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शतरंज टूर फाइनल्स: भारतीय ग्रैंडमास्टर प्रज्ञानंद ने जीता ग्रैंड शतरंज टूर फाइनल्स का खिताब, कारुआना को हराया
Fri, 28 Aug 2026 08:25 AM IST
शोभित चतुर्वेदी
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, सेंट लुइस
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, सेंट लुइस
Published by: शोभित चतुर्वेदी
Updated Fri, 28 Aug 2026 08:25 AM IST
सार
भारतीय ग्रैंडमास्टर आर प्रज्ञानंद ने ऐतिसाहिक प्रदर्शन करते हुए पहली बार ग्रैंड चेस टूर फाइनल्स का खिताब अपने नाम किया। प्रज्ञानंद इस टूर्नामेंट को जीतने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।
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आर प्रज्ञानंद
- फोटो : ANI
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विस्तार
भारतीय ग्रैंडमास्टर रमेशबाबू प्रज्ञानंद ने सेंट लुइस में शानदार वापसी करते हुए फैबियानो कारुआना को हराकर फाइनल मुकाबला अपने नाम किया। इसके साथ ही उन्होंने पहली बार ग्रैंड चेस टूर फाइनल्स का खिताब जीता। इसके साथ ही उन्होंने 200,000 डॉलर का पुरस्कार भी अपने नाम किया। चेस डॉट कॉम के अनुसार, इस जीत के साथ प्रज्ञानंद ने इतिहास रच दिया और वह ग्रैंड चेस टूर जीतने वाले पहले भारतीय बन गए।
कारुआना से पीछे रहकर की थी शुरुआत
भारतीय ग्रैंडमास्टर ने दिन की शुरुआत कारुआना से छह अंक पीछे रहकर की थी, लेकिन उन्होंने तेजी से पासा पलटते हुए दोनों रैपिड गेम जीतकर बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद उन्होंने ब्लिट्ज मुकाबलों में स्कोर को बराबरी पर रखते हुए 15-13 के कुल स्कोर से खिताब अपने नाम कर लिया। पहले ब्लिट्ज गेम में प्रज्ञानंद के पास जीत के मौके थे, लेकिन समय की कमी (टाइम स्क्रैंबल) के कारण उनसे चूक हो गई। उनकी स्थिति तेजी से बिगड़ गई थी, हालांकि कारुआना उसका फायदा उठाने में नाकाम रहे और आखिरकार मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ।
वहीं, तीसरे स्थान के मुकाबले में जीएम वेस्ले सो ने भी विंसेंट कीमर के खिलाफ शानदार वापसी की। दोनों खिलाड़ियों ने रैपिड मुकाबलों में एक-एक जीत हासिल की, लेकिन वेस्ले सो ने ब्लिट्ज में अपना दबदबा बनाते हुए चारों गेम जीत लिए और एक गेम बाकी रहते ही 18-12 के अंतर से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इससे पहले, बुधवार को खेले गए दूसरे क्लासिकल गेम में प्रज्ञानंद ने ड्रॉ खेला था, लेकिन उनके प्रतिद्वंद्वी कारुआना के पास छह अंकों की बढ़त थी। युवा भारतीय ग्रैंडमास्टर कारुआना के खिलाफ अपना पहला क्लासिकल गेम हार गए थे, लेकिन दूसरे क्लासिकल गेम को बराबरी पर रोकने में सफल रहे थे।
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कारुआना से पीछे रहकर की थी शुरुआत
भारतीय ग्रैंडमास्टर ने दिन की शुरुआत कारुआना से छह अंक पीछे रहकर की थी, लेकिन उन्होंने तेजी से पासा पलटते हुए दोनों रैपिड गेम जीतकर बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद उन्होंने ब्लिट्ज मुकाबलों में स्कोर को बराबरी पर रखते हुए 15-13 के कुल स्कोर से खिताब अपने नाम कर लिया। पहले ब्लिट्ज गेम में प्रज्ञानंद के पास जीत के मौके थे, लेकिन समय की कमी (टाइम स्क्रैंबल) के कारण उनसे चूक हो गई। उनकी स्थिति तेजी से बिगड़ गई थी, हालांकि कारुआना उसका फायदा उठाने में नाकाम रहे और आखिरकार मुकाबला ड्रॉ पर समाप्त हुआ।
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वहीं, तीसरे स्थान के मुकाबले में जीएम वेस्ले सो ने भी विंसेंट कीमर के खिलाफ शानदार वापसी की। दोनों खिलाड़ियों ने रैपिड मुकाबलों में एक-एक जीत हासिल की, लेकिन वेस्ले सो ने ब्लिट्ज में अपना दबदबा बनाते हुए चारों गेम जीत लिए और एक गेम बाकी रहते ही 18-12 के अंतर से मुकाबला अपने नाम कर लिया। इससे पहले, बुधवार को खेले गए दूसरे क्लासिकल गेम में प्रज्ञानंद ने ड्रॉ खेला था, लेकिन उनके प्रतिद्वंद्वी कारुआना के पास छह अंकों की बढ़त थी। युवा भारतीय ग्रैंडमास्टर कारुआना के खिलाफ अपना पहला क्लासिकल गेम हार गए थे, लेकिन दूसरे क्लासिकल गेम को बराबरी पर रोकने में सफल रहे थे।
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