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म्यूज एआई की बड़ी चूक: यूजर से बिना पूछे घटाई सामान की कीमत, फिर अजनबी को भेज दिया घर का पता
Mon, 28 Sep 2026 06:29 PM IST
नीतीश कुमार
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
टेक डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: नीतीश कुमार
Updated Mon, 28 Sep 2026 06:29 PM IST
सार
मेटा का नया एआई एजेंट Muse शानदार खूबियों के बावजूद यूजर्स के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। हाल ही में इस नए एआई एजेंट ने फेसबुक मार्केट प्लेस पर सामान बेचने वाले से बिना परमिशन लिए उसकी कीमत घटा कर डील पक्की कल ली। इसके बाद एक अजनबी खरीदार को घर का पता देकर गंभीर सुरक्षा खामियों को न्योता दे दिया।
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मेटा (सांकेतिक)
- फोटो : Meta
विस्तार
मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा (Meta) का नया एआई एजेंट म्यूज (Muse) इन दिनों टेक जगत में खूब सुर्खियां बटोर रहा है। अपनी सादगी और बेहतरीन फीचर्स के चलते यह ऐप स्टोर के टॉप चार्ट्स पर राज कर रहा है। लेकिन जैसे-जैसे इसका इस्तेमाल बढ़ रहा है, इसकी बड़ी गलतियां भी सामने आने लगी हैं। हाल ही में इस एआई टूल ने कुछ ऐसा कर दिया जिसने यूजर्स की प्राइवेसी और एआई को दी जाने वाली आजादी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
बिना पूछे कर दी डील, खरीदार को बुला लिया घर
म्यूज एआई की सबसे बड़ी फजीहत तब हुई जब उसने एक मशहूर टेक यूट्यूबर मैट रॉब (Matt Robb) के साथ बड़ी धोखाधड़ी कर दी। रॉब अपने फेसबुक मार्केटप्लेस (Facebook Marketplace) अकाउंट को मैनेज करने के लिए इस एआई का इस्तेमाल कर रहे थे, जहां उन्होंने एक कीबोर्ड बेचने के लिए लिस्ट किया था। रॉब के इंस्टाग्राम थ्रेड्स (Threads) पोस्ट के मुताबिक, इस स्मार्ट एआई एजेंट ने उनकी बिना किसी इजाजत के एक खरीदार से कम कीमत पर डील पक्की कर ली। हद तो तब हो गई जब एआई ने उस अजनबी खरीदार को प्रोडक्ट पिकअप के लिए रॉब के घर का पूरा पता दे दिया। यूट्यूबर को इस पूरे वाकये की भनक तब लगी जब रात करीब 9:15 बजे वह अजनबी खरीदार उनके दरवाजे पर आकर खड़ा हो गया।
रॉब उस वक्त उपलब्ध नहीं थे, जिसके कारण खरीदार को लंबा इंतजार करना पड़ा और उसने गुस्से में आकर उन्हें नेगेटिव रेटिंग दे दी। लेकिन एआई की मनमानी यहीं नहीं रुकी। जब खरीदार बाहर खड़ा था, तब म्यूज एआई ने रात 9:27 बजे एक ऑटोमेटेड मैसेज भेजकर कहा- "हां, मैं यहीं हूं!"। बाद में इस एआई ने अपनी गलती मानते हुए माफी मांगी और भविष्य में बिना परमिशन पिकअप तय न करने का वादा किया।
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यूजर का नाम ही भूल गया AI
म्यूज की गलतियों का यह कोई इकलौता मामला नहीं है। थ्रेड्स प्लेटफॉर्म के ही एक अन्य यूजर जैन मानजी (Zain Manji) ने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए बताया कि जब वह इस एआई की मदद से अपनी साप्ताहिक ग्रोसरी लिस्ट तैयार कर रहे थे, तो एआई ने अचानक उन्हें "अर्जुन" कहकर बुलाने लगा। जब यूजर ने टोकते हुए इस गलती का कारण पूछा, तो एआई ने पहले पुराने निर्देशों का बहाना बनाया, लेकिन बाद में अपनी गलती स्वीकार कर ली कि पुरानी चैट में अर्जुन नाम का कोई जिक्र नहीं था।
पर्सनल डेटा पर मंडरा रहा है बड़ा खतरा!
म्यूज एआई की मनमानी के अलावा इसकी सुरक्षा को लेकर भी बड़े खुलासे हुए हैं। 'द इंफॉर्मेशन' की एक रिपोर्ट के अनुसार, मेटा के बग बाउंटी प्रोग्राम के तहत एक सिक्योरिटी रिसर्चर ने इस एआई में एक गंभीर खामी (वल्नेरेबिलिटी) का पता लगाया है।
इस सुरक्षा चूक के जरिए कोई भी हैकर यूजर की वर्चुअल मशीन (Virtual Machine) का एक्सेस हासिल कर सकता है, जहां आपके निजी ईमेल और जरूरी फाइल्स जैसी संवेदनशील जानकारी सेव होती है। मेटा ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे SEV-2 (गंभीर सुरक्षा मुद्दा) की कैटेगरी में रखा है और ऐप में सेफ्टी वार्निंग जोड़ दी है। हालांकि, अभी तक किसी यूजर का डेटा चोरी होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इन घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि एआई एजेंट्स को व्यक्तिगत जानकारी और कनेक्टेड अकाउंट्स तक कितनी पहुंच दी जानी चाहिए। जैसे-जैसे AI खुद यूजर की ओर से ज्यादा काम करने लगेगा, उसकी गलती की स्थिति में परमिशन, प्राइवेसी और जवाबदेही जैसे मुद्दे भी उतने ही अहम होते जाएंगे।
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बिना पूछे कर दी डील, खरीदार को बुला लिया घर
म्यूज एआई की सबसे बड़ी फजीहत तब हुई जब उसने एक मशहूर टेक यूट्यूबर मैट रॉब (Matt Robb) के साथ बड़ी धोखाधड़ी कर दी। रॉब अपने फेसबुक मार्केटप्लेस (Facebook Marketplace) अकाउंट को मैनेज करने के लिए इस एआई का इस्तेमाल कर रहे थे, जहां उन्होंने एक कीबोर्ड बेचने के लिए लिस्ट किया था। रॉब के इंस्टाग्राम थ्रेड्स (Threads) पोस्ट के मुताबिक, इस स्मार्ट एआई एजेंट ने उनकी बिना किसी इजाजत के एक खरीदार से कम कीमत पर डील पक्की कर ली। हद तो तब हो गई जब एआई ने उस अजनबी खरीदार को प्रोडक्ट पिकअप के लिए रॉब के घर का पूरा पता दे दिया। यूट्यूबर को इस पूरे वाकये की भनक तब लगी जब रात करीब 9:15 बजे वह अजनबी खरीदार उनके दरवाजे पर आकर खड़ा हो गया।
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रॉब उस वक्त उपलब्ध नहीं थे, जिसके कारण खरीदार को लंबा इंतजार करना पड़ा और उसने गुस्से में आकर उन्हें नेगेटिव रेटिंग दे दी। लेकिन एआई की मनमानी यहीं नहीं रुकी। जब खरीदार बाहर खड़ा था, तब म्यूज एआई ने रात 9:27 बजे एक ऑटोमेटेड मैसेज भेजकर कहा- "हां, मैं यहीं हूं!"। बाद में इस एआई ने अपनी गलती मानते हुए माफी मांगी और भविष्य में बिना परमिशन पिकअप तय न करने का वादा किया।
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यूजर का नाम ही भूल गया AI
म्यूज की गलतियों का यह कोई इकलौता मामला नहीं है। थ्रेड्स प्लेटफॉर्म के ही एक अन्य यूजर जैन मानजी (Zain Manji) ने स्क्रीनशॉट शेयर करते हुए बताया कि जब वह इस एआई की मदद से अपनी साप्ताहिक ग्रोसरी लिस्ट तैयार कर रहे थे, तो एआई ने अचानक उन्हें "अर्जुन" कहकर बुलाने लगा। जब यूजर ने टोकते हुए इस गलती का कारण पूछा, तो एआई ने पहले पुराने निर्देशों का बहाना बनाया, लेकिन बाद में अपनी गलती स्वीकार कर ली कि पुरानी चैट में अर्जुन नाम का कोई जिक्र नहीं था।
पर्सनल डेटा पर मंडरा रहा है बड़ा खतरा!
म्यूज एआई की मनमानी के अलावा इसकी सुरक्षा को लेकर भी बड़े खुलासे हुए हैं। 'द इंफॉर्मेशन' की एक रिपोर्ट के अनुसार, मेटा के बग बाउंटी प्रोग्राम के तहत एक सिक्योरिटी रिसर्चर ने इस एआई में एक गंभीर खामी (वल्नेरेबिलिटी) का पता लगाया है।
इस सुरक्षा चूक के जरिए कोई भी हैकर यूजर की वर्चुअल मशीन (Virtual Machine) का एक्सेस हासिल कर सकता है, जहां आपके निजी ईमेल और जरूरी फाइल्स जैसी संवेदनशील जानकारी सेव होती है। मेटा ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए इसे SEV-2 (गंभीर सुरक्षा मुद्दा) की कैटेगरी में रखा है और ऐप में सेफ्टी वार्निंग जोड़ दी है। हालांकि, अभी तक किसी यूजर का डेटा चोरी होने की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इन घटनाओं ने एक बार फिर यह सवाल सामने ला दिया है कि एआई एजेंट्स को व्यक्तिगत जानकारी और कनेक्टेड अकाउंट्स तक कितनी पहुंच दी जानी चाहिए। जैसे-जैसे AI खुद यूजर की ओर से ज्यादा काम करने लगेगा, उसकी गलती की स्थिति में परमिशन, प्राइवेसी और जवाबदेही जैसे मुद्दे भी उतने ही अहम होते जाएंगे।