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CERT-In की बड़ी चेतावनी: बैंकिंग और फिनटेक सेक्टर पर AI-संचालित साइबर हमलों का खतरा, संस्थानों को दी ये सलाह

Thu, 05 Nov 2026 01:02 PM IST
कुलदीप शर्मा टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: कुलदीप शर्मा Updated Thu, 05 Nov 2026 01:02 PM IST
सार

  • CERT-In ने बैंकों और फिनटेक कंपनियों के लिए AI ड्रिवन 'क्राफ्ट्री फाल्कन' साइबर हमलों को लेकर गंभीर चेतावनी जारी की है।
  • हैकर्स छुट्टियों और कमजोरियों का फायदा उठाकर अनधिकृत फंड ट्रांसफर और एपीआई में सेंध लगा रहे हैं।
  • इस बढ़ते खतरे से निपटने और ग्राहकों की गाढ़ी कमाई बचाने के लिए वित्तीय संस्थानों को कौन से कड़े कदम उठाने होंगे? आइए जानते हैं।

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CERT In Warns Financial Firms Over AI Cyberattacks
प्रतीकात्म इमेज - फोटो : Amar Ujala Digital

विस्तार

देश की साइबर सुरक्षा एजेंसी CERT-In यानी इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम ने देश के सभी बैंकों, नॉन-बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों, फिनटेक फर्म्स और अन्य वित्तीय संस्थानों के लिए एक गंभीर चेतावनी जारी की है। एजेंसी ने कहा है कि वित्तीय संस्थानों में अनधिकृत रूप से पैसे ट्रांसफर करने यानी फ्रॉड के मामलों में तेजी आई है जिसके पीछे एक खतरनाक साइबर कैंपेन का हाथ है।

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CERT-In के मुताबिक 'क्राफ्ट्री फाल्कन' नाम का यह साइबर कैंपेन तेजी से पैर पसार रहा है। इस अभियान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लैस टूल्स का इस्तेमाल करके हमलों को ऑटोमेट किया जा रहा है ताकि फायनेंशियल सिस्टम की कमियों का बहुत तेजी से फायदा उठाया जा सके।

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क्या है 'क्राफ्ट्री फाल्कन' और कैसे हो रहे हैं हमले?

एजेंसी की जांच में यह बात सामने आई है कि हैकर्स और साइबर अपराधी अब एआई-बेस्ड प्लेटफॉर्म्स का धड़ल्ले से इस्तेमाल कर रहे हैं। इन आधुनिक टूल्स की मदद से वे अपनी मर्जी के मुताबिक खतरनाक अटैक स्क्रिप्ट तैयार कर लेते हैं, सिस्टम के रिस्पॉन्स के हिसाब से मैलवेयर को तुरंत बदल लेते हैं और बिना किसी इंसानी मदद के बड़े पैमाने पर हमला कर देते हैं।

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  1. वीकेंड और छुट्टियों का फायदा: CERT-In ने पाया है कि हमलावर अपनी वारदातों को अंजाम देने के लिए अक्सर शनिवार-रविवार यानी वीकेंड, बड़े त्योहारों या छुट्टियों के समय को चुनते हैं। क्योंकि इन दिनों सुरक्षा निगरानी थोड़ी कम होती है और पकड़ में आने का खतरा घट जाता है।
  2. कमजोरियों का गलत इस्तेमाल: हैकर्स इंटरनेट पर खुले टेस्टिंग एनवायरनमेंट, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर, एप की कमियों और चुराए गए पासवर्ड्स के जरिए सीधे मुख्य सिस्टम तक पहुंच बना रहे हैं। इसके अलावा, मॉडिफाइड मोबाइल एप्स और फर्जी API कॉल्स के जरिए ग्राहकों के खातों से पैसे निकाले जा रहे हैं।
  3. छतरियां और चालाक तरीके: सुरक्षा तंत्र को चकमा देने के लिए वे मैलाशीयस ट्रैफिक को भरोसेमंद थर्ड-पार्टी सेवाओं के रास्ते भेजते हैं। बड़े हाथ मारने से पहले सिस्टम की ताकत परखने के लिए छोटे-छोटे ट्रांजैक्शन करके चेक किया जाता है।

पहले भी आ चुके हैं ऐसे मामले

अक्टूबर के महीने में भी CERT-In ने पेमेंट और डिस्बर्समेंट APIs के गलत इस्तेमाल को लेकर एक अलर्ट जारी किया था। इसके बावजूद कई बैंकों और वित्तीय संस्थानों से लगातार सेंधमारी की शिकायतें मिल रही हैं। एजेंसी का कहना है कि जिन संस्थानों ने पिछली चेतावनियों के बाद भी अपनी सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह मजबूत नहीं की थी, उन पर हमलावरों ने दोबारा निशाना साधा है। पिछले अक्टूबर में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI), AU स्मॉल फाइनेंस बैंक और स्पंदना स्फूर्ति जैसे जाने-माने लेंडर्स भी इस तरह के साइबर हमलों का शिकार हो चुके हैं।

वित्तीय संस्थानों के लिए जरूरी सलाह

इस बढ़ते खतरे को देखते हुए CERT-In ने सभी वित्तीय संस्थाओं को अपनी आईटी और सिक्योरिटी सिस्टम की तुरंत गहन समीक्षा करने को कहा है। जिन कमियों की पहचान पहले की गई थी, उन्हें युद्धस्तर पर ठीक करने और एपीआई सुरक्षा को बेहद सख्त बनाने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि आम जनता की गाढ़ी कमाई को साइबर अपराधियों के चंगुल से बचाया जा सके।

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