फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Technology ›   Tech Diary ›   govt strict rules against fake online shopping offers ecommerce guidelines 2027

ई-कॉमर्स साइट्स को दिखानी होगी 30 दिन पुरानी कीमत: फेक डील पर सरकार का बड़ा एक्शन, 2027 से बदलेंगे नियम

Thu, 24 Sep 2026 07:37 AM IST
नीतीश कुमार टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नीतीश कुमार Updated Thu, 24 Sep 2026 07:37 AM IST
सार

ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म्स पर मिलने वाले फेक डिस्काउंट और भ्रामक ऑफर्स पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने ई-कॉमर्स नियमों में बड़ा बदलाव किया है। 1 जनवरी 2027 से लागू होने वाले इन नए नियमों से ग्राहकों को असली डील और पूरी पारदर्शिता मिलेगी।

विज्ञापन
govt strict rules against fake online shopping offers ecommerce guidelines 2027
ऑनलाइन शॉपिंग पर अगले साल लागू होगा नया नियम। - फोटो : अमर उजाला (एआई जनरेटेड)

विस्तार

त्योहारी सीजन हो या कोई आम दिन, ऑनलाइन शॉपिंग साइट्स पर 'बंपर सेल' और 'भारी डिस्काउंट' के टैग अक्सर हमें अपनी तरफ खींच लेते हैं। लेकिन कई बार ये ऑफर्स सिर्फ आंखों का धोखा साबित होते हैं। अब ई-कॉमर्स कंपनियों के इस छलावे को जड़ से खत्म करने के लिए केंद्र सरकार ने कमर कस ली है। उपभोक्ता मामलों के विभाग ने 'कंज्यूमर प्रोटेक्शन (ई-कॉमर्स) (संशोधन) नियम, 2026' जारी किए हैं, जो 1 जनवरी 2027 से पूरे देश में प्रभावी हो जाएंगे। इन नए नियमों का सीधा मकसद ग्राहकों को डिजिटल ठगी से बचाकर एक साफ-सुथरा और पारदर्शी ई-कॉमर्स इकोसिस्टम तैयार करना है।
विज्ञापन


NCH में शिकायतों का अंबार
साल 2025 के आंकड़ों पर नजर डालें, तो नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) में कुल 17.71 लाख शिकायतें दर्ज हुईं, जिनमें से 29 प्रतिशत (करीब 5.11 लाख) शिकायतें केवल ई-कॉमर्स सेक्टर की थीं। ग्राहकों की बढ़ती परेशानियों को देखते हुए सरकार ने सभी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के लिए NCH सिस्टम के साथ जुड़ना अनिवार्य कर दिया है। इससे ग्राहकों की समस्याओं का निपटारा तेजी से हो सकेगा।
विज्ञापन


क्या-क्या बदल जाएगा 1 जनवरी 2027 से?
कीमतों का सच आएगा सामने: अब कंपनियां सेल से ठीक पहले दाम बढ़ाकर डिस्काउंट देने का नाटक नहीं कर पाएंगी। नए नियमों के अनुसार, अगर किसी प्रोडक्ट की कीमत घटाई गई है, तो प्लेटफॉर्म को उस प्रोडक्ट की 30 दिन पुरानी कीमत भी दिखानी होगी, ताकि ग्राहक असली डिस्काउंट का फर्क समझ सकें।
विज्ञापन
विज्ञापन


सर्च रिजल्ट और स्पॉन्सर्ड लिस्टिंग: ई-कॉमर्स साइट्स अब ग्राहकों के सर्च रिजल्ट्स में कोई हेराफेरी नहीं कर सकेंगी। इसके अलावा, जो प्रोडक्ट्स पैसे देकर प्रमोट किए जा रहे हैं, उन पर 'स्पॉन्सर्ड' (Sponsored) का टैग साफ तौर पर लगाना होगा।

डेटा प्राइवेसी और डार्क पैटर्न बैन: कंपनियों को डार्क पैटर्न (ग्राहकों को धोखे से फंसाने की डिजिटल ट्रिक्स) को रोकने के लिए 2023 की गाइडलाइंस माननी होंगी और हर साल ऑडिट कराना होगा। साथ ही, ग्राहक की साफ मंजूरी के बिना उनके निजी डेटा का किसी भी दूसरे काम में इस्तेमाल पूरी तरह प्रतिबंधित होगा।

अतिरिक्त फीस पर रोक और स्पष्ट जानकारी: प्लेटफॉर्म्स अब अपनी मुख्य सर्विस से अलग किसी गैर-जरूरी सर्विस के लिए 'बंडल फीस' नहीं वसूल सकेंगे। साथ ही, प्रोडक्ट की एक्सपायरी, रिफंड पॉलिसी, वारंटी और आयातित सामान के असली देश की जानकारी भी प्रमुखता से देनी होगी।


सरकार का यह कदम ई-कॉमर्स कंपनियों पर बेवजह का दबाव डाले बिना ग्राहकों के अधिकारों को मजबूत करने की एक शानदार पहल है। इससे डिजिटल शॉपिंग का अनुभव न सिर्फ सुरक्षित होगा, बल्कि ग्राहकों का भरोसा भी बढ़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all Tech News in Hindi related to live news update of latest mobile reviews apps, tablets etc. Stay updated with us for all breaking news from Tech and more Hindi News.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed