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एआई चैटबॉट ने मां के अंतिम संस्कार की बताई अशुभ तारीख: शख्स ने कंपनी पर ठाेक दिया केस, क्या है यह अनोखा मामला?

Sun, 20 Sep 2026 05:22 PM IST
जागृति शुक्ला टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: जागृति शुक्ला Updated Sun, 20 Sep 2026 05:22 PM IST
सार

पूर्वी चीन से एक अनोखा मामला सामने आया है। जहां एक व्यक्ति ने एआई चैटबॉट दौबाओ (Doubao) के बताने पर अपनी मां का अंतिम संस्कार किया, लेकिन तारीख गलत निकलने और पारिवारिक दुर्घटना के बाद उसने एआई कंपनी पर मुकदमा दायर कर दिया। आइए जानते हैं पूरा मामला क्या है।
 

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Chinese Man Sues AI Company Over Chatbot’s Auspicious Date Advice
चीन में एआई कंपनी पर अनोखा मुकदमा - फोटो : एआई जनरेटेड

विस्तार

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर इंसानों की निर्भरता किस हद तक बढ़ चुकी है, इसका एक और अनोखा और अजीबोगरीब मामला पूर्वी चीन से सामने आया है। जहां एक व्यक्ति ने अपनी मां के अंतिम संस्कार के लिए एआई चैटबॉट से तारीख पूछी थी। बाद में व्यक्ति ने आरोप लगाया कि वह तारीख अशुभ निकली, जिससे रिश्तेदार के साथ दुर्घटना हो गई। इसके बाद व्यक्ति ने एआई कंपनी के खिलाफ कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।
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जिमु न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना झेजियांग प्रांत के जियाशान काउंटी की है, जहां शि (Shi) नाम के एक व्यक्ति ने चीनी टेक कंपनी के एआई चैटबॉट दौबाओ  के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
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मां के अंतिम संस्कार के लिए मांगी एआई से सलाह
  • जिमु न्यूज के अनुसार, झेजियांग प्रांत के जियाशान काउंटी के शि  की मां की अप्रैल में बीमारी के कारण मौत हो गई थी। पांच भाई-बहनों में सबसे छोटे शि ने मां के अंतिम संस्कार के लिए शुभ तारीख जानने की कोशिश की। चीन में ऐसी तारीखें पारंपरिक चीनी पंचांग से ली जाती हैं। ये पंचांग खगोलीय गतिविधियों पर आधारित प्राचीन मान्यताओं को दर्शाते हैं और कई चीनी लोग महत्वपूर्ण जीवन निर्णयों के लिए इनसे मार्गदर्शन लेते हैं।
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  • शि ने एआई चैटबॉट दौबाओ से पूछा कि उनकी मां के निधन के बाद अंतिम संस्कार के लिए कौन-सी तारीख सबसे उपयुक्त रहेगी। रिपोर्ट के अनुसार, चैटबॉट ने 19 अप्रैल की तारीख की सिफारिश की और इसे शुभ दिन बताया। शि ने यह सलाह अपने परिवार को बताई और परिवार ने इसी तारीख पर अंतिम संस्कार करने पर सहमति जताई। लेकिन बाद में जब शि ने दोबारा यही सवाल पूछा, तो चैटबॉट ने कहा कि 19 अप्रैल वास्तव में शुभ दिन नहीं है। तब तक परिवार के रिश्तेदारों को अंतिम संस्कार की तारीख के बारे में जानकारी दी जा चुकी थी, इसलिए तारीख बदलना मुश्किल हो गया। परिवार ने आखिरकार 19 अप्रैल को ही अंतिम संस्कार कर दिया।

अंतिम संस्कार के बाद रिश्तेदार के साथ हुआ हादसा
  • अंतिम संस्कार के कुछ ही समय बाद एक रिश्तेदार के साथ गंभीर सड़क दुर्घटना हो गई। इसके बाद परिवार के कुछ सदस्यों ने शिकायत की कि अंतिम संस्कार की तारीख गलत चुनी गई थी और इससे फेंग शुई बिगड़ गया। शि का कहना है कि 19 अप्रैल चोंग यानी टकराव वाला दिन था, जबकि उनके मुताबिक 20 अप्रैल बेहतर तारीख थी।
  • बता दें कि फेंग शुई चीन की एक पारंपरिक मान्यता या विचारधारा को कहते है, जिसमें किसी जगह, दिशा, समय और आसपास की ऊर्जा के संतुलन को जरूरी माना जाता है।

एआई कंपनी से शिकायत के बाद कोर्ट पहुंचे शि
  • शि का आराेप है कि वह दौबाओ के यूजर हैं और कई कामों के लिए इस एआई चैटबॉट पर निर्भर रहते हैं। उन्होंने कंपनी से शिकायत भी की, लेकिन उनके मुताबिक कोई जवाब नहीं मिला।
  • इसके बाद उन्होंने कंपनी के खिलाफ मुकदमा दायर करने का फैसला किया। यहां पर एक और हैरान करने वाली बात सामने आई है कि जिस एआई चैटबॉट की सलाह को लेकर विवाद हुआ, उसी दौबाओ ने शि को मुकदमे का ड्राफ्ट तैयार करने और कानूनी प्रक्रिया समझने में भी मदद की। शि अब कंपनी से माफी और नुकसान के मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

दौबाओ के यूजर एग्रीमेंट में क्या लिखा है?
  • हालांकि यहां पर एआई चैटबॉट को लेकर भी पक्ष सामने आया है। दौबाओ के यूजर एग्रीमेंट में साफ किया गया है कि एआई की ओर से तैयार किया गया कंटेंट सिर्फ संदर्भ के लिए है और इसे पेशेवर सलाह नहीं माना जाना चाहिए।
  • एग्रीमेंट में जरूरी मामलों में विशेषज्ञों से सलाह लेने की सिफारिश भी की गई है। साथ ही, अएआई की जानकारी के आधार पर लिए गए फैसलों की जिम्मेदारी यूजर की होने की बात कही गई है।

क्या शि जीत पाएंगे मुकदमा?
यह मामला अब जियाशान काउंटी कोर्ट में सुनवाई के लिए आया है। वकीलों के मुताबिक, शि के लिए मुकदमा जीतना मुश्किल हो सकता है। इसका एक प्रमुख कारण यह है कि एआई चैटबॉट की सलाह और बाद में हुई सड़क दुर्घटना के बीच सीधा कारण-संबंध साबित करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कोर्ट में यह भी देखा जा सकता है कि एआई की सलाह किस आधार पर दी गई थी और यूजर एग्रीमेंट में अएआई के जवाबों को लेकर क्या शर्तें लागू थीं। 
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