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Ankush Bhardwaj-NRAI: 'शारीरिक शोषण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा', कोच अंकुश भारद्वाज को एनआरएआई की चेतावनी?
स्पोर्ट्स डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Mayank Tripathi
Updated Tue, 13 Jan 2026 05:37 PM IST
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सार
भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के प्रमुख कलिकेश सिंह देव ने कहा है कि शारीरिक शोषण के खिलाफ संघ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता है और कोच अंकुश भारद्वाज के मामले में संबंधित जांच एजेंसियों का जांच में पूरा साथ देगा।
अंकुश भारद्वाज
- फोटो : Twitter
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विस्तार
भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (एनआरएआई) के प्रमुख कलिकेश सिंह देव ने कहा है कि शारीरिक शोषण के खिलाफ संघ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता है और कोच अंकुश भारद्वाज के मामले में संबंधित जांच एजेंसियों का जांच में पूरा साथ देगा। राष्ट्रीय पिस्टल कोच अंकुश भारद्वाज के खिलाफ पॉक्सो एक्ट की धारा 6 (गंभीर यौन उत्पीड़न) और भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(2) (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। यह एफआईआर फरीदाबाद में एक 17 वर्षीय महिला निशानेबाज की शिकायत पर दर्ज की गई।
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गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही पुलिस
पुलिस के अनुसार, अपराध शाखा और महिला पुलिस थाना की दो टीमें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही हैं। कालिकेश सिंह देव ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, 'यह बेहद संवेदनशील मामला है। एनआरएआई में हम खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित कार्यस्थल और सुरक्षित प्रदर्शन वातावरण सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।'
पुलिस के अनुसार, अपराध शाखा और महिला पुलिस थाना की दो टीमें आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही हैं। कालिकेश सिंह देव ने समाचार एजेंसी पीटीआई से कहा, 'यह बेहद संवेदनशील मामला है। एनआरएआई में हम खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित कार्यस्थल और सुरक्षित प्रदर्शन वातावरण सुनिश्चित करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं।'
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कोच पर लगा गंभीर आरोप
एफआईआर के अनुसार, पीड़िता अगस्त 2024 से अंकुश भारद्वाज के अधीन प्रशिक्षण ले रही थी। उसने आरोप लगाया है कि पिछले महीने राष्ट्रीय चैंपियनशिप के दौरान, अपने इवेंट के बाद, कोच ने होटल के कमरे में उसके साथ कथित यौन उत्पीड़न किया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि कोच ने उसकी शूटिंग करियर को बर्बाद करने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी थी। इस महीने की शुरुआत में उसने अपनी मां को पूरी घटना बताई, जिसके बाद एफआईआर दर्ज कराई गई।
देव ने कहा कि मामला सामने आते ही महासंघ ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कोच को निलंबित कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया, 'चूंकि यह मामला सीधे पुलिस को रिपोर्ट किया गया है, इसलिए जांच पुलिस द्वारा की जाएगी। एनआरएआई जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देगा।' एनआरएआई अध्यक्ष ने बताया कि महासंघ में पॉश एक्ट (कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम) के तहत सभी आवश्यक संस्थागत व्यवस्थाएं मौजूद हैं। उन्होंने आगे कहा, 'हमारे पास एक आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) है, जिसमें एक बाहरी महिला सदस्य भी शामिल है। यदि मामला हमें रिपोर्ट किया गया होता, तो हम तुरंत आईसीसी के तहत जांच शुरू करते। हालांकि, एक बार आपराधिक मामला दर्ज हो जाने के बाद आंतरिक समिति समानांतर जांच नहीं कर सकती।'
एफआईआर के अनुसार, पीड़िता अगस्त 2024 से अंकुश भारद्वाज के अधीन प्रशिक्षण ले रही थी। उसने आरोप लगाया है कि पिछले महीने राष्ट्रीय चैंपियनशिप के दौरान, अपने इवेंट के बाद, कोच ने होटल के कमरे में उसके साथ कथित यौन उत्पीड़न किया। पीड़िता का यह भी आरोप है कि कोच ने उसकी शूटिंग करियर को बर्बाद करने और परिवार को नुकसान पहुंचाने की धमकी दी थी। इस महीने की शुरुआत में उसने अपनी मां को पूरी घटना बताई, जिसके बाद एफआईआर दर्ज कराई गई।
देव ने कहा कि मामला सामने आते ही महासंघ ने तुरंत कार्रवाई करते हुए कोच को निलंबित कर दिया। उन्होंने स्पष्ट किया, 'चूंकि यह मामला सीधे पुलिस को रिपोर्ट किया गया है, इसलिए जांच पुलिस द्वारा की जाएगी। एनआरएआई जांच एजेंसियों को पूरा सहयोग देगा।' एनआरएआई अध्यक्ष ने बताया कि महासंघ में पॉश एक्ट (कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न रोकथाम अधिनियम) के तहत सभी आवश्यक संस्थागत व्यवस्थाएं मौजूद हैं। उन्होंने आगे कहा, 'हमारे पास एक आंतरिक शिकायत समिति (आईसीसी) है, जिसमें एक बाहरी महिला सदस्य भी शामिल है। यदि मामला हमें रिपोर्ट किया गया होता, तो हम तुरंत आईसीसी के तहत जांच शुरू करते। हालांकि, एक बार आपराधिक मामला दर्ज हो जाने के बाद आंतरिक समिति समानांतर जांच नहीं कर सकती।'
कौन हैं अंकुश भारद्वाज?
अंकुश भारद्वाज अंबाला (हरियाणा) से हैं। उन्होंने 2005 में एनसीसीस कैंप से शूटिंग शुरू की। बाद में जसपाल राणा इंस्टीट्यूट ऑफ शूटिंग एंड स्पोर्ट्स, देहरादून में ट्रेनिंग ली और सुभाष राणा से कोचिंग प्राप्त की। 2007 में आगरा में जीवी मावलांकर शूटिंग कॉम्पिटीशन में तीन स्वर्ण पदक जीते। 2008 में पुणे में कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स (Pune) में 50 मीटर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। अंकुश ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी कई मेडल जीते।
अंकुश भारद्वाज अंबाला (हरियाणा) से हैं। उन्होंने 2005 में एनसीसीस कैंप से शूटिंग शुरू की। बाद में जसपाल राणा इंस्टीट्यूट ऑफ शूटिंग एंड स्पोर्ट्स, देहरादून में ट्रेनिंग ली और सुभाष राणा से कोचिंग प्राप्त की। 2007 में आगरा में जीवी मावलांकर शूटिंग कॉम्पिटीशन में तीन स्वर्ण पदक जीते। 2008 में पुणे में कॉमनवेल्थ यूथ गेम्स (Pune) में 50 मीटर पिस्टल स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। अंकुश ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी कई मेडल जीते।
डोपिंग बैन का इतिहास भी रहा
अंकुश का करियर विवादों से मुक्त नहीं रहा। 2010 में साई ने उन्हें डोपिंग नियम उल्लंघन पर बैन किया, क्योंकि जर्मनी में एक जूनियर इवेंट के दौरान वह बीटा ब्लॉकर पॉजिटिव पाए गए। यह दवा दिल की धड़कन नियंत्रित कर लक्ष्य स्थिर करने में मदद करती है। बाद में उन्होंने 2012 में वापसी की और 2016 हैनोवर शूटिंग कॉम्पिटीशन में भारत को टीम गोल्ड दिलाने में मदद की।
अंकुश का करियर विवादों से मुक्त नहीं रहा। 2010 में साई ने उन्हें डोपिंग नियम उल्लंघन पर बैन किया, क्योंकि जर्मनी में एक जूनियर इवेंट के दौरान वह बीटा ब्लॉकर पॉजिटिव पाए गए। यह दवा दिल की धड़कन नियंत्रित कर लक्ष्य स्थिर करने में मदद करती है। बाद में उन्होंने 2012 में वापसी की और 2016 हैनोवर शूटिंग कॉम्पिटीशन में भारत को टीम गोल्ड दिलाने में मदद की।
मौजूदा भूमिका और निजी जीवन
अंकुश मौजूदा समय में राष्ट्रीय पिस्टल कोच थे। मोहाली में वह साल्वो शूटिंग रेंज चलाते हैं। अंकुश चुनिंदा खिलाड़ियों को प्राइवेट कोचिंग देते हैं। उनकी शादी दो बार ओलंपियन रही शूटर अंजुम मौदगिल से हुई है।
अंकुश मौजूदा समय में राष्ट्रीय पिस्टल कोच थे। मोहाली में वह साल्वो शूटिंग रेंज चलाते हैं। अंकुश चुनिंदा खिलाड़ियों को प्राइवेट कोचिंग देते हैं। उनकी शादी दो बार ओलंपियन रही शूटर अंजुम मौदगिल से हुई है।
आगे क्या? जांच जारी
भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ ने साफ किया है कि जांच पूरी होने तक अंकुश किसी भी कोचिंग गतिविधि में शामिल नहीं होंगे। मामला पॉक्सो एक्ट के तहत भी जा सकता है क्योंकि पीड़िता नाबालिग है। यह मामला भारतीय खेल तंत्र में सुरक्षा, विश्वास और निगरानी की कमी जैसे सवाल खड़ा करता है। नाबालिग एथलीटों के साथ ऐसे आरोप देश के खेल ढांचे के लिए गंभीर चेतावनी हैं।
भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ ने साफ किया है कि जांच पूरी होने तक अंकुश किसी भी कोचिंग गतिविधि में शामिल नहीं होंगे। मामला पॉक्सो एक्ट के तहत भी जा सकता है क्योंकि पीड़िता नाबालिग है। यह मामला भारतीय खेल तंत्र में सुरक्षा, विश्वास और निगरानी की कमी जैसे सवाल खड़ा करता है। नाबालिग एथलीटों के साथ ऐसे आरोप देश के खेल ढांचे के लिए गंभीर चेतावनी हैं।