{"_id":"698dc092b42449d10f046c7f","slug":"russia-promotes-max-messenger-after-blocking-whatsapp-over-non-compliance-2026-02-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"रूस में WhatsApp पूरी तरह बैन: कानून न मानने पर हुई कार्रवाई; सरकार ने MAX एप को बताया विकल्प","category":{"title":"Mobile Apps","title_hn":"मोबाइल एप्स","slug":"mobile-apps"}}
रूस में WhatsApp पूरी तरह बैन: कानून न मानने पर हुई कार्रवाई; सरकार ने MAX एप को बताया विकल्प
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Thu, 12 Feb 2026 05:30 PM IST
विज्ञापन
सार
Russia Blocks WhatsApp: रूस ने स्थानीय कानूनों का उल्लंघन करने के आरोप में व्हाट्सएप पर देशभर में बैन कर दिया है। क्रेमलिन ने नागरिकों से अब सरकारी MAX मैसेंजर इस्तेमाल करने की अपील की है।
WhatsApp
- फोटो : Adobe stock
विज्ञापन
विस्तार
रूस में अब व्हाट्सएप का दौर खत्म होता दिख रहा है। पुतिन सरकार ने मेटा प्लेटफॉर्म्स के इस ऐप को रूसी कानूनों की अनदेखी करने के जुर्म में ब्लॉक कर दिया है। क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए कहा कि मेटा बार-बार चेतावनी के बावजूद नियमों को मानने को तैयार नहीं था, इसलिए यह कड़ा कदम उठाना पड़ा।
मैक्स एप का उपयोग करने पर जोर
सरकार अब जनता को MAX मैसेंजर इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। यह एप रूसी सरकार द्वारा समर्थित है और नागरिकों की रोजमर्रा की जरूरतों को आसान बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। हालांकि, आलोचकों का मानना है कि मैक्स (MAX) असल में सरकार का एक निगरानी टूल है, जिससे लोगों की बातों पर नजर रखी जा सकेगी। हालांकि, रूसी अधिकारियों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
क्या है व्हाट्सएप ब्लॉक होने की वजह?
व्हाट्सएप पर यह कार्रवाई पिछले छह महीनों से बढ़ते दबाव के बाद की गई है। खासकर युद्धकालीन परिस्थितियों में रूस स्वदेशी संचार ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। युद्ध के माहौल के बीच रूस चाहता है कि सभी विदेशी कंपनियां उसके कानूनों को मानें। जानकारी के मुताबिक, व्हाट्सएप पर सरकारी नियमों को न मानने के चलते कार्रवाई की गई है:
व्हाट्सएप ने एक बयान में कहा कि रूसी सरकार कंपनी को पूरी तरह बंद करने की कोशिश कर रही है ताकि लोग एक सरकारी निगरानी एप का इस्तेमाल करें।
10 करोड़ यूजर्स पर असर
व्हाट्सएप ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कंपनी ने कहा कि सरकार 10 करोड़ से ज्यादा लोगों को सुरक्षित और निजी बातचीत से दूर कर रही है, जो सुरक्षा के लिहाज से एक पीछे की ओर ले जाने वाला कदम है। अब रूस में लोग केवल VPN के जरिए ही व्हाट्सएप चला पा रहे हैं, क्योंकि नेशनल रजिस्टर से इसके डोमेन हटा दिए गए हैं।
पहले भी लगाए गए थे प्रतिबंध
अगस्त 2025 में रूसी अधिकारियों ने व्हाट्सएप समेत अन्य मैसेंजर सेवाओं पर पाबंदियां लगाई थीं, जिससे यूजर्स इन प्लेटफॉर्म्स पर फोन कॉल पूरी नहीं कर पा रहे थे। अधिकारियों का आरोप था कि विदेशी प्लेटफॉर्म धोखाधड़ी और आतंकवाद के मामलों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ जानकारी साझा नहीं करते हैं। रूसी अदालतें व्हाट्सएप पर प्रतिबंधित सामग्री नहीं हटाने के लिए कई बार जुर्माना भी लगा चुकी हैं। दिसंबर में रूसी संघीय कार्यकारी एजेंसी रोसकोम्नाडजोर ने कहा था कि व्हाट्सएप पर चरणबद्ध तरीके से और कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे।
Trending Videos
मैक्स एप का उपयोग करने पर जोर
सरकार अब जनता को MAX मैसेंजर इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। यह एप रूसी सरकार द्वारा समर्थित है और नागरिकों की रोजमर्रा की जरूरतों को आसान बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। हालांकि, आलोचकों का मानना है कि मैक्स (MAX) असल में सरकार का एक निगरानी टूल है, जिससे लोगों की बातों पर नजर रखी जा सकेगी। हालांकि, रूसी अधिकारियों ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
क्या है व्हाट्सएप ब्लॉक होने की वजह?
व्हाट्सएप पर यह कार्रवाई पिछले छह महीनों से बढ़ते दबाव के बाद की गई है। खासकर युद्धकालीन परिस्थितियों में रूस स्वदेशी संचार ढांचे को मजबूत करने पर जोर दे रहा है। युद्ध के माहौल के बीच रूस चाहता है कि सभी विदेशी कंपनियां उसके कानूनों को मानें। जानकारी के मुताबिक, व्हाट्सएप पर सरकारी नियमों को न मानने के चलते कार्रवाई की गई है:
- व्हाट्सएप पर आरोप है कि उसने रूस में अपना स्थानीय कार्यालय नहीं खोला।
- इसके साथ ही आतंकवाद और धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में सुरक्षा एजेंसियों के साथ जानकारी साझा नहीं की।
- आरोप यह भी है कि व्हाट्सएप ने प्रतिबंधित कंटेंट को हटाने के अदालती आदेशों को भी नजरअंदाज किया।
व्हाट्सएप ने एक बयान में कहा कि रूसी सरकार कंपनी को पूरी तरह बंद करने की कोशिश कर रही है ताकि लोग एक सरकारी निगरानी एप का इस्तेमाल करें।
10 करोड़ यूजर्स पर असर
व्हाट्सएप ने इस फैसले पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। कंपनी ने कहा कि सरकार 10 करोड़ से ज्यादा लोगों को सुरक्षित और निजी बातचीत से दूर कर रही है, जो सुरक्षा के लिहाज से एक पीछे की ओर ले जाने वाला कदम है। अब रूस में लोग केवल VPN के जरिए ही व्हाट्सएप चला पा रहे हैं, क्योंकि नेशनल रजिस्टर से इसके डोमेन हटा दिए गए हैं।
पहले भी लगाए गए थे प्रतिबंध
अगस्त 2025 में रूसी अधिकारियों ने व्हाट्सएप समेत अन्य मैसेंजर सेवाओं पर पाबंदियां लगाई थीं, जिससे यूजर्स इन प्लेटफॉर्म्स पर फोन कॉल पूरी नहीं कर पा रहे थे। अधिकारियों का आरोप था कि विदेशी प्लेटफॉर्म धोखाधड़ी और आतंकवाद के मामलों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ जानकारी साझा नहीं करते हैं। रूसी अदालतें व्हाट्सएप पर प्रतिबंधित सामग्री नहीं हटाने के लिए कई बार जुर्माना भी लगा चुकी हैं। दिसंबर में रूसी संघीय कार्यकारी एजेंसी रोसकोम्नाडजोर ने कहा था कि व्हाट्सएप पर चरणबद्ध तरीके से और कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे।