AI Apps: चैटजीपीटी बना दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा डाउनलोड किया जाने वाला एप, ग्लोबल मोबाइल रिपोर्ट में खुलासा
State of Mobile 2026 Report: सेंसर टावर की 'स्टेट ऑफ मोबाइल 2026' रिपोर्ट के अनुसार 2025 में चैटजीपीटी दुनिया का दूसरा सबसे ज्यादा डाउनलोड किया जाने वाला एप बन गया। एआई असिस्टेंट कैटेगरी में 426% की ग्रोथ दर्ज हुई और चैटजीपीटी की इन-एप कमाई 254% बढ़ी।
विस्तार
पिछला वर्ष (2025) भारत और दुनियाभर की मोबाइल एप इंडस्ट्री के लिए एक एतिहासिक मोड़ साबित हुआ। अकेले चैटजीपीटी इस्तेमाल करने के मामले में अमेरिका के बाद दूसरा सबसे बड़ा देश भारत बन गया। इस एप के अकेले भारत में 10 करोड़ से अधिक वीकली एक्टिव यूजर्स हैं। वहीं मार्केट इंटेलिजेंस फर्म 'सेंसर टावर' ने एक गई 'स्टेट ऑफ मोबाइल 2026' रिपोर्ट जारी की है। इसके मुताबिक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित एप्स ने डाउनलोड, इन-एप कमाई और यूजर्स के बिताए गए समय के मामले में रिकॉर्ड तोड़ बढ़ोतरी दर्ज की है।
वर्ष 2025 में दुनियाभर में जेनरेटिव एआई एप्स के डाउनलोड्स 3.8 बिलियन के पार पहुंच गए। इनकी कमाई लगभग तीन गुना बढ़कर $5 बिलियन से अधिक हो गई। सबसे खास बात ये है कि जेनरेटिव एआई एप्स के डाउनलोड्स के मामले में भारत अब 207% की शानदार सालाना ग्रोथ के साथ दुनिया का सबसे बड़ा बाजार बन गया है। यानी दुनियाभर का हर पांचवां एआई एप (करीब 20%) भारत में डाउनलोड हो रहा है। इससे यह साफ साबित होता है कि अब मोबाइल बाजार सिर्फ सोशल मीडिया और गेमिंग तक सीमित नहीं रहा। एआई टूल्स और एआई असिस्टेंट तेजी से हमारी डिजिटल जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं।
चैटजीपीटी बना सबसे बड़ा विजेता
एआई लहर में सबसे ज्यादा फायदा चैटजीपीटी को मिला। 2025 में इसके आंकड़े बेहद प्रभावशाली रहे:
- डाउनलोड के मामले में एप ने 148% की वृद्धि दर्ज की
- इन-एप परचेज रेवेन्यू के मामले में 254% उछाल आया
- कुल समय खर्च (टाइम स्पेंट) में 426% की बढ़ोतरी दर्ज की गई
इन आंकड़ों के दम पर चैटजीपीटी दुनिया के टॉप 20 सबसे ज्यादा डाउनलोड किए गए एप्स में दूसरे स्थान पर पहुंच गया। साथ ही ये वर्ष 2025 का सबसे ज्यादा डाउनलोड किया गया एआई एप भी है।
दूसरे एआई एप्स भी पीछे नहीं
एआई की इस तेज रफ्तार ग्रोथ का फायदा सिर्फ चैटजीपीटी को ही नहीं मिला। कई अन्य एप्स ने भी शानदार प्रदर्शन किया, जैसे:
- गूगल जेमिनी
- डीपसीक
- डौबाओ
- परप्लेक्सिटी
- ग्रोक
- मेटा एआई
- माइक्रोसॉफ्ट कोपायलट
दिलचस्प बात ये है कि एडोब एक्रोबेट रीडर जैसे पारंपरिक एप्स भी एआई डाउनलोड रैंकिंग में दिखाई दिए। इसका मतलब है कि अब ज्यादातर एप्स में जनरेटिव एआई फीचर्स जोड़े जा रहे हैं।
सोशल मीडिया अब भी सबसे बड़ा खिलाड़ी
रिपोर्ट के मुताबिक, वर्ष 2025 में एआई एप्स की ग्रोथ बहुत तेज रही लेकिन स्केल के मामले में सोशल मीडिया अभी भी सबसे आगे है।
- 2025 में सोशल मीडिया एप्स पर करीब 2.5 ट्रिलियन घंटे खर्च किए गए
- हर यूजर ने औसतन रोज 90 मिनट से ज्यादा समय सोशल एप्स पर बिताए
- सालाना आधार पर 5% की बढ़ोतरी दर्ज की गई
वैश्विक स्तर पर टिक-टॉक डाउनलोड, इन-एप रेवेन्यू और कुल समय खर्च- तीनों में टॉप पर रहा।
गेमिंग से आगे निकले नॉन-गेमिंग एप्स
वर्ष 2025 में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिला। पहली बार यूजर्स ने गेमिंग एप्स से ज्यादा खर्च नॉन-गेमिंग एप्स पर किया।
- मोबाइल गेम रेवेन्यू में सिर्फ 1% की बढ़ोतरी
- गेम डाउनलोड में 7% की गिरावट
यह संकेत देता है कि गेमिंग मार्केट अब स्थिर हो रहा है जबकि एआई और अन्य उपयोगी एप्स नई कमाई के मौके बना रहे हैं।
मोबाइल बाजार में बड़ा स्ट्रक्चरल बदलाव
सेंसर टावर 2014 से मोबाइल डेटा ट्रैक कर रहा है। लंबे समय के विश्लेषण से साफ है कि 2025 मोबाइल इंडस्ट्री के लिए एक टर्निंग पॉइंट साबित हो सकता है।
- कुल डाउनलोड लगभग स्थिर रहे
- लेकिन रेवेन्यू में बढ़ोतरी जारी रही
- यूजर्स AI फीचर्स और सब्सक्रिप्शन के लिए पैसे देने को तैयार दिखे
चैटजीपीटी के इन-एप रेवेन्यू में 254% की बढ़ोतरी इस बदलाव का बड़ा संकेत है।
एआई असिस्टेंट्स में 426% की जबरदस्त बढ़त
सेंसर टावर की स्टेट ऑफ मोबाइल रिपोर्ट के अनुसार 2025 में:
- एआई असिस्टेंट कैटेगरी समय बिताने के मामले में 10वीं सबसे बड़ी ऐप श्रेणी बन गई
- इस कैटेगरी में साल-दर-साल 426% की वृद्धि हुई
- डाउनलोड और कमाई दोनों में यह टॉप 3 सबसे तेजी से बढ़ने वाली कैटेगरी में शामिल रही