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बिना इंटरनेट चलने वाले Bitchat पर सरकार का हथौड़ा: एप को तुरंत हटाने का मिला नोटिस, जानिए क्यों बना खतरा
Fri, 24 Jul 2026 06:38 PM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Fri, 24 Jul 2026 06:38 PM IST
सार
बिना इंटरनेट और मोबाइल नेटवर्क के ब्लूटूथ से मैसेजिंग की सुविधा देने वाले Bitchat एप पर भारत सरकार ने सख्त एक्शन लिया है। गृह मंत्रालय की विंग (I4C) ने गिटहब (GitHub) को इसे तुरंत हटाने का आदेश दिया है। पूर्व ट्विटर सीईओ जैक डॉर्सी के इस एप का जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान काफी इस्तेमाल हुआ था।
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सरकार ने BitChat एप को देश की सुरक्षा के लिए खतरा बताया।
- फोटो : एआई जनरेटेड
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विस्तार
आज के डिजिटल युग में हम इंटरनेट के बिना मैसेजिंग की कल्पना भी नहीं कर सकते, लेकिन अगर कोई एप बिना इंटरनेट या मोबाइल नेटवर्क के धड़ल्ले से काम करे, तो वह सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती बन सकता है। ठीक ऐसा ही हुआ है 'बिचैट' (Bitchat) एप के साथ।
केंद्रीय गृह मंत्रालय की साइबर अपराध शाखा 'भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र' (I4C) ने माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) की सहायक कंपनी 'गिटहब' (GitHub) को एक सख्त नोटिस जारी करते हुए इस ब्लूटूथ-आधारित मैसेजिंग एप को अपने प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाने का निर्देश दिया है।
जैक डॉर्सी ने X पर जताई नाराजगी
सरकार के इस कड़े कदम के बाद, Bitchat के डेवलपर और ट्विटर के पूर्व सीईओ जैक डॉर्सी (Jack Dorsey) ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर 23 जुलाई का यह सरकारी नोटिस साझा किया। उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा, "भारत सरकार को बिचैट जैसी तकनीकें बिल्कुल पसंद नहीं हैं और वह इसे हर हाल में बंद करवाना चाहती है।" इस पूरे मामले पर I4C ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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आखिर क्यों खटकी सरकार की आंखें?
इस एप के रडार पर आने की मुख्य वजह हाल ही में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (Cockroach Janata Party) द्वारा किया गया एक प्रदर्शन है। दरअसल, प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार ने उस इलाके में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी थीं। लेकिन, इसके बावजूद कई प्रदर्शनकारियों ने एक-दूसरे से संपर्क साधने के लिए इसी ब्लूटूथ-आधारित Bitchat एप का जमकर इस्तेमाल किया।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए कैसे बड़ा सिरदर्द बना Bitchat?
I4C के नोटिस के अनुसार, यह एप सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा खतरा है। इसका तकनीकी ढांचा पूरी तरह से डीसेंट्रलाइज्ड पीयर-टू-पीयर (P2P) ब्लूटूथ मेश नेटवर्क पर काम करता है। इसे चलाने के लिए न तो मोबाइल नेटवर्क की जरूरत होती है और न ही किसी सर्वर की। फोन से किया जाने वाला मैसेज फोन पर ही सेव रहता है, इसलिए मैसेज ट्रेस करना बेहद मुश्किल बन जाता है।
गुमनाम और गुप्त मैसेजिंग: इस एप पर अकाउंट बनाने के लिए किसी फोन नंबर के वेरिफिकेशन या यूजर रजिस्ट्रेशन की कोई आवश्यकता नहीं होती, जिससे यूजर्स की पहचान पूरी तरह गुप्त रहती है।
कानून की पहुंच से बाहर: इसका डिजाइन ऐसा है कि पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों के लिए संदेशों को इंटरसेप्ट करना (ट्रेस करना) या अपराधियों की पहचान करना लगभग असंभव हो जाता है।
डेटा की अनुपलब्धता: चूंकि इस एप का कोई सेंट्रलाइज्ड सर्विस प्रोवाइडर नहीं है, इसलिए जांच एजेंसियों को जरूरत पड़ने पर कोई सब्सक्राइबर डेटा या कम्युनिकेशन रिकॉर्ड भी नहीं मिल पाता।
देश की सुरक्षा को खतरा
कानूनी शिकंजा
I4C ने गिटहब को भेजे गए अपने नोटिस में स्पष्ट किया है कि Bitchat एप द्वारा होस्ट किया जा रहा कंटेंट कानूनन वर्जित है। यह सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धारा 43, 84B और 84C के साथ-साथ धारा 61 (जिसे 196 और 197 के साथ पढ़ा जाए) का स्पष्ट रूप से उल्लंघन करता है। अब GitHub इस नोटिस पर क्या कदम उठाता है और Bitchat भारत में उपलब्ध रहेगा या नहीं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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केंद्रीय गृह मंत्रालय की साइबर अपराध शाखा 'भारतीय साइबर अपराध समन्वय केंद्र' (I4C) ने माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) की सहायक कंपनी 'गिटहब' (GitHub) को एक सख्त नोटिस जारी करते हुए इस ब्लूटूथ-आधारित मैसेजिंग एप को अपने प्लेटफॉर्म से तुरंत हटाने का निर्देश दिया है।
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जैक डॉर्सी ने X पर जताई नाराजगी
सरकार के इस कड़े कदम के बाद, Bitchat के डेवलपर और ट्विटर के पूर्व सीईओ जैक डॉर्सी (Jack Dorsey) ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर 23 जुलाई का यह सरकारी नोटिस साझा किया। उन्होंने अपनी नाराजगी जाहिर करते हुए लिखा, "भारत सरकार को बिचैट जैसी तकनीकें बिल्कुल पसंद नहीं हैं और वह इसे हर हाल में बंद करवाना चाहती है।" इस पूरे मामले पर I4C ने अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
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आखिर क्यों खटकी सरकार की आंखें?
इस एप के रडार पर आने की मुख्य वजह हाल ही में नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर 'कॉकरोच जनता पार्टी' (Cockroach Janata Party) द्वारा किया गया एक प्रदर्शन है। दरअसल, प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सरकार ने उस इलाके में इंटरनेट सेवाएं अस्थायी रूप से बंद कर दी थीं। लेकिन, इसके बावजूद कई प्रदर्शनकारियों ने एक-दूसरे से संपर्क साधने के लिए इसी ब्लूटूथ-आधारित Bitchat एप का जमकर इस्तेमाल किया।
सुरक्षा एजेंसियों के लिए कैसे बड़ा सिरदर्द बना Bitchat?
I4C के नोटिस के अनुसार, यह एप सुरक्षा के लिहाज से एक बड़ा खतरा है। इसका तकनीकी ढांचा पूरी तरह से डीसेंट्रलाइज्ड पीयर-टू-पीयर (P2P) ब्लूटूथ मेश नेटवर्क पर काम करता है। इसे चलाने के लिए न तो मोबाइल नेटवर्क की जरूरत होती है और न ही किसी सर्वर की। फोन से किया जाने वाला मैसेज फोन पर ही सेव रहता है, इसलिए मैसेज ट्रेस करना बेहद मुश्किल बन जाता है।
गुमनाम और गुप्त मैसेजिंग: इस एप पर अकाउंट बनाने के लिए किसी फोन नंबर के वेरिफिकेशन या यूजर रजिस्ट्रेशन की कोई आवश्यकता नहीं होती, जिससे यूजर्स की पहचान पूरी तरह गुप्त रहती है।
कानून की पहुंच से बाहर: इसका डिजाइन ऐसा है कि पुलिस या सुरक्षा एजेंसियों के लिए संदेशों को इंटरसेप्ट करना (ट्रेस करना) या अपराधियों की पहचान करना लगभग असंभव हो जाता है।
डेटा की अनुपलब्धता: चूंकि इस एप का कोई सेंट्रलाइज्ड सर्विस प्रोवाइडर नहीं है, इसलिए जांच एजेंसियों को जरूरत पड़ने पर कोई सब्सक्राइबर डेटा या कम्युनिकेशन रिकॉर्ड भी नहीं मिल पाता।
देश की सुरक्षा को खतरा
- नोटिस में साफ तौर पर चेतावनी दी गई है कि इंटरनेट शटडाउन के दौरान भी काम करने की इसकी क्षमता का फायदा देश-विरोधी तत्व, आतंकी संगठन और संगठित अपराधी आसानी से उठा सकते हैं।
- खुफिया इनपुट्स से भी यह सामने आया है कि इस तरह के प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल हिंसक प्रदर्शनों को भड़काने, अफवाहें और भ्रामक जानकारी फैलाने, कट्टरपंथ को बढ़ावा देने और आपराधिक साजिशों को अंजाम देने के लिए किया जा सकता है। यह भारत की संप्रभुता, अखंडता, रक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए सीधा खतरा है।
कानूनी शिकंजा
I4C ने गिटहब को भेजे गए अपने नोटिस में स्पष्ट किया है कि Bitchat एप द्वारा होस्ट किया जा रहा कंटेंट कानूनन वर्जित है। यह सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की धारा 43, 84B और 84C के साथ-साथ धारा 61 (जिसे 196 और 197 के साथ पढ़ा जाए) का स्पष्ट रूप से उल्लंघन करता है। अब GitHub इस नोटिस पर क्या कदम उठाता है और Bitchat भारत में उपलब्ध रहेगा या नहीं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं।