इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था, जबकि 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में टीम ने रजत पदक हासिल किया था। अब 2026 में भी भारत ने रजत जीतकर इस स्पर्धा में अपना पदक सिलसिला जारी रखा है।
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विशाल थेन्नारासु के लिए खास उपलब्धि
भारतीय धावक विशाल थेन्नारासु के लिए यह पदक उनके करियर के शानदार दौर को आगे बढ़ाता है। 2026 राष्ट्रीय फेडरेशन सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रांची में उन्होंने पुरुषों की 400 मीटर दौड़ में 44.98 सेकंड का समय निकालकर 45 सेकंड का बैरियर तोड़ा था। इसके साथ ही उन्होंने नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया था।
विशाल ने इससे पहले 2025 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मिश्रित 4x400 मीटर रिले में स्वर्ण और पुरुषों की 4x400 मीटर रिले में रजत पदक जीता था। दक्षिण कोरिया के गुमी में हुई उस प्रतियोगिता में वह व्यक्तिगत 400 मीटर स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहे थे।
विथ्या का भी शानदार अंतरराष्ट्रीय अनुभव
रामराज विथ्या भारतीय रिले कार्यक्रम की अहम सदस्य रही हैं। वह ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और पेरिस 2024 ओलंपिक में 4x400 मीटर रिले टीम का हिस्सा थीं। विथ्या ने 2022 एशियन गेम्स में मिश्रित 4x400 मीटर रिले में रजत पदक जीता था। इसके अलावा 2023 एशियन गेम्स में उन्होंने 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक हासिल किया था।
पूवम्मा के अनुभव का मिला फायदा
माचेत्तिरा पूवम्मा भारतीय रिले टीम की सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं। अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित पूवम्मा एक दशक से अधिक समय से भारतीय रिले टीमों का हिस्सा रही हैं। उन्होंने 2014 इंचियोन और 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में महिलाओं की 4x400 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीता था। जकार्ता में वह भारत की स्वर्ण पदक जीतने वाली मिश्रित 4x400 मीटर रिले टीम का भी हिस्सा थीं।
मनु साजी की भी अहम भूमिका
भारत की चौकड़ी में शामिल मनु साजी उभरती हुई 400 मीटर धावक हैं। उन्होंने 2022 एशियाई अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मिश्रित 4x400 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई थी। मिश्रित 4x400 मीटर रिले में भारत का लगातार तीसरे एशियन गेम्स में पदक जीतना देश के रिले कार्यक्रम की निरंतरता को दर्शाता है।
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बेहद रोमांचक रहा मुकाबला
नागोया सिटी मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में हुए फाइनल में भारत की माचेत्तिरा पूवम्मा, विशाल थेन्नारासु, रामराज विथ्या और थेक्किनालिल मनु की चौकड़ी ने शानदार प्रदर्शन किया। भारत और वियतनाम के बीच रजत पदक के लिए मुकाबला बेहद करीबी रहा। अंत में भारतीय टीम ने 0.08 सेकंड के मामूली अंतर से दूसरा स्थान बरकरार रखा। भारत ने रेस की शुरुआत से ही मजबूत प्रदर्शन किया और आखिरी तक अपनी स्थिति बनाए रखते हुए रजत पदक पक्का किया।
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मिश्रित रिले में भारत की पदक हैट्रिक
इस पदक के साथ भारत ने एशियन गेम्स की मिश्रित 4x400 मीटर रिले में लगातार तीसरी बार पदक जीता है। भारत ने 2018 के जकार्ता एशियन गेम्स में इस स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता था, जबकि 2023 के हांगझोउ एशियन गेम्स में टीम ने रजत पदक हासिल किया था। अब 2026 में भी भारत ने रजत जीतकर इस स्पर्धा में अपना पदक सिलसिला जारी रखा है।
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विशाल थेन्नारासु के लिए खास उपलब्धि
भारतीय धावक विशाल थेन्नारासु के लिए यह पदक उनके करियर के शानदार दौर को आगे बढ़ाता है। 2026 राष्ट्रीय फेडरेशन सीनियर एथलेटिक्स चैंपियनशिप में रांची में उन्होंने पुरुषों की 400 मीटर दौड़ में 44.98 सेकंड का समय निकालकर 45 सेकंड का बैरियर तोड़ा था। इसके साथ ही उन्होंने नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी बनाया था।
विशाल ने इससे पहले 2025 एशियाई एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मिश्रित 4x400 मीटर रिले में स्वर्ण और पुरुषों की 4x400 मीटर रिले में रजत पदक जीता था। दक्षिण कोरिया के गुमी में हुई उस प्रतियोगिता में वह व्यक्तिगत 400 मीटर स्पर्धा में चौथे स्थान पर रहे थे।
विथ्या का भी शानदार अंतरराष्ट्रीय अनुभव
रामराज विथ्या भारतीय रिले कार्यक्रम की अहम सदस्य रही हैं। वह ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं और पेरिस 2024 ओलंपिक में 4x400 मीटर रिले टीम का हिस्सा थीं। विथ्या ने 2022 एशियन गेम्स में मिश्रित 4x400 मीटर रिले में रजत पदक जीता था। इसके अलावा 2023 एशियन गेम्स में उन्होंने 400 मीटर बाधा दौड़ में कांस्य पदक हासिल किया था।
पूवम्मा के अनुभव का मिला फायदा
माचेत्तिरा पूवम्मा भारतीय रिले टीम की सबसे अनुभवी खिलाड़ियों में शामिल हैं। अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित पूवम्मा एक दशक से अधिक समय से भारतीय रिले टीमों का हिस्सा रही हैं। उन्होंने 2014 इंचियोन और 2018 जकार्ता एशियन गेम्स में महिलाओं की 4x400 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीता था। जकार्ता में वह भारत की स्वर्ण पदक जीतने वाली मिश्रित 4x400 मीटर रिले टीम का भी हिस्सा थीं।
मनु साजी की भी अहम भूमिका
भारत की चौकड़ी में शामिल मनु साजी उभरती हुई 400 मीटर धावक हैं। उन्होंने 2022 एशियाई अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप में मिश्रित 4x400 मीटर रिले में स्वर्ण पदक जीतकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई थी। मिश्रित 4x400 मीटर रिले में भारत का लगातार तीसरे एशियन गेम्स में पदक जीतना देश के रिले कार्यक्रम की निरंतरता को दर्शाता है।